CWG 2026 Arshad Nadeem: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पाकिस्तान के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा। फाइनल में वह शीर्ष-8 में भी जगह नहीं बना सके और नौवें स्थान पर रहकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उनके इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान में खेल व्यवस्था, तैयारी और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नदीम को न तो समय पर फंड मिला और न ही विदेशी कोच की सुविधा, जिससे उनकी तैयारियां बुरी तरह प्रभावित हुईं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे अरशद नदीम
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के जैवलिन थ्रो फाइनल में सभी की निगाहें पाकिस्तान के स्टार एथलीट और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अरशद नदीम पर थीं। उनसे एक और बड़े पदक की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वह प्रतियोगिता में अपनी लय हासिल नहीं कर सके।
नदीम फाइनल में शीर्ष-8 खिलाड़ियों में भी जगह नहीं बना पाए और नौवें स्थान पर रहते हुए पदक की दौड़ से बाहर हो गए। उनके इस प्रदर्शन ने पाकिस्तान के खेल प्रशंसकों और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया।
खराब प्रदर्शन के बाद उठे तैयारी पर सवाल
अरशद नदीम के प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया और खेल जगत में उनकी तैयारियों को लेकर बहस तेज हो गई। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ खराब फॉर्म का मामला नहीं था, बल्कि उनकी तैयारी के दौरान आई कई समस्याओं का असर भी मैदान पर साफ दिखाई दिया।
रिपोर्टों के अनुसार, नदीम प्रतियोगिता के समय पूरी तरह फिट नहीं थे और उन्हें उच्च स्तर की ट्रेनिंग सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गईं।
रिपोर्ट में दावा- पाकिस्तान एथलेटिक्स फेडरेशन ने बना ली दूरी
PTI की रिपोर्ट में एथलीट के करीबी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि पिछले साल लंबे समय तक उनके कोच रहे सलमान बट को लेकर हुए विवाद के बाद Pakistan Amateur Athletics Federation (PAAF) ने अरशद नदीम से दूरी बना ली।
रिपोर्ट के मुताबिक फेडरेशन ने उनकी ट्रेनिंग से जुड़ी कई मांगों का जवाब नहीं दिया और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट को अपनी तैयारियों का इंतजाम खुद करने के लिए छोड़ दिया।
विदेशी कोच के लिए नहीं मिला फंड
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि Pakistan Sports Board ने विदेशी कोच और ट्रेनर की नियुक्ति के लिए जरूरी फंड जारी नहीं किए।
इस कारण अरशद नदीम को लाहौर में स्थानीय स्टाफ के साथ ही अभ्यास करना पड़ा। पिछले वर्षों की तरह इस बार उन्हें दक्षिण अफ्रीका के प्रसिद्ध जैवलिन कोच टेरसियस लिबेनबर्ग के साथ ट्रेनिंग का मौका नहीं मिला।
ऐसे में उन्हें अपने पुराने कोच सलमान बट के साथ ही तैयारी करनी पड़ी, जबकि लाहौर और ग्लासगो की मौसम परिस्थितियों में बड़ा अंतर था।
कोच सलमान बट ने भी मानी तैयारी की कमी
अरशद नदीम के कोच सलमान बट ने भी स्वीकार किया कि उनके शिष्य कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर से काफी दूर थे।
उन्होंने माना कि पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय तैयारी के बिना नदीम प्रतियोगिता में उतरे। रिपोर्ट के अनुसार, खेलों से पहले उन्होंने केवल स्विट्जरलैंड में आयोजित एक तैयारी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, जो बड़े टूर्नामेंट के लिहाज से पर्याप्त नहीं माना जा सकता।
पाकिस्तान की खेल व्यवस्था पर उठे सवाल
अरशद नदीम जैसे ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट के साथ हुई कथित लापरवाही ने पाकिस्तान की खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व स्तर के खिलाड़ियों को लगातार अंतरराष्ट्रीय कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, फिटनेस सपोर्ट और पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए।
यदि रिपोर्टों में किए गए दावे सही साबित होते हैं, तो यह पाकिस्तान के खेल प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय हो सकता है।
क्या आगे वापसी कर पाएंगे अरशद नदीम?
अरशद नदीम पहले भी कई बार चोटों से उबरकर शानदार वापसी कर चुके हैं। ऐसे में उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बेहतर तैयारी के साथ वापसी करेंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें मजबूत सपोर्ट सिस्टम, आधुनिक ट्रेनिंग और बेहतर संसाधनों की आवश्यकता होगी।


