HDFC Bank AGM 2026: देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC Bank की 32वीं वार्षिक आम बैठक (Annual General Meeting-AGM) 5 अगस्त 2026 को होने जा रही है। इस बार की AGM कई अहम फैसलों के कारण निवेशकों और बाजार की नजरों में है। बैठक में नए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नियुक्ति, वित्त वर्ष 2025-26 के डिविडेंड को मंजूरी, फंड जुटाने की योजना और बोर्ड से जुड़े कई प्रस्तावों पर शेयरधारकों की सहमति ली जाएगी। इसके साथ ही बैंक के अगले MD एवं CEO की नियुक्ति को लेकर भी बाजार की निगाहें टिकी हुई हैं।
मंगलवार को HDFC Bank का शेयर 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुआ।
क्यों खास है HDFC Bank की 32वीं AGM?
इस साल की AGM इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बैंक को नए चेयरमैन की नियुक्ति करनी है।
दूसरी ओर, बैंक के मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल भी अब अंतिम चरण में है। उनका कार्यकाल समाप्त होने में तीन महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि बैंक नए CEO की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर क्या संकेत देता है।
नए CEO को लेकर क्या है स्थिति?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक किसी भी बैंक को नए CEO की नियुक्ति के लिए कम से कम छह महीने पहले नाम की सिफारिश भेजनी होती है।
हालांकि अब तक HDFC Bank ने आधिकारिक तौर पर उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। ऐसे में AGM के दौरान निवेशक इस विषय पर बैंक प्रबंधन की टिप्पणी का इंतजार करेंगे।
AGM में डिविडेंड पर लगेगी मुहर
AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों को शेयरधारकों के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही बैंक द्वारा घोषित डिविडेंड को मंजूरी भी ली जाएगी।
डिविडेंड का प्रस्ताव पारित होने के बाद पात्र शेयरधारकों को तय रिकॉर्ड डेट के अनुसार लाभ मिलेगा।
फंड जुटाने के लिए मांगी जाएगी मंजूरी
HDFC Bank अपनी पूंजी को मजबूत बनाने के लिए AGM में शेयरधारकों से विभिन्न माध्यमों से फंड जुटाने की अनुमति मांगेगा।
बैंक निम्नलिखित बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव रखेगा—
- AT-1 (Additional Tier-1) Bonds
- Tier-II Bonds
- इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड
ये सभी बॉन्ड Private Placement के जरिए जारी किए जाएंगे। इससे बैंक को भविष्य में कर्ज वितरण और पूंजी पर्याप्तता (Capital Adequacy) बनाए रखने में मदद मिलेगी।
राजीव कुमार बन सकते हैं नए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन
AGM में बैंक राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त करने का प्रस्ताव शेयरधारकों के सामने रखेगा।
यदि शेयरधारक इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं तो RBI की स्वीकृति के अनुसार उन्हें—
- सालाना 50 लाख रुपये का निश्चित पारिश्रमिक मिलेगा।
- बोर्ड एवं विभिन्न समितियों की बैठकों में भाग लेने पर सिटिंग फीस मिलेगी।
- बैंक की कार का आधिकारिक और निजी दोनों उद्देश्यों के लिए उपयोग करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती को कितना भुगतान मिला?
राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती HDFC Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन थे।
वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें—
- 59 लाख रुपये सिटिंग फीस
- 48.25 लाख रुपये निश्चित पारिश्रमिक
मिला। इस तरह कुल भुगतान 1.07 करोड़ रुपये रहा।
उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दे दिया था, इसलिए उन्हें पूरे वर्ष के बजाय कार्यकाल के अनुपात में भुगतान किया गया।
निदेशक वी. श्रीनिवास रंगन की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव
AGM में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव वी. श्रीनिवास रंगन की पुनर्नियुक्ति से जुड़ा होगा।
रोटेशन के तहत उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है और बैंक उन्हें दोबारा निदेशक (Director) के रूप में नियुक्त करने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगा।
शेयर प्रदर्शन कैसा रहा?
HDFC Bank का शेयर मंगलवार को 1.86% गिरकर 739 रुपये पर बंद हुआ।
पिछले एक वर्ष में बैंक के शेयर में करीब 25.80% की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में निवेशकों की नजर AGM से निकलने वाले फैसलों और प्रबंधन की भविष्य की रणनीति पर रहेगी, क्योंकि ये बैंक के शेयरों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता।


