ITC लिमिटेड ने आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट के सेंचुरी पल्प एंड पेपर बिजनेस का ₹3,498 करोड़ में अधिग्रहण पूरा कर लिया है। जानिए इस डील का ITC और पेपर इंडस्ट्री पर क्या असर होगा।
Highlights
- ITC ने आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट के सेंचुरी पल्प एंड पेपर बिजनेस का अधिग्रहण किया।
- ₹3,498 करोड़ की यह डील 1 अगस्त 2026 को आधिकारिक रूप से पूरी हुई।
- उत्तराखंड के लालकुआं स्थित 4.8 लाख MT क्षमता वाला प्लांट अब ITC का हिस्सा बनेगा।
- ITC की पेपरबोर्ड और पैकेजिंग कारोबार में क्षमता और बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी।
ITC ने ₹3,498 करोड़ में पूरा किया बड़ा अधिग्रहण
नई दिल्ली: देश की दिग्गज FMCG कंपनी ITC लिमिटेड ने अपने पेपर और पैकेजिंग कारोबार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कुमार मंगलम बिड़ला की अगुवाई वाली आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड (ABREL) के ‘सेंचुरी पल्प एंड पेपर’ (Century Pulp & Paper) बिजनेस का ₹3,498 करोड़ में अधिग्रहण पूरा कर लिया है। कंपनी ने शनिवार 1 अगस्त 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को इसकी आधिकारिक जानकारी दी।
यह सौदा भारतीय पेपर और पैकेजिंग उद्योग के सबसे बड़े अधिग्रहणों में से एक माना जा रहा है और इससे ITC की विनिर्माण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
‘स्लम्प सेल’ के जरिए हुआ पूरा अधिग्रहण
ITC ने बताया कि यह अधिग्रहण ‘स्लम्प सेल’ (Slump Sale) के माध्यम से किया गया है। इसका मतलब है कि पूरा बिजनेस एक Going Concern के रूप में ITC को हस्तांतरित किया गया है।
इस डील के तहत उत्तराखंड के लालकुआं (नैनीताल) स्थित सेंचुरी पल्प एंड पेपर यूनिट की सभी परिसंपत्तियां (Assets), देनदारियां (Liabilities), कर्मचारियों के अनुबंध और अन्य व्यावसायिक अधिकार अब ITC के स्वामित्व में आ गए हैं।
4.8 लाख मीट्रिक टन की उत्पादन क्षमता वाला प्लांट
सेंचुरी पल्प एंड पेपर का प्लांट वर्ष 1984 में स्थापित किया गया था। यह भारत के प्रमुख पेपर निर्माण संयंत्रों में शामिल है और इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 4.8 लाख मीट्रिक टन है।
यह यूनिट राइटिंग एवं प्रिंटिंग पेपर, टिश्यू पेपर, स्पेशलिटी पेपर और पल्प जैसे कई उत्पादों का निर्माण करती है। अब इस क्षमता का लाभ सीधे ITC को मिलेगा।
मार्च 2025 में हुई थी डील की शुरुआत
इस अधिग्रहण की प्रक्रिया 31 मार्च 2025 को शुरू हुई थी, जब ITC और आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड के बीच Business Transfer Agreement (BTA) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
इसके बाद इस सौदे को विभिन्न नियामकीय मंजूरियों का इंतजार था। हाल ही में Competition Commission of India (CCI) ने भी इस अधिग्रहण को मंजूरी दे दी। सभी आवश्यक शर्तें पूरी होने के बाद 1 अगस्त 2026 को यह डील आधिकारिक रूप से पूरी हो गई।
ITC को क्या होगा फायदा?
ITC पहले से ही देश की अग्रणी पेपरबोर्ड, स्पेशलिटी पेपर और पैकेजिंग कंपनियों में शामिल है। सेंचुरी पल्प एंड पेपर बिजनेस के जुड़ने से कंपनी को कई रणनीतिक फायदे मिलेंगे।
- पेपर और पल्प उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
- पैकेजिंग कारोबार को मजबूत सपोर्ट मिलेगा।
- FMCG कारोबार के लिए इन-हाउस पैकेजिंग क्षमता बढ़ेगी।
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत नियंत्रण में मदद मिलेगी।
- घरेलू और निर्यात बाजार में प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-कॉमर्स, फूड पैकेजिंग और टिकाऊ (Sustainable) पैकेजिंग की बढ़ती मांग के बीच यह अधिग्रहण ITC के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश साबित हो सकता है।
ITC के शेयर पर नजर
करीब ₹3.52 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली ITC देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है। कंपनी ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजे भी जारी किए हैं। खबर लिखे जाने तक ITC का शेयर करीब ₹281 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पिछले एक वर्ष में कंपनी के शेयर में लगभग 32.52% की गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि पेपर और पैकेजिंग बिजनेस में क्षमता विस्तार से कंपनी के इस सेगमेंट की आय और दीर्घकालिक विकास को समर्थन मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


