Asian Market Today: मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान, ताइवान और हांगकांग के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर बनी हुई है। हालांकि सोमवार को अमेरिकी बाजारों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली थी, लेकिन उसका सकारात्मक असर एशियाई बाजारों पर सीमित रहा।
एशियाई बाजारों में कैसा रहा कारोबार?
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में अधिकांश एशियाई बाजार दबाव में नजर आए। निवेशक वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
प्रमुख एशियाई इंडेक्स का हाल
| इंडेक्स | स्थिति |
|---|---|
| निक्केई (जापान) | 0.66% गिरकर 63,340 के आसपास |
| स्ट्रेट्स टाइम्स (सिंगापुर) | 0.36% की बढ़त |
| ताइवान इंडेक्स | 0.39% गिरकर 43,218.17 |
| हैंगसेंग (हांगकांग) | 0.49% की गिरावट |
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 0.49% की बढ़त |
| शंघाई कम्पोजिट | लगभग सपाट |
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फिलहाल नए निवेश से पहले वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिकी बाजारों में रिकॉर्ड तेजी
सोमवार को वॉल स्ट्रीट में शानदार तेजी देखने को मिली। तेल की कीमतों में आई गिरावट और टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी से प्रमुख अमेरिकी सूचकांक नई ऊंचाई पर पहुंचे।
- डाऊ जोन्स रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।
- नैस्डैक में करीब 2% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई।
- एसएंडपी 500 भी मजबूती के साथ बंद हुआ।
- अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट देखने को मिली।
मंगलवार सुबह अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी हल्की तेजी बनी रही।
- डाऊ फ्यूचर्स लगभग 83 अंक या 0.2% ऊपर।
- एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.2% की बढ़त।
- नैस्डैक-100 फ्यूचर्स भी 0.2% मजबूत।
टेक शेयरों ने दिखाई मजबूती
अमेरिकी बाजारों की तेजी में टेक कंपनियों की अहम भूमिका रही।
- अमेज़न का मार्केट कैप पहली बार 3 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया।
- एनवीडिया के शेयरों में अच्छी तेजी रही।
- मेटा प्लेटफॉर्म्स में खरीदारी देखने को मिली।
- अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट भी मजबूती के साथ बंद हुए।
टेक सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ने से निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में हल्की रिकवरी
सोमवार को भारी गिरावट के बाद मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की रिकवरी देखने को मिली।
- ब्रेंट क्रूड 0.7% बढ़कर 84.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- WTI क्रूड 0.7% बढ़कर 80.95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
हालांकि तेल बाजार में अभी भी अमेरिका-ईरान तनाव के चलते अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिका-ईरान तनाव पर बनी हुई नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान पर कोई नया सैन्य हमला नहीं किया जाएगा और कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी औपचारिक बातचीत से इनकार किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में फिर से अस्थिरता बढ़ सकती है।
सोने की कीमतों में स्थिरता
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में बहुत अधिक बदलाव नहीं देखा गया।
- स्पॉट गोल्ड लगभग 4,055.39 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा।
- अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.6% बढ़कर 4,055.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए।
निवेशक अब अमेरिका के रोजगार आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिनसे फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या हैं अहम संकेत?
वैश्विक बाजार फिलहाल कई बड़े कारकों से प्रभावित हो रहे हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की चाल, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


