IEX Share Price: इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के शेयरों में सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उसने मार्केट कपलिंग से जुड़े रेगुलेशन-ड्राफ्टिंग प्रोसेस पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई और IEX का शेयर इंट्राडे में 4% से अधिक टूट गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मार्केट कपलिंग लागू होती है तो IEX के बिजनेस मॉडल पर इसका असर पड़ सकता है।
IEX Share Price में 4% से ज्यादा की गिरावट
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोमवार दोपहर के कारोबार में IEX का शेयर करीब 4% तक टूटकर 127 रुपये के आसपास पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 126.01 रुपये का इंट्राडे लो भी बनाया। लगभग 3 बजे तक शेयर 5.25 रुपये यानी करीब 3.97% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था।
बाजार में बिकवाली की सबसे बड़ी वजह सुप्रीम कोर्ट का यह कहना रहा कि फिलहाल इस मामले में हस्तक्षेप करने का सही समय नहीं है और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) को रेगुलेशन तैयार करने की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी जाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने IEX की दलीलों को मेरिट के आधार पर खारिज नहीं किया है। अदालत का कहना था कि अभी रेगुलेशन अंतिम रूप में नहीं आए हैं, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि जब CERC अंतिम रेगुलेशन नोटिफाई करेगा, तब यदि IEX को किसी प्रावधान पर आपत्ति होगी तो कंपनी उसे कानूनी रूप से चुनौती दे सकती है।
इस तरह कोर्ट ने फिलहाल केवल सुनवाई टालते हुए CERC को अपनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी है।
क्या है मार्केट कपलिंग?
मार्केट कपलिंग बिजली बाजार में प्रस्तावित एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत देश के सभी पावर एक्सचेंजों से आने वाले खरीद और बिक्री के ऑर्डर एक कॉमन प्लेटफॉर्म पर इकट्ठा किए जाएंगे।
इसके बाद पूरे बाजार के लिए एक समान Market Clearing Price (MCP) तय होगी।
अभी की व्यवस्था में अलग-अलग पावर एक्सचेंज अपनी-अपनी कीमत तय करते हैं। इनमें प्रमुख एक्सचेंज हैं—
- इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX)
- पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (PXIL)
- हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज (HPX)
नई व्यवस्था लागू होने पर इन सभी के ऑर्डर एक साथ मैच किए जाएंगे।
CERC क्यों लागू करना चाहता है यह व्यवस्था?
CERC का कहना है कि मार्केट कपलिंग से कई फायदे होंगे।
- बिजली की कीमतों में अंतर कम होगा।
- पूरे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- बेहतर मूल्य खोज (Price Discovery) संभव होगी।
- पावर ट्रेडिंग अधिक प्रतिस्पर्धी और कुशल बनेगी।
- उपभोक्ताओं और बिजली कंपनियों दोनों को लाभ मिल सकता है।
रेगुलेटर का मानना है कि इससे पूरे बिजली बाजार की कार्यक्षमता में सुधार होगा।
2024 से चल रही है तैयारी
मार्केट कपलिंग कोई नया प्रस्ताव नहीं है।
- वर्ष 2024 में CERC ने इसके लिए शैडो पायलट को मंजूरी दी थी।
- ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया को इसे लागू करने का निर्देश दिया गया।
- योजना के अनुसार IEX, PXIL और HPX बारी-बारी से मार्केट कपलिंग ऑपरेटर की भूमिका निभाएंगे।
- जनवरी 2026 से ग्रिड कंट्रोलर को सभी पावर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से कीमतों का डेटा एकत्र कर एक सिंगल रेफरेंस प्राइस प्रकाशित करना था।
IEX ने कोर्ट में क्या दलील दी?
IEX ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि CERC के रेगुलेशन-ड्राफ्टिंग प्रोसेस पर रोक लगाई जाए।
कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि मार्केट कपलिंग एक तरह से नेशनलाइजेशन और सोशलिज्म जैसा कदम है। उनका कहना था कि किसी निजी कंपनी की व्यावसायिक सफलता को इस तरह एक समान ढांचे में नहीं लाया जा सकता।
IEX ने यह भी सवाल उठाया कि जिस तरह BSE और NSE अलग-अलग एक्सचेंज के रूप में काम करते हैं, उसी तरह पावर एक्सचेंजों को भी स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट का नजरिया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल पावर एक्सचेंज का क्षेत्र ऐसा दिखाई देता है जहां रेगुलेशन की आवश्यकता है।
अदालत ने माना कि चूंकि नियम अभी अंतिम रूप में नहीं आए हैं, इसलिए अभी हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं बनता। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अंतिम रेगुलेशन से किसी पक्ष को आपत्ति होगी तो वह उसे कानून के तहत चुनौती दे सकता है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
मार्केट कपलिंग को लेकर अनिश्चितता फिलहाल IEX के शेयर पर दबाव बनाए रख सकती है। यदि भविष्य में यह व्यवस्था लागू होती है तो कंपनी के मौजूदा मार्केट शेयर और प्राइसिंग पावर पर असर पड़ सकता है। हालांकि अंतिम तस्वीर CERC के अंतिम नियम जारी होने और उसके बाद संभावित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
IEX Share Price: प्रमुख बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने IEX की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया।
- CERC को मार्केट कपलिंग रेगुलेशन बनाने की अनुमति मिली।
- फैसले के बाद IEX का शेयर 4% से ज्यादा टूट गया।
- मार्केट कपलिंग के तहत सभी पावर एक्सचेंजों के ऑर्डर एक प्लेटफॉर्म पर आएंगे।
- अंतिम रेगुलेशन जारी होने के बाद IEX को कोर्ट में चुनौती देने की छूट रहेगी।


