Trisha Remark Row: अभिनेता तृषा कृष्णन पर कथित विवादित टिप्पणी को लेकर गिरफ्तार किए गए डीएमके नेता और तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने रिहा होने के बाद राज्य सरकार और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के अधिकारों के लिए उन्हें 100 बार भी गिरफ्तार होना पड़े, तो वे इसके लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उन्हें एक आतंकवादी की तरह व्यवहार का सामना करना पड़ा।
तृषा कृष्णन पर कथित विवादित टिप्पणी को लेकर गिरफ्तार किए गए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता और तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने रिहा होने के बाद अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे उठाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया और यदि किसानों के हितों के लिए उन्हें 100 बार भी गिरफ्तार होना पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
मंगलवार को पुलिस थाने से रिहा होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की है।
‘सरकार किसानों के मुद्दों से ध्यान भटका रही है’
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी का मकसद किसानों से जुड़े अहम मुद्दों को दबाना था। उन्होंने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो सरकार किसानों की परेशानियां दूर नहीं कर पा रही है, वही सरकार अब विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इसे “सोफा मॉडल सरकार” बताते हुए कहा कि प्रशासन जनता की समस्याओं को हल करने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रहा है।
‘100 बार गिरफ्तार होना पड़े तो भी तैयार हूं’
डीएमके नेता ने कहा कि यदि किसानों के अधिकारों की आवाज उठाने की कीमत गिरफ्तारी है, तो वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जनता के हितों की लड़ाई किसी भी कीमत पर जारी रहेगी और झूठे मामलों से वे डरने वाले नहीं हैं।
‘आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया’
उदयनिधि स्टालिन ने अपनी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि उन्हें चेन्नई से तंजावुर तक करीब 400 किलोमीटर सड़क मार्ग से ले जाया गया और इस दौरान लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वे कोई आतंकवादी हों। उनके अनुसार पूरी कार्रवाई अनावश्यक रूप से कठोर थी।
‘मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया’
उदयनिधि स्टालिन ने तृषा कृष्णन पर कथित ‘द्विअर्थी टिप्पणी’ के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका भाषण केवल कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु के किसानों को दिलाने की मांग से जुड़ा था और उसमें किसी भी तरह की आपत्तिजनक या महिला विरोधी टिप्पणी नहीं थी।
उन्होंने दावा किया कि उनके भाषण के कुछ हिस्सों को काट-छांटकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे गलत संदेश गया। उनके अनुसार उन्होंने केवल किसानों के लिए पानी की आवश्यकता पर बात की थी और किसी अभिनेत्री या महिला का अपमान करने का उनका कोई इरादा नहीं था।
महिलाओं के सम्मान पर क्या बोले उदयनिधि?
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु की हर महिला उनके लिए परिवार का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे महिलाओं का सम्मान करते हैं और किसी भी महिला के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने की सोच भी नहीं सकते। उन्होंने उन राजनीतिक दलों पर भी नाराजगी जताई जिन्होंने पूरा भाषण सुने बिना उनकी आलोचना की।
गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहाई
पुलिस ने मंगलवार को उदयनिधि स्टालिन को उनके चेन्नई स्थित आवास से हिरासत में लिया था और बाद में पूछताछ के लिए तंजावुर ले जाया गया। सेंगीपट्टी पुलिस थाने में पूछताछ के बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता पुलिस थाने के बाहर पहुंचे और उनका स्वागत किया।
विवाद क्या है?
पूरा विवाद उदयनिधि स्टालिन के एक भाषण को लेकर शुरू हुआ, जिसमें उनके विरोधियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर ‘द्विअर्थी’ टिप्पणी की। हालांकि उदयनिधि का कहना है कि उनका पूरा भाषण किसानों के लिए कावेरी जल छोड़ने की मांग पर केंद्रित था और उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। इस मामले ने तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।


