आंध्र प्रदेश के B.Tech ग्रेजुएट अखिलेश माल्थी ने कनाडा की AI कंपनी Fabrantic AI में ₹1.06 करोड़ सालाना पैकेज वाली रिमोट नौकरी हासिल की। जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की पूरी कहानी।
AI की ताकत से घर बैठे मिली ₹1.06 करोड़ की नौकरी! आंध्र प्रदेश के दर्जी के बेटे ने रचा इतिहास
आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल तकनीक की दुनिया नहीं बदल रहा, बल्कि लाखों युवाओं के करियर को भी नई दिशा दे रहा है। इसका ताजा उदाहरण आंध्र प्रदेश के युवा अखिलेश माल्थी हैं, जिन्होंने साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर कनाडा की AI कंपनी Fabrantic AI में ₹1.06 करोड़ सालाना पैकेज वाली रिमोट नौकरी हासिल कर देशभर के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
अखिलेश की यह उपलब्धि सिर्फ एक बड़ी सैलरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सही स्किल, मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा किसी भी आर्थिक कठिनाई को पीछे छोड़ सकती है।
कौन हैं अखिलेश माल्थी?
अखिलेश माल्थी आंध्र प्रदेश के आदित्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से वर्ष 2026 में B.Tech (डेटा साइंस) के ग्रेजुएट हैं। उन्होंने कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से कनाडा की AI आधारित कंपनी Fabrantic AI में AI Engineer के पद पर चयन हासिल किया।
सबसे खास बात यह है कि उन्हें यह नौकरी वर्क फ्रॉम होम (Remote Job) के रूप में मिली है, जिससे वे भारत में रहकर ही वैश्विक कंपनी के लिए काम करेंगे।
दर्जी के बेटे ने बदली परिवार की तकदीर
अखिलेश का परिवार बेहद साधारण है। उनके पिता एक दर्जी हैं और वे सुन एवं बोल नहीं सकते। उनकी मां भी सिलाई का काम करके परिवार की आय बढ़ाने में सहयोग करती हैं।
आर्थिक तंगी के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी बेटे की पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उन्होंने हर मुश्किल परिस्थिति में अखिलेश का हौसला बढ़ाया और बेहतर शिक्षा दिलाने की पूरी कोशिश की।
आज उसी संघर्ष और त्याग का परिणाम है कि अखिलेश को करोड़ों रुपये का पैकेज मिला है, जो पूरे परिवार के लिए जीवन बदलने वाला अवसर साबित हुआ है।
कैंपस प्लेसमेंट से मिली करोड़ों की नौकरी
अखिलेश ने अपने B.Tech के दौरान डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और AI से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया। उनकी तकनीकी क्षमता और प्रोजेक्ट्स से प्रभावित होकर Fabrantic AI ने उन्हें कैंपस प्लेसमेंट के जरिए चयनित किया।
उन्हें मिला ₹1.06 करोड़ प्रति वर्ष (CTC) का पैकेज आज के समय में भारतीय इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर छाए अखिलेश
अखिलेश की सफलता की कहानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रही है। कई यूजर्स ने इसे मेहनत और शिक्षा की जीत बताया।
लोगों ने उनकी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि—
- “₹1.06 करोड़ की रिमोट जॉब वाकई शानदार उपलब्धि है।”
- “गरीब परिवार से निकलकर करोड़ों का पैकेज हासिल करना लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।”
- “माता-पिता के संघर्ष और बेटे की मेहनत का इससे बेहतर परिणाम नहीं हो सकता।”
- “अगर B.Tech के दौरान रोज़ कुछ घंटे नई टेक्नोलॉजी और AI सीखने में लगाए जाएं तो ऐसे अवसर हासिल किए जा सकते हैं।”
AI स्किल्स की बढ़ती मांग
दुनियाभर की टेक कंपनियां तेजी से AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस विशेषज्ञों की भर्ती कर रही हैं। ChatGPT, Generative AI, Large Language Models (LLMs) और AI Automation जैसी तकनीकों के विस्तार के साथ AI इंजीनियरों की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI सेक्टर में लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी और जिन युवाओं के पास मजबूत तकनीकी स्किल्स होंगी, उन्हें वैश्विक कंपनियों में आकर्षक पैकेज मिलने की संभावना और बढ़ेगी।
छात्रों के लिए क्या है सीख?
अखिलेश माल्थी की सफलता कई महत्वपूर्ण संदेश देती है।
- आर्थिक स्थिति कभी भी सफलता की अंतिम सीमा नहीं होती।
- कॉलेज के दौरान नई तकनीकों और AI स्किल्स पर लगातार काम करना भविष्य बदल सकता है।
- कैंपस प्लेसमेंट के लिए मजबूत प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल अनुभव बेहद जरूरी हैं।
- माता-पिता का सहयोग और स्वयं पर विश्वास बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने में मदद करता है।
निष्कर्ष
आंध्र प्रदेश के अखिलेश माल्थी की कहानी यह साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत किसी भी परिस्थिति से बड़ी होती है। एक दर्जी के बेटे से करोड़ों रुपये के पैकेज वाले AI इंजीनियर बनने तक का उनका सफर आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। AI के तेजी से बढ़ते दौर में यह सफलता इस बात का संकेत भी है कि सही दिशा में सीखी गई तकनीकी स्किल्स युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार करियर और आर्थिक सफलता दिला सकती हैं।


