ZEEL Share Price: ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के शेयरों में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। SEBI के नए आदेश के बाद कंपनी के ₹3,143 करोड़ के फंड जुटाने की योजना को लेकर बाजार में चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से शेयर इंट्राडे में करीब 10% से ज्यादा टूटकर ₹102 के आसपास आ गया।
कंपनी ने हालांकि साफ किया है कि SEBI के आदेश की समीक्षा की जा रही है और कंपनी कानूनी सलाह ले रही है। ZEEL का कहना है कि सिक्योरिटीज मार्केट में कारोबार से जुड़ी रोक का कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज और फंड जुटाने की योजना पर सीधा असर नहीं पड़ेगा।
ZEEL की EGM में फंड जुटाने को मिली थी मंजूरी
ज़ी एंटरटेनमेंट की 31 जुलाई को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों ने प्रमोटर ग्रुप से ₹3,143 करोड़ जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
इसके तहत कंपनी प्रेफरेंशियल वारंट जारी करने वाली थी। इस फंड जुटाने के बाद प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी करीब 23.8% तक पहुंचने की उम्मीद थी।
इसके अलावा कंपनी ने नया Employee Stock Option Plan (ESOP) लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी।
हालांकि, SEBI के नए आदेश के बाद अब इस वारंट इश्यू की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
SEBI ने क्यों लगाया प्रतिबंध?
SEBI के आदेश के मुताबिक, ZEEL की हैदराबाद स्थित प्रॉपर्टी को Essel ग्रुप की चार कंपनियों के कर्ज के लिए गिरवी रखा गया था।
इन कंपनियों पर करीब ₹726 करोड़ का कर्ज था। SEBI का आरोप है कि इस गिरवी प्रक्रिया के लिए कंपनी के बोर्ड और ऑडिट कमेटी से जरूरी मंजूरी नहीं ली गई।
इसी मामले को ध्यान में रखते हुए मार्केट रेगुलेटर ने ZEEL की फंड जुटाने की योजना पर रोक लगाई है।
साथ ही प्रमोटर सुभाष चंद्रा और ZEEL के CEO पुनीत गोयनका पर एक साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट में प्रतिबंध लगाया गया है।
क्या ZEEL का वारंट इश्यू आगे बढ़ पाएगा?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल कंपनी के लिए वारंट इश्यू को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा।
लीगल एक्सपर्ट एचपी रनीना का कहना है कि कंपनी को पहले SEBI के आदेश के खिलाफ राहत हासिल करनी होगी। हालांकि सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) से राहत मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अभी इसे निश्चित नहीं माना जा सकता।
Anuj Singhal की राय: SEBI का आदेश नहीं आता तो शेयर में आती तेजी
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के मुताबिक, अगर SEBI का आदेश नहीं आता तो यह ZEEL के लिए बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर साबित हो सकता था।
उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्रा ने एक मजबूत मीडिया बिजनेस खड़ा किया है और अगर प्रमोटर हिस्सेदारी करीब 4% से बढ़कर 24% तक पहुंचती तो कंपनी को इसका फायदा मिल सकता था।
लेकिन मौजूदा स्थिति में SEBI के आदेश ने अनिश्चितता बढ़ा दी है।
उनके अनुसार, ZEEL का शेयर पहले ही ₹80-90 के स्तर से बढ़कर करीब ₹115 तक पहुंच चुका था। ऐसे में अब निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
ZEEL Share Price Performance
सोमवार को दोपहर करीब 12:30 बजे ZEEL का शेयर ₹12.20 या 10.65% की गिरावट के साथ करीब ₹102 पर कारोबार कर रहा था।
- इंट्राडे लो: ₹100.37
- 52 हफ्तों का निचला स्तर: ₹68
- 1 हफ्ते में प्रदर्शन: करीब 5.93% गिरावट
- 1 महीने में प्रदर्शन: करीब 2.57% कमजोरी
- 1 साल में प्रदर्शन: करीब 12.01% गिरावट
SEBI के आदेश से पहले निवेशकों में फंड जुटाने की योजना को लेकर उत्साह था, लेकिन अब रेगुलेटरी अनिश्चितता के कारण शेयर पर दबाव देखने को मिल रहा है।
ZEEL Stock में अब क्या करें?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल ZEEL में नई खरीदारी को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। कंपनी के फंड जुटाने की योजना और SEBI मामले में आगे की कार्रवाई शेयर की दिशा तय करेगी।
अगर कंपनी को SAT या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है तो शेयर में दोबारा तेजी आ सकती है। वहीं, अगर मामला लंबा खिंचता है तो स्टॉक पर दबाव बना रह सकता है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी के अगले अपडेट और रेगुलेटरी फैसलों पर नजर रखें।
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