Gift Nifty Indicator: सोमवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की वजह से निफ्टी में आई तेज़ छलांग के बाद मंगलवार को बाजार की शुरुआत अपेक्षाकृत शांत रहने के संकेत मिल रहे हैं। सुबह के कारोबार में Gift Nifty हल्की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय शेयर बाजार की ओपनिंग लगभग फ्लैट या मामूली कमजोरी के साथ हो सकती है। हालांकि अमेरिकी बाजारों की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों की नजरें बाजार की दिशा तय करेंगी।
इस सप्ताह निवेशकों के लिए कई बड़े ट्रिगर मौजूद हैं। एक ओर RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) का फैसला आने वाला है, वहीं दूसरी ओर जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे भी बाजार की चाल तय करेंगे। ऐसे में ट्रेडर्स और निवेशक दोनों ही सतर्क नजर आ रहे हैं।
Gift Nifty से क्या मिल रहे हैं संकेत?
मंगलवार सुबह करीब 8:10 बजे Gift Nifty एनएसई आईएफएससी पर 24,655 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले सेशन की क्लोजिंग से करीब 10 अंक नीचे था। इससे संकेत मिलते हैं कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत सीमित दायरे में हो सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि सोमवार को लागू हुए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के पहले दिन निफ्टी के आधिकारिक क्लोजिंग स्तर में अच्छी-खासी बढ़त देखने को मिली थी। ऐसे में मंगलवार की संभावित ओपनिंग उस आधिकारिक क्लोजिंग लेवल से नीचे रहने की संभावना जताई जा रही है।
सोमवार को रिकॉर्ड तेजी के साथ बंद हुआ बाजार
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे सत्र की तेजी देखने को मिली। सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी के चलते निवेशकों का उत्साह बना रहा।
- सेंसेक्स 544.39 अंक यानी 0.70% की बढ़त के साथ 78,639.03 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 390.70 अंक यानी 1.60% उछलकर 24,774.30 के स्तर पर बंद हुआ।
बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
वॉल स्ट्रीट की मजबूती से मिला वैश्विक सपोर्ट
अमेरिकी शेयर बाजारों ने अगस्त की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी।
अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन:
- Dow Jones में 1.32% की बढ़त
- S&P 500 1.48% मजबूत
- Nasdaq Composite 2.13% उछला
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों ने बाजार की धारणा को मजबूत किया है। साथ ही ट्रेजरी यील्ड में नरमी और बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
अमेरिकी तेजी के बावजूद मंगलवार सुबह एशियाई बाजारों में सतर्क कारोबार देखने को मिला।
- जापान का निक्केई 225 लगभग 0.3% फिसला।
- दक्षिण कोरिया के बाजार में करीब 2% से अधिक की तेजी दर्ज हुई।
- MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में हल्की बढ़त रही।
इससे संकेत मिलते हैं कि वैश्विक संकेत पूरी तरह कमजोर नहीं हैं, लेकिन निवेशक बड़े आर्थिक फैसलों से पहले सतर्क बने हुए हैं।
कच्चे तेल में आई रिकवरी
सोमवार को करीब 7% की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की रिकवरी देखने को मिली।
- ब्रेंट क्रूड लगभग 84.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा।
- WTI क्रूड करीब 80.95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
हालांकि तेल की कीमतों में सुधार आया है, लेकिन वे अभी भी पिछले सप्ताह के उच्च स्तर से काफी नीचे बनी हुई हैं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह राहत की बात मानी जा रही है क्योंकि इससे महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।
निफ्टी पर क्या होनी चाहिए रणनीति?
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा के अनुसार, निफ्टी ने 24,400 के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस (200-DEMA) को मजबूती से पार कर लिया है। इससे बाजार का तेजी वाला स्ट्रक्चर और मजबूत हुआ है।
उनके अनुसार,
- 24,400 के ऊपर बने रहने पर तेजी जारी रह सकती है।
- अगला लक्ष्य 25,000–25,200 का क्षेत्र हो सकता है।
- अगर मुनाफावसूली आती है तो 24,350–24,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट रहेगा।
बैंक निफ्टी के लिए अहम स्तर
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी R का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल अपने 20, 50, 100 और 200 दिन के EMA के ऊपर कारोबार कर रहा है, जो मजबूत तकनीकी स्थिति को दर्शाता है।
महत्वपूर्ण स्तर:
- 58,000 के ऊपर मजबूती रहने पर लक्ष्य 58,300–58,500
- पहला सपोर्ट 57,300–57,400
- मजबूत सपोर्ट 57,000
- 57,000 के नीचे फिसलने पर शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली बढ़ सकती है।
निवेशकों के लिए क्या हैं बड़े ट्रिगर?
आज और इस सप्ताह बाजार की दिशा इन प्रमुख फैक्टर्स से तय हो सकती है:
- RBI की मौद्रिक नीति का फैसला
- जून तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे
- Gift Nifty की चाल
- अमेरिकी और एशियाई बाजारों का रुख
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीद-बिक्री
निष्कर्ष
सोमवार की शानदार तेजी के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत अपेक्षाकृत शांत रहने के संकेत हैं। हालांकि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने हुए हैं, लेकिन RBI की नीति बैठक और अर्निंग्स सीजन के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना सकते हैं। तकनीकी रूप से निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों की संरचना अभी भी सकारात्मक बनी हुई है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


