CJP Protest News Update: जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। छात्रा ने कहा कि उसे कभी उम्मीद नहीं थी कि उसे माफ कर दिया जाएगा। वहीं उसकी मां ने प्रधानमंत्री के फैसले को बेटी के लिए “नई जिंदगी” बताते हुए उनका आभार जताया।
छात्रा ने कहा- माफी की उम्मीद नहीं थी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए वीडियो के बाद विवादों में आई 15 वर्षीय छात्रा ने कहा कि वह विरोध प्रदर्शन के माहौल और वहां मौजूद लोगों के प्रभाव में आ गई थी। उसके अनुसार, उसने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसे माफ कर देंगे।
छात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश उसके लिए दूसरी जिंदगी मिलने जैसा है। उसने यह भी दावा किया कि उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं और उसके खिलाफ दर्ज पुलिस मामला अभी तक वापस नहीं लिया गया है।
उसने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों की बातें सुनकर वह बहक गई थी और उसी माहौल में उसने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
लड़की की मां ने PM मोदी का जताया आभार
न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में छात्रा की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बदला लेने के बजाय माफी का रास्ता चुनकर बड़ी मिसाल पेश की है।
उन्होंने कहा,
“PM मोदी ने उस बच्ची को माफ करके अपनी महानता दिखाई है, जिसने इतने गंदे और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया था। आज उसका जन्मदिन है और प्रधानमंत्री ने उसे सबसे बड़ा तोहफा दिया है। आज उसकी नई जिंदगी शुरू हुई है, उसका पुनर्जन्म हुआ है।”
मां ने कहा कि उनका पूरा परिवार प्रधानमंत्री का आभारी है और उनकी बेटी को जीवन में आगे बढ़ने का दूसरा मौका मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा था कि प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपशब्द कहने वाले बच्चे गुमराह हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में आक्रोश को समझा जा सकता है, लेकिन उसका जवाब गुस्से या बदले से नहीं बल्कि सही मार्गदर्शन और माफी से दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बेटियों द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल चिंता का विषय है, लेकिन उन्हें अपनाकर सही रास्ता दिखाने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर मांगी सार्वजनिक माफी
विवाद बढ़ने के बाद छात्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर देशवासियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
वीडियो में उसने कहा,
“मैं अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी। वहां प्रदर्शन चल रहा था। लोग प्रधानमंत्री जी के खिलाफ लगातार गालियां दे रहे थे। उन्हीं लोगों के बहकावे में आकर मैंने भी वैसी बातें कह दीं।”
उसने आगे कहा,
“मैं सिर्फ 15 साल की हूं। मैंने बहुत बड़ी गलती की है। यह मेरी पहली और आखिरी गलती होगी। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मैं इतनी शर्मिंदा हूं कि अपनी नजरें भी नहीं उठा पा रही हूं।”
हालांकि, PTI ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रा द्वारा जारी वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।
पुलिस केस अभी भी जारी
छात्रा के वायरल वीडियो के बाद गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि छात्रा ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जीरो FIR दर्ज कर मामले को जांच के लिए दिल्ली पुलिस को भेज दिया। इससे पहले दिल्ली पुलिस की साइबर सेल भी इस मामले में FIR दर्ज कर चुकी थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को संबंधित कंटेंट हटाने और जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का नोटिस भी जारी किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इनमें कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे। वीडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया। बाद में छात्रा ने सार्वजनिक माफी मांगी और प्रधानमंत्री ने भी गुमराह बच्चों को माफ करने की अपील करते हुए संयम बरतने का संदेश दिया।


