Whirlpool India Q1 Results: कंज्यूमर ड्युरेबल सेक्टर की दिग्गज कंपनी व्हर्लपूल ऑफ इंडिया (Whirlpool India) के जून 2026 तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे निवेशकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 29% घटकर ₹103 करोड़ रह गया। हालांकि कंपनी की बिक्री (Revenue) में 12% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती कीमतों, कर्मचारियों पर बढ़े खर्च और ऑपरेटिंग लागत में इजाफे ने कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना दिया। कमजोर नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी कारोबार के दौरान लगभग 5% तक की गिरावट देखने को मिली।
Q1 में 29% घटा Whirlpool India का मुनाफा
व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने जून तिमाही में ₹103 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹146 करोड़ था। यानी कंपनी के मुनाफे में 29.4% की सालाना गिरावट दर्ज की गई।
वहीं दूसरी ओर कंपनी का राजस्व (Revenue) बेहतर रहा। जून तिमाही में कंपनी की कुल आय 12% बढ़कर ₹2,727 करोड़ पहुंच गई, जो एक साल पहले ₹2,432 करोड़ थी। इससे साफ है कि बिक्री बढ़ी, लेकिन बढ़ती लागत के कारण कंपनी मुनाफा नहीं बचा सकी।
EBITDA और मार्जिन में तेज गिरावट
कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन में भी कमजोरी देखने को मिली।
- EBITDA: ₹211 करोड़ से घटकर ₹140 करोड़
- गिरावट: करीब 34%
- EBITDA Margin: 8.7% से घटकर 5%
मार्जिन में यह गिरावट बताती है कि कंपनी की लागत तेजी से बढ़ी है, जिसका असर सीधे ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर पड़ा।
बढ़ती लागत ने घटाया मुनाफा
Whirlpool India के कुल खर्च में इस तिमाही उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
| खर्च का विवरण | Q1 FY26 | Q1 FY27 |
|---|---|---|
| कुल खर्च | ₹2,289.9 करोड़ | ₹2,656.9 करोड़ |
| कच्चा माल व पार्ट्स | ₹1,187.3 करोड़ | ₹1,427 करोड़ |
| कर्मचारियों पर खर्च | ₹221.1 करोड़ | ₹242.9 करोड़ |
| अन्य ऑपरेटिंग खर्च | ₹380.7 करोड़ | ₹439.3 करोड़ |
कच्चे माल और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही, जिससे मुनाफे पर सीधा असर पड़ा।
टैक्स से पहले का मुनाफा भी घटा
कंपनी का Profit Before Tax (PBT) भी घटकर ₹138.8 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹196.4 करोड़ था।
इसके अलावा,
- डेप्रिसिएशन एवं अमॉर्टाइजेशन खर्च: ₹53.6 करोड़ से बढ़कर ₹54.5 करोड़
- फाइनेंस कॉस्ट: लगभग स्थिर रही और ₹14.8 करोड़ रही।
- कुल Comprehensive Income: ₹103.8 करोड़, जबकि पिछले वर्ष यह ₹146.6 करोड़ थी।
मैनेजमेंट में हुए कई बड़े बदलाव
कंपनी ने तिमाही नतीजों के साथ वरिष्ठ प्रबंधन में भी बदलावों की घोषणा की।
- अनीश आहूजा को 1 सितंबर से Whirlpool India Kitchen Appliances Pvt. Ltd. का Chief Operating Officer (COO) नियुक्त किया गया।
- अंकित गुप्ता, हेड ऑफ मैन्युफैक्चरिंग फाइनेंस ने इस्तीफा दिया, जो 14 अगस्त से प्रभावी होगा।
- सौरव चक्रवर्ती 10 अगस्त से कंपनी के नए Head of Finance की जिम्मेदारी संभालेंगे।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका मुख्य कारोबार अभी भी होम अप्लायंसेज सेगमेंट में ही है और वित्तीय नतीजों में उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Whirlpool of India Kitchen Appliances Pvt. Ltd. का प्रदर्शन भी शामिल है।
पैरेंट कंपनी ने भी घटाया अनुमान
इस सप्ताह की शुरुआत में Whirlpool India की पैरेंट कंपनी Whirlpool Corporation ने वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता मांग कमजोर रहने का हवाला देते हुए पूरे साल की कमाई (Earnings Guidance) का अनुमान घटा दिया था। इसका असर निवेशकों की धारणा पर भी देखने को मिला।
शेयर में 5% तक की गिरावट
कमजोर तिमाही नतीजों के बाद Whirlpool India के शेयर पर दबाव देखने को मिला।
- इंट्राडे में शेयर 4.8% गिरकर ₹781.15 तक पहुंच गया।
- बाद में कुछ रिकवरी आई और शेयर 1.49% की गिरावट के साथ ₹808.30 पर बंद हुआ।
- वर्ष 2026 में अब तक कंपनी का शेयर करीब 10% कमजोर हो चुका है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Whirlpool India की बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि यह दिखाती है कि कंपनी के उत्पादों की मांग बनी हुई है। हालांकि, बढ़ती इनपुट कॉस्ट और ऑपरेटिंग खर्च ने कंपनी के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव डाला है। आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी लागत नियंत्रण और मार्जिन सुधारने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


