आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) केवल एक वित्तीय प्रोडक्ट नहीं, बल्कि हर परिवार की जरूरत बन चुका है। लगातार बढ़ती मेडिकल महंगाई और कम उम्र में गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि स्वास्थ्य बीमा जितना जल्दी लिया जाए, उतना बेहतर होता है।
कई लोग सोचते हैं कि वे अभी पूरी तरह स्वस्थ हैं, इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस की जरूरत नहीं है। लेकिन यही सोच भविष्य में भारी पड़ सकती है। अगर आप 30 साल की उम्र से पहले हेल्थ इंश्योरेंस खरीद लेते हैं तो आपको कम प्रीमियम, बेहतर कवरेज, नो-क्लेम बोनस, फ्री हेल्थ चेकअप और कई अतिरिक्त सुविधाओं का फायदा मिल सकता है।
आइए जानते हैं 30 साल की उम्र से पहले हेल्थ इंश्योरेंस लेने के 6 बड़े फायदे।
1. अचानक बीमारी या दुर्घटना में मिलेगा आर्थिक सहारा
जीवन में कब कौन-सी मेडिकल इमरजेंसी आ जाए, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। अगर अचानक किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ जाए तो लाखों रुपये का खर्च आ सकता है।
ऐसी स्थिति में हेल्थ इंश्योरेंस आपकी आर्थिक सुरक्षा करता है। अधिकांश पॉलिसियों में अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, सर्जरी, दवाइयां, आईसीयू चार्ज, डे-केयर ट्रीटमेंट और अन्य मेडिकल खर्च शामिल होते हैं। इससे आपकी बचत पर बड़ा असर नहीं पड़ता।
2. कम उम्र में मिलता है कम प्रीमियम
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां प्रीमियम तय करते समय व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा महत्व देती हैं।
यदि आप 25 से 30 वर्ष की उम्र के बीच हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं, तो आपको अपेक्षाकृत कम प्रीमियम देना पड़ता है क्योंकि इस उम्र में स्वास्थ्य जोखिम कम माना जाता है।
वहीं यदि 35 या 40 साल की उम्र के बाद पॉलिसी लेते हैं और पहले से कोई बीमारी है, तो प्रीमियम काफी महंगा हो सकता है।
यानी जितनी जल्दी पॉलिसी खरीदेंगे, उतनी लंबी अवधि तक कम प्रीमियम का फायदा मिलेगा।
3. टैक्स बचाने का भी मिलेगा फायदा
हेल्थ इंश्योरेंस केवल मेडिकल सुरक्षा ही नहीं देता, बल्कि टैक्स बचाने में भी मदद करता है।
आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है।
आप निम्न लोगों के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर भी टैक्स लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- स्वयं
- जीवनसाथी
- बच्चे
- माता-पिता
इस तरह हेल्थ इंश्योरेंस आपकी वित्तीय योजना का भी अहम हिस्सा बन सकता है।
4. हर साल फ्री हेल्थ चेकअप का लाभ
आजकल कई हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां अपनी पॉलिसी के साथ Annual Health Check-up की सुविधा देती हैं।
इसका फायदा यह होता है कि आपको नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए अलग से खर्च नहीं करना पड़ता।
समय पर हेल्थ चेकअप कराने से कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता चल जाता है, जिससे इलाज आसान और कम खर्चीला हो सकता है।
5. बड़े अस्पतालों में बेहतर इलाज की सुविधा
अधिकांश हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का देशभर के हजारों नेटवर्क अस्पतालों के साथ समझौता होता है।
इसका फायदा यह है कि जरूरत पड़ने पर आप बेहतर अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं और कई मामलों में कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलती है।
इससे इलाज के समय तुरंत बड़ी रकम की व्यवस्था करने की चिंता काफी हद तक कम हो जाती है।
6. नो-क्लेम बोनस और हेल्थ रिवॉर्ड्स का लाभ
यदि आपने पूरे साल कोई क्लेम नहीं किया है तो कई बीमा कंपनियां No Claim Bonus (NCB) देती हैं।
इसमें बिना अतिरिक्त प्रीमियम के आपका सम इंश्योर्ड (Sum Insured) बढ़ाया जा सकता है।
इसके अलावा कई कंपनियां फिटनेस प्रोग्राम भी चलाती हैं, जिनमें—
- नियमित वॉक करने पर
- जिम जाने पर
- हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने पर
- फिटनेस ऐप से एक्टिविटी ट्रैक करने पर
रिवॉर्ड पॉइंट्स, वेलनेस बेनिफिट्स या प्रीमियम में छूट जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले केवल प्रीमियम देखकर फैसला न करें। इन बातों की भी जांच करें।
- पॉलिसी का कवरेज कितना है।
- Waiting Period कितनी है।
- कौन-कौन सी बीमारियां कवर हैं।
- नेटवर्क अस्पतालों की संख्या।
- कैशलेस सुविधा उपलब्ध है या नहीं।
- Claim Settlement Ratio।
- Add-on Covers की जरूरत है या नहीं।
निष्कर्ष
30 साल की उम्र से पहले हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना एक समझदारी भरा वित्तीय फैसला माना जाता है। इससे आपको कम प्रीमियम, बेहतर कवरेज, टैक्स बचत, फ्री हेल्थ चेकअप, नो-क्लेम बोनस और मेडिकल इमरजेंसी में आर्थिक सुरक्षा जैसे कई फायदे मिल सकते हैं।
अगर आप अभी स्वस्थ हैं, तो यही समय है जब कम लागत में भविष्य के लिए मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा तैयार की जा सकती है।
नोट: अलग-अलग बीमा कंपनियों की पॉलिसी, कवरेज, प्रीमियम, वेटिंग पीरियड और लाभ अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने से पहले उसकी सभी शर्तों, कवरेज और एक्सक्लूजन को ध्यान से पढ़ें तथा आवश्यकता होने पर बीमा सलाहकार से परामर्श जरूर लें।


