भारत पर क्यों बढ़ रहा दुनिया की बड़ी कंपनियों का भरोसा? जानिए वजह
नई दिल्ली: वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता, ईरान युद्ध के कारण बढ़ी कच्चे तेल की कीमतें और जून तिमाही में भारत में बढ़ती रिटेल महंगाई के बावजूद दुनिया की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों का भरोसा भारतीय बाजार पर और मजबूत हुआ है। Apple, Unilever, Coca-Cola, Reckitt, Mondelez, Hershey, L’Oréal और Yum! Brands जैसी दिग्गज कंपनियों ने जून तिमाही में भारत में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। यही वजह है कि अब ये कंपनियां भारत में अपने निवेश, उत्पादन क्षमता और रिटेल नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रही हैं।
कंपनियों का कहना है कि भारत में उपभोक्ताओं की मांग उनकी अपेक्षा से कहीं अधिक मजबूत रही है। यही कारण है कि कई वैश्विक सीईओ भारत को अगले दशक का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन मान रहे हैं।
महंगाई के बावजूद मजबूत रही भारतीय बाजार की मांग
ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिसका असर भारत में भी देखने को मिला। मई और जून 2026 के दौरान रिटेल महंगाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई। आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर उपभोक्ताओं की खरीदारी प्रभावित होती है, लेकिन इस बार भारत में तस्वीर अलग रही।
घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता मजबूत बनी रही। प्रीमियम स्मार्टफोन, एफएमसीजी उत्पाद, चॉकलेट, हेल्थ एवं हाइजीन प्रोडक्ट्स और फास्ट फूड सेगमेंट में अच्छी मांग देखने को मिली। इसी वजह से कई वैश्विक कंपनियों ने भारत में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की।
Apple ने भारत में बनाया नया रिकॉर्ड
अमेरिकी टेक कंपनी Apple के सीईओ टिम कुक ने बताया कि जून तिमाही में कंपनी ने भारत समेत अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, चीन और जापान में रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया।
उन्होंने कहा कि—
- भारत में Mac कंप्यूटर की अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री हुई।
- iPhone की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
- कंपनी भारत में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार कर रही है।
- नए Apple Store खोलने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
भारत अब केवल Apple के लिए बड़ा बाजार ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण प्रोडक्शन हब भी बनता जा रहा है।
Unilever बोली- अगला दशक भारत का
एफएमसीजी दिग्गज Unilever ने जून तिमाही में भारत में लगभग 10% ग्रोथ दर्ज की। कंपनी के ग्लोबल सीईओ फर्नांडो फर्नांडेज ने कहा कि—
“अगला दशक भारत का होगा।”
उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में कंपनी की ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही है और आने वाले वर्षों में निवेश लगातार बढ़ाया जाएगा।
Coca-Cola भी भारत में बढ़ाएगी निवेश
Coca-Cola के शीर्ष प्रबंधन ने भी माना कि भारत कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में शामिल हो चुका है।
कंपनी का कहना है कि वह—
- अपने वितरण नेटवर्क को मजबूत करेगी।
- नए प्रोडक्ट लॉन्च करेगी।
- बाजार में नेतृत्व बनाए रखने के लिए निवेश जारी रखेगी।
Reckitt को Dettol और Durex से मिला बड़ा फायदा
हेल्थ और हाइजीन प्रोडक्ट बनाने वाली Reckitt ने बताया कि उभरते बाजारों में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ 3.2% रही, जिसमें भारत का योगदान सबसे मजबूत रहा।
मुख्य बातें—
- Dettol की बिक्री में शानदार तेजी।
- Durex ब्रांड की मजबूत मांग।
- भारत में बिजनेस हाई सिंगल डिजिट (करीब 7-9%) की दर से बढ़ा।
- सभी कैटेगरी में लगातार ग्रोथ दर्ज हुई।
कंपनी के सीईओ क्रिस लिश्ट ने भारत के प्रदर्शन को “बेहद मजबूत” बताया।
Hershey और Mondelez भी भारत को लेकर उत्साहित
चॉकलेट निर्माता The Hershey Company के सीईओ किर्क टैनर ने कहा कि—
- इस वर्ष भारत कंपनी का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला बाजार रहा।
- मांग कंपनी के अनुमान से भी अधिक रही।
- भारत को लेकर कंपनी बेहद आशावादी है।
वहीं Mondelez International (Cadbury और 5 Star बनाने वाली कंपनी) ने कहा कि—
- उभरते बाजारों में भारत सबसे मजबूत रहा।
- चीन की तुलना में भारतीय बाजार कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
- जून तिमाही में कंपनी ने भारत में 1 लाख नए आउटलेट जोड़े।
- Biscoff ब्रांड को भी जबरदस्त सफलता मिली।
- दूसरी प्रोडक्शन लाइन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है।
KFC और Taco Bell के लिए भी भारत बना ग्रोथ इंजन
Yum! Brands के अनुसार—
- KFC के वैश्विक विस्तार में सबसे बड़ा योगदान भारत का रहा।
- Taco Bell ने भारत में सेम-स्टोर सेल्स में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की।
इससे साफ है कि भारतीय उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता अभी भी मजबूत बनी हुई है।
AO Smith ने भारत को बताया “Innovation Powerhouse”
वॉटर हीटर और वॉटर प्यूरीफायर बनाने वाली अमेरिकी कंपनी AO Smith ने भारत को “Innovation Powerhouse” बताया।
कंपनी के अनुसार—
- भारतीय ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है।
- नए उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
- कंपनियों को भारतीय बाजार की जरूरतों के मुताबिक तेजी से इनोवेशन करना होगा।
विदेशी कंपनियां भारत पर क्यों लगा रही हैं बड़ा दांव?
विशेषज्ञों के अनुसार भारत को लेकर बढ़ते भरोसे के पीछे कई प्रमुख वजहें हैं—
- दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था।
- 140 करोड़ से अधिक की विशाल आबादी।
- तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग।
- प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग।
- डिजिटल भुगतान और ई-कॉमर्स का तेजी से विस्तार।
- “मेक इन इंडिया” और PLI जैसी सरकारी योजनाओं से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा।
- युवा आबादी और बढ़ती आय।
इन सभी कारणों से भारत अब केवल बिक्री का बाजार नहीं बल्कि वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन और इनोवेशन का प्रमुख केंद्र भी बनता जा रहा है।
आगे क्या संकेत मिलते हैं?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि भारत में उपभोक्ता मांग इसी तरह मजबूत बनी रहती है तो आने वाले वर्षों में विदेशी कंपनियां यहां नए कारखाने, रिसर्च सेंटर, रिटेल स्टोर और सप्लाई चेन पर बड़े पैमाने पर निवेश कर सकती हैं। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


