फ्लिपकार्ट 15 अगस्त तक बेंगलुरु में अपनी फूड डिलीवरी सर्विस लॉन्च कर सकता है। ONDC प्लेटफॉर्म के जरिए शुरू होने वाली यह सेवा कम कमीशन मॉडल के साथ Zomato और Swiggy को कड़ी चुनौती दे सकती है।
Flipkart Food Delivery: अब फूड डिलीवरी मार्केट में भी फ्लिपकार्ट की एंट्री
भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर के बाद अब फूड डिलीवरी मार्केट में भी मुकाबला और दिलचस्प होने जा रहा है। ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट (Flipkart) अगले कुछ दिनों में बेंगलुरु में अपनी फूड डिलीवरी सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 15 अगस्त तक इस सेवा का पायलट लॉन्च कर सकती है।
फ्लिपकार्ट की यह नई सर्विस सीधे Zomato और Swiggy जैसी बड़ी कंपनियों को चुनौती देगी। खास बात यह है कि कंपनी अपने साथ रेस्टोरेंट्स को जोड़ने के लिए बेहद कम कमीशन मॉडल पेश कर रही है, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।
ONDC प्लेटफॉर्म के जरिए शुरू होगी सर्विस
फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी सर्विस पारंपरिक मॉडल से अलग होगी। कंपनी इसे सरकार समर्थित Open Network for Digital Commerce (ONDC) प्लेटफॉर्म पर संचालित करेगी।
ONDC एक ओपन डिजिटल नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और छोटे कारोबारियों को अधिक अवसर देना है। इससे फ्लिपकार्ट को अपना अलग नेटवर्क बनाने की बजाय मौजूदा ओपन इकोसिस्टम का फायदा मिलेगा।
कंपनी पहले बेंगलुरु में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगी। यदि यह सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे देश के अन्य बड़े शहरों तक भी विस्तार दिया जा सकता है।
कम कमीशन से रेस्टोरेंट्स को होगा फायदा
रिपोर्ट्स के अनुसार फ्लिपकार्ट रेस्टोरेंट पार्टनर्स से लगभग 10 प्रतिशत कमीशन लेने का प्रस्ताव दे रहा है।
वर्तमान में प्रमुख फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स आमतौर पर 16% से 30% तक कमीशन वसूलते हैं। ऐसे में फ्लिपकार्ट का कम कमीशन मॉडल छोटे और मध्यम रेस्टोरेंट्स के लिए आकर्षक साबित हो सकता है।
अगर बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट्स फ्लिपकार्ट के साथ जुड़ते हैं, तो इससे ग्राहकों को भी बेहतर ऑफर्स, कम डिलीवरी चार्ज और अधिक विकल्प मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
Zomato और Swiggy के लिए क्यों बढ़ेगी चुनौती?
भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट पर लंबे समय से Zomato और Swiggy का दबदबा रहा है। हालांकि हाल के महीनों में Rapido ने भी अपने Ownly मॉडल के जरिए कम कमीशन रणनीति अपनाकर बाजार में हलचल मचा दी है।
अब फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी और मजबूत वित्तीय क्षमता वाली कंपनी की एंट्री से यह प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। यदि कंपनी अपने कम कमीशन मॉडल को लंबे समय तक बनाए रखती है, तो इससे मौजूदा कंपनियों पर भी अपनी रणनीति बदलने का दबाव बढ़ सकता है।
क्या कहती हैं मौजूदा कंपनियां?
स्विगी का मानना है कि बहुत कम कमीशन वाला मॉडल लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हो सकता, क्योंकि फूड डिलीवरी बिजनेस में लॉजिस्टिक्स, डिलीवरी पार्टनर्स और टेक्नोलॉजी पर भारी खर्च आता है।
दूसरी ओर, रैपिडो का कहना है कि भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट में कमीशन स्ट्रक्चर को बदलने की जरूरत है, ताकि रेस्टोरेंट्स को अधिक लाभ मिल सके और ग्राहकों के लिए भी बेहतर कीमतें उपलब्ध हों।
फ्लिपकार्ट की एंट्री इस बहस को और मजबूत करेगी कि भविष्य में फूड डिलीवरी बिजनेस का टिकाऊ मॉडल कैसा होना चाहिए।
ग्राहकों को क्या मिल सकता है फायदा?
यदि फ्लिपकार्ट सफलतापूर्वक अपनी फूड डिलीवरी सर्विस लॉन्च करता है, तो ग्राहकों को कई फायदे मिल सकते हैं।
- अधिक डिस्काउंट और लॉन्च ऑफर्स
- कम डिलीवरी चार्ज
- ज्यादा रेस्टोरेंट विकल्प
- तेज डिलीवरी का विकल्प
- ONDC नेटवर्क के कारण बेहतर प्रतिस्पर्धा
हालांकि शुरुआती चरण में यह सेवा केवल बेंगलुरु तक सीमित रह सकती है और इसके बाद प्रदर्शन के आधार पर अन्य शहरों में विस्तार किया जाएगा।
भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट में बढ़ेगा मुकाबला
फूड डिलीवरी इंडस्ट्री में पहले Zomato और Swiggy का लगभग दो-खिलाड़ियों वाला दबदबा माना जाता था। लेकिन अब Rapido और Flipkart जैसी कंपनियों की एंट्री से बाजार में नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों और रेस्टोरेंट्स दोनों को मिल सकता है। वहीं कंपनियों के लिए मुनाफा बनाए रखना और टिकाऊ बिजनेस मॉडल तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
निष्कर्ष
फ्लिपकार्ट का 15 अगस्त तक बेंगलुरु में फूड डिलीवरी सर्विस शुरू करने का कदम भारतीय फूड डिलीवरी इंडस्ट्री के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। ONDC आधारित मॉडल और कम कमीशन रणनीति के जरिए कंपनी Zomato और Swiggy को सीधी चुनौती देने की तैयारी में है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया मॉडल ग्राहकों, रेस्टोरेंट्स और पूरे फूड डिलीवरी बाजार पर कितना प्रभाव डालता है।


