Kanwar Yatra 2026: सावन के पवित्र महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 (सावन शिवरात्रि) तक चलेगी। लाखों शिवभक्त हरिद्वार, गंगोत्री और गौमुख से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए रवाना हो चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें नमो भारत (Namo Bharat) के 17 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट में बदलाव, कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद, ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करना शामिल है।
कांवड़ यात्रा के दौरान ‘नमो भारत’ के 17 स्टेशन रहेंगे प्रभावित
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक गाजियाबाद और मोदीनगर के बीच आने वाले 17 नमो भारत स्टेशनों पर कुछ प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है।
प्रभावित स्टेशन
- मोदीनगर
- मेरठ नॉर्थ
- एमईएस कॉलोनी
- बेगमपुल
- भैंसाली
- मेरठ सेंट्रल
- ब्रह्मपुरी
- शताब्दी नगर
- रिठानी
- परतापुर
- मेरठ साउथ
- मोदीनगर नॉर्थ
- मोदीनगर साउथ
- मुरादनगर
- दुहाई
- गुलधर
- गाजियाबाद
अधिकांश स्टेशनों पर गेट नंबर-2 बंद रहेगा। वहीं,
- बेगमपुल स्टेशन पर गेट नंबर 2 और 3 बंद रहेंगे।
- दुहाई स्टेशन पर गेट नंबर 3 और 4 बंद रहेंगे।
- गाजियाबाद स्टेशन पर गेट नंबर 3 और 5 बंद रहेंगे।
यात्रियों से वैकल्पिक प्रवेश और निकास द्वारों का उपयोग करने की अपील की गई है।
पार्किंग सुविधा भी रहेगी प्रभावित
एनसीआरटीसी ने बताया कि जिन स्टेशनों के प्रवेश द्वार बंद रहेंगे, वहां संबंधित हिस्सों की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी। हालांकि सराय काले खां-मोदीनगर कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।
ट्रेन संचालन
- सुबह: 6:00 बजे
- रात: 10:00 बजे
- हर 8 मिनट के अंतराल पर ट्रेन सेवा उपलब्ध रहेगी।
- यह व्यवस्था 14 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी।
मेरठ, गाजियाबाद और बागपत में स्कूल-कॉलेज बंद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
मेरठ
- 12 अगस्त तक अवकाश
- कक्षा 1 से 12 तक सभी स्कूल बंद
- सरकारी एवं निजी कॉलेज
- विश्वविद्यालय
- तकनीकी संस्थान भी बंद रहेंगे
गाजियाबाद
- 4 अगस्त से 12 अगस्त तक
- नर्सरी से 12वीं तक सभी स्कूल बंद
- कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान भी बंद
बागपत
- 3 अगस्त से 12 अगस्त तक
- कक्षा 1 से 12 तक सभी सरकारी और निजी विद्यालय बंद
प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लिया गया है।
कब शुरू हुई कांवड़ यात्रा 2026?
इस वर्ष कांवड़ यात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हुई है। इसका समापन 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन होगा। इसी दिन श्रद्धालु भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़िए कहां से लाते हैं गंगाजल?
हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालु मुख्य रूप से इन स्थानों से गंगाजल ला रहे हैं—
- हरिद्वार
- गंगोत्री
- गौमुख
इसके अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन प्रमुख शिवधामों में भी दर्शन करते हैं—
- नीलकंठ महादेव मंदिर (ऋषिकेश)
- बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर)
- काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी)
ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है।
मुख्य बदलावों में शामिल हैं—
- दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध
- गंगा नहर मार्ग पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था
- कई मार्ग केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित
- अन्य वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट निर्धारित
प्रशासन ने लोगों से यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की सलाह दी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
प्रमुख व्यवस्थाएं—
- हजारों CCTV कैमरों से निगरानी
- ड्रोन सर्विलांस
- अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
- विशेष गश्ती दल
- मेडिकल कैंप और एंबुलेंस
- सहायता केंद्र
- बिजली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए कांवड़ और डीजे सिस्टम की ऊंचाई संबंधी नियम
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा करने की अपील की है।
यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह
यदि आप 4 से 12 अगस्त के बीच नमो भारत ट्रेन से यात्रा करने वाले हैं, तो स्टेशन पहुंचने से पहले अपने स्टेशन के खुले प्रवेश द्वार की जानकारी जरूर लें। वहीं, मेरठ, गाजियाबाद और बागपत के निवासियों को स्कूल बंद रहने और ट्रैफिक डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की पहले से योजना बनानी चाहिए।


