RBI Monetary Policy August 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 5 अगस्त 2026 को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे। आम लोगों से लेकर शेयर बाजार के निवेशकों तक सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस बार होम लोन, कार लोन और अन्य कर्जों की EMI में राहत मिलेगी या फिर रेपो रेट को पहले की तरह स्थिर रखा जाएगा।
जून 2026 की पिछली MPC बैठक में RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा था। हालांकि हाल के महीनों में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% तक पहुंच गई है और मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में इस बार के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कब होगा RBI MPC का ऐलान?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे मौद्रिक नीति के फैसलों की घोषणा करेंगे।
इसके बाद दोपहर 12:00 बजे गवर्नर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें वह नीति से जुड़े फैसलों की जानकारी देंगे और मीडिया के सवालों के जवाब भी देंगे।
कहां देख सकते हैं RBI MPC Meeting LIVE?
अगर आप RBI की मौद्रिक नीति का लाइव प्रसारण देखना चाहते हैं, तो इसके लिए कई आधिकारिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं।
- RBI की आधिकारिक वेबसाइट
- RBI का आधिकारिक YouTube चैनल
- RBI का आधिकारिक X (Twitter) हैंडल
- विभिन्न बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म पर लाइव अपडेट
क्या इस बार कम होगी आपकी EMI?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या RBI रेपो रेट में कटौती करेगा और इससे होम लोन या ऑटो लोन की EMI घटेगी।
फिलहाल बाजार की उम्मीदें इसके पक्ष में नहीं दिख रही हैं।
मनीकंट्रोल द्वारा 16 अर्थशास्त्रियों और मार्केट एक्सपर्ट्स के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक, अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि RBI इस बार भी रेपो रेट को 5.25% पर ही बरकरार रख सकता है।
यदि ऐसा होता है तो फिलहाल बैंकों की ब्याज दरों और EMI में तत्काल कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।
एक्सपर्ट्स क्यों मान रहे हैं कि रेपो रेट नहीं बदलेगा?
1. महंगाई अभी नियंत्रण में
Citi के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट समीरन चक्रवर्ती का कहना है कि कोर इन्फ्लेशन में हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन यह अभी भी RBI के तय दायरे में है। जब तक महंगाई लगातार ऊंचे स्तर पर नहीं रहती, तब तक ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कम है।
2. कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
SBM बैंक (इंडिया) के फाइनेंशियल मार्केट्स हेड मंदार पिताले के अनुसार, फिलहाल तेल की कीमतें चिंता का विषय जरूर हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। यदि कच्चा तेल लगातार 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रहता है, तभी भविष्य में ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है।
3. घरेलू आर्थिक हालात होंगे अहम
इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर विनय पाई और इक्विरस सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड मौलिक पटेल का मानना है कि RBI किसी अन्य देश के केंद्रीय बैंक के फैसलों का अनुसरण नहीं करेगा। उसका पूरा फोकस भारत की महंगाई, लिक्विडिटी और आर्थिक वृद्धि पर रहेगा।
गवर्नर संजय मल्होत्रा की यह चौथी MPC बैठक
RBI गवर्नर बनने के बाद संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में यह चौथी मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक है।
हाल के महीनों में उन्होंने रुपये को स्थिर रखने और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए External Commercial Borrowings (ECB) और FCNR(B) डिपॉजिट से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव किए हैं। ऐसे में बाजार को उम्मीद है कि इस बार भी RBI महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की रणनीति पर जोर देगा।
RBI के फैसले का किन पर होगा असर?
RBI की मौद्रिक नीति का असर सीधे तौर पर कई क्षेत्रों पर पड़ता है।
- होम लोन और ऑटो लोन की ब्याज दरें
- पर्सनल लोन और बिजनेस लोन
- बैंक FD और सेविंग अकाउंट की ब्याज दरें
- शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के शेयर
- रुपये की मजबूती और विदेशी निवेश
अगर रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होता है, तो अधिकांश बैंक भी फिलहाल अपनी लोन दरों में बड़ा बदलाव नहीं करेंगे। वहीं, भविष्य में महंगाई और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर RBI आगे की रणनीति तय करेगा।


