Highlights
- नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में निधन
- दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों को 6 महीने 6 दिन में फतह कर बनाया था विश्व रिकॉर्ड
- पूर्व गोरखा सैनिक और ब्रिटेन की स्पेशल बोट सर्विस (SBS) का भी रहे हिस्सा
- ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ अभियान से पूरी दुनिया में मिली पहचान
- K2 की पहली शीतकालीन सफल चढ़ाई करने वाली नेपाली टीम के भी सदस्य थे
Nirmal Purja Death: पर्वतारोहण जगत ने खोया अपना सबसे बड़ा सितारा
नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (Nirmal Purja), जिन्हें दुनिया भर में ‘निम्सदाई’ (Nimsdai) के नाम से जाना जाता था, का पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के निकट स्थित ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन की चपेट में आने से निधन हो गया। इस दुखद हादसे ने पर्वतारोहण जगत को गहरा झटका दिया है।
शुक्रवार को ब्रॉड पीक पर अचानक हुए हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा समेत छह पर्वतारोही लापता हो गए थे। कई घंटों तक चले खोज अभियान के बाद उनकी एडवेंचर कंपनी Elite Exped ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की पुष्टि की।
बताया जा रहा है कि हादसे से कुछ घंटे पहले निर्मल पुर्जा ने भारतीय पत्रकार विष्णु सोम को एक वॉयस मैसेज भेजा था, जिसे उनका अंतिम संदेश माना जा रहा है।
ब्रॉड पीक पर कैसे हुआ हादसा?
Brother, you lived every day with one purpose—To make Nepal proud and you did. I was fortunate to call you a friend and a brother. To witness the world celebrate your extraordinary achievements. Today, Nepal has lost a hero and I have lost a brother. See you on the other side, my… pic.twitter.com/18CVcmdRQN
— Nirvana Chaudhary (@BeingNirvana) August 1, 2026 ब्रॉड पीक दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची पर्वत चोटी है, जो काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित है। यह पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की सीमा के पास, K2 पर्वत के बेहद करीब स्थित है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमस्खलन ब्रॉड पीक के सामान्य वेस्ट रिज रूट पर हुआ। उस समय पर्वतारोही लगभग 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई पर मौजूद थे। अचानक भारी मात्रा में बर्फ टूटकर नीचे आई, जिससे पूरा दल उसकी चपेट में आ गया।
कंपनी ने जारी किया भावुक संदेश
निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी Elite Exped ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुनिया ने पर्वतारोहण के सबसे प्रेरणादायक और साहसी पर्वतारोहियों में से एक को खो दिया है।
कंपनी ने अपने संदेश में कहा कि निर्मल पुर्जा केवल एक महान पर्वतारोही ही नहीं थे, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी थे। उन्होंने अपने जीवन से यह साबित किया कि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
कंपनी ने इस हादसे में जान गंवाने वाले गाइड पुर बहादुर गुरुंग और निमा शेरपा को भी श्रद्धांजलि दी तथा सभी परिवारों की निजता का सम्मान करने की अपील की।
कौन थे निर्मल पुर्जा?
निर्मल पुर्जा का जन्म नेपाल में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सेना से की और पहले ब्रिटेन की ब्रिगेड ऑफ गोरखा में सेवाएं दीं। इसके बाद वह Royal Marines Special Boat Service (SBS) जैसे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विशेष बलों का हिस्सा बने।
सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने पूरी तरह पर्वतारोहण को अपना जीवन समर्पित कर दिया। बेहद कम समय में उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें पर्वतारोहण के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है।
‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ से रचा इतिहास
साल 2019 में निर्मल पुर्जा ने अपने महत्वाकांक्षी अभियान ‘Project Possible’ के तहत दुनिया की 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली सभी 14 चोटियों पर केवल 6 महीने और 6 दिन में सफल चढ़ाई पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड पूरा करने में वर्षों लग जाते थे, लेकिन निर्मल पुर्जा ने अपनी असाधारण क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति से इसे महज कुछ महीनों में पूरा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया।
उनकी इस उपलब्धि पर बाद में डॉक्यूमेंट्री भी बनी, जिसने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई।
K2 की ऐतिहासिक शीतकालीन चढ़ाई का भी थे हिस्सा
साल 2021 में निर्मल पुर्जा उन 10 नेपाली पर्वतारोहियों की टीम में शामिल थे, जिसने पहली बार सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी K2 पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
यह उपलब्धि पर्वतारोहण के इतिहास की सबसे कठिन सफलताओं में गिनी जाती है और इसने नेपाल के पर्वतारोहियों की क्षमता को पूरी दुनिया के सामने साबित किया।
दुनिया भर के पर्वतारोहियों के लिए बने प्रेरणा
निर्मल पुर्जा ने केवल रिकॉर्ड ही नहीं बनाए, बल्कि उन्होंने लाखों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस भी दिया। उनकी संस्थाएं Elite Exped, Nimsdai Foundation, Skydive Nimsdai और Nimsdai Store आज भी उनके विजन को आगे बढ़ा रही हैं।
उनका प्रसिद्ध संदेश था कि “मानव अपनी सोच से कहीं अधिक सक्षम है।” यही विचार उनके हर अभियान और उपलब्धि में दिखाई देता था।
निर्मल पुर्जा की प्रमुख उपलब्धियां
- 2019 में 6 महीने 6 दिन में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई।
- ब्रिटेन की ब्रिगेड ऑफ गोरखा और स्पेशल बोट सर्विस (SBS) में सेवाएं।
- 2021 में K2 की पहली सफल शीतकालीन चढ़ाई करने वाली नेपाली टीम के सदस्य।
- दुनिया के सबसे प्रेरणादायक पर्वतारोहियों में शुमार।
- लाखों लोगों को पर्वतारोहण और साहसिक अभियानों के लिए प्रेरित किया।


