नई दिल्ली: केंद्र सरकार राज्यों में बुनियादी ढांचे के विकास को तेज करने के लिए स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) के तहत 50 साल की अवधि के लिए ब्याज मुक्त ऋण (Interest Free Loan) उपलब्ध कराती है। इस योजना के तहत राज्यों को सड़क, पुल, अस्पताल, स्कूल, सिंचाई और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
लोकसभा में इस योजना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आंध्र प्रदेश को वर्ष 2020-21 से 1 अगस्त 2026 तक SASCI योजना के तहत ₹31,005.47 करोड़ का 50 साल का ब्याज मुक्त पूंजीगत ऋण जारी किया जा चुका है।
लोकसभा में क्या पूछा गया?
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के सांसद पीवी मिधुन रेड्डी ने सरकार से कई अहम सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि—
- आंध्र प्रदेश को SASCI योजना के तहत अब तक कितनी राशि मिली?
- क्या केंद्र सरकार की शर्तों के कारण फंड जारी होने में देरी हुई?
- क्या अमरावती राजधानी परियोजना के लिए अलग से धनराशि तय की गई है?
- 2014 में राज्य विभाजन के बाद हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार क्या अतिरिक्त सहायता देने पर विचार कर रही है?
निर्मला सीतारमण ने क्या दिया जवाब?
वित्त मंत्री ने लोकसभा में बताया कि आंध्र प्रदेश को SASCI योजना के तहत अब तक कुल ₹31,005.47 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। यह राशि 50 वर्षों के लिए बिना ब्याज वाले पूंजीगत ऋण के रूप में दी गई है।
उन्होंने बताया कि यह सहायता 2020-21 से 1 अगस्त 2026 तक विभिन्न चरणों में जारी की गई।
कब कितनी राशि मिली?
| वित्त वर्ष | जारी राशि |
|---|---|
| 2020-21 से 2023-24 | विभिन्न चरणों में |
| 2024-25 | ₹7,901.56 करोड़ |
| 2025-26 | ₹8,289.61 करोड़ |
| 2026-27 (1 अगस्त 2026 तक) | ₹3,428.14 करोड़ |
| कुल | ₹31,005.47 करोड़ |
क्या फंड जारी होने में देरी हुई?
इस सवाल पर वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि SASCI योजना के तहत ऋण तभी जारी किया जाता है जब राज्य सरकार निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रस्ताव भेजती है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रस्ताव पूरी तरह सही और सभी शर्तों को पूरा करता है तो फंड बिना किसी अनावश्यक देरी के जारी कर दिया जाता है।
क्या अमरावती के लिए अलग फंड मिला?
अमरावती राजधानी परियोजना को लेकर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि SASCI योजना में अमरावती के लिए अलग से कोई विशेष आवंटन निर्धारित नहीं किया गया है।
हालांकि, राज्य सरकार अपने कुल आवंटन के भीतर अमरावती सहित किसी भी पूंजीगत परियोजना के लिए प्रस्ताव भेज सकती है और उस आधार पर सहायता प्राप्त कर सकती है।
राज्य विभाजन के बाद केंद्र ने कितनी मदद दी?
सरकार ने बताया कि 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद राज्य को वित्तीय सहायता के रूप में कई मदों में राशि जारी की गई।
- 2014-15 का पूरा ऑडिटेड राजस्व घाटा: ₹16,078.76 करोड़
- 14वें वित्त आयोग की सिफारिश पर राजस्व घाटा अनुदान: ₹22,112 करोड़
- 15वें वित्त आयोग की सिफारिश पर राजस्व घाटा अनुदान: ₹36,394 करोड़
सरकार के अनुसार, ये सभी राशि राज्य को पूरी तरह जारी की जा चुकी हैं।
SASCI योजना क्या है?
Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment (SASCI) केंद्र सरकार की एक विशेष योजना है, जिसका उद्देश्य राज्यों में पूंजीगत निवेश (Capital Expenditure) को बढ़ावा देना है।
इस योजना की प्रमुख विशेषताएं:
- राज्यों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिलता है।
- राशि केवल पूंजीगत विकास कार्यों पर खर्च की जा सकती है।
- सड़क, पुल, अस्पताल, स्कूल, सिंचाई, जल आपूर्ति और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलती है।
- समय पर परियोजनाएं पूरी करने और विकास कार्यों को गति देने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- योजना का उद्देश्य राज्यों पर तत्काल वित्तीय बोझ बढ़ाए बिना विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाना है।
राज्यों के लिए क्यों अहम है यह योजना?
SASCI योजना के जरिए राज्यों को बिना ब्याज के लंबी अवधि का ऋण मिलने से उन्हें बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू करने में आसानी होती है। इससे विकास कार्यों में तेजी आती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। यही वजह है कि हाल के वर्षों में कई राज्यों ने इस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त की है।


