Highlights
- पुणे के एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल।
- दावा- नौकरी में सबसे बड़ा खतरा वर्कलोड नहीं, बल्कि काम कम हो जाना है।
- नई जिम्मेदारियां और नई स्किल्स न मिलना करियर के लिए हो सकता है नुकसानदायक।
- सोशल मीडिया पर लोगों ने इस सलाह का समर्थन भी किया और अलग-अलग राय भी रखी।
Corporate Job Viral Post: आखिर नौकरी में सबसे बड़ा खतरा क्या है?
कॉर्पोरेट नौकरी में अधिक काम (Workload) को अक्सर सबसे बड़ी समस्या माना जाता है। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस सोच को चुनौती दी है। पुणे के एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल ने दावा किया है कि नौकरी में सबसे बड़ा खतरा ज्यादा काम नहीं, बल्कि धीरे-धीरे काम खत्म हो जाना और नई जिम्मेदारियां न मिलना है।
उनका कहना है कि जब टीम आपको महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट देना बंद कर दे और आपके पास सीखने के लिए कुछ नया न बचे, तो इसे करियर के लिए एक चेतावनी संकेत (Red Flag) समझना चाहिए। इसी वजह से उनका वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या कहा पुणे के प्रोफेशनल ने?
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में निहार पाटिल, जो पिछले पांच साल से अधिक समय से कॉर्पोरेट सेक्टर में काम कर रहे हैं, कहते हैं कि लोगों को काम के दबाव से नहीं, बल्कि काम की कमी से ज्यादा डरना चाहिए।
उनके मुताबिक,
“कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे डराने वाली चीज वर्कलोड नहीं है। असली चिंता तब शुरू होती है, जब कोई आप पर निर्भर नहीं रहता और आपके पास करने के लिए कोई महत्वपूर्ण काम नहीं बचता।”
उन्होंने कहा कि काम करते हुए ही व्यक्ति नई चीजें सीखता है, समस्याओं का समाधान करना सीखता है, अनुभव हासिल करता है और टीम का भरोसा जीतता है। यही अनुभव भविष्य में प्रमोशन और बेहतर अवसर दिलाने में मदद करता है।
नई स्किल्स सीखना क्यों जरूरी है?
निहार पाटिल का मानना है कि अगर कोई कर्मचारी केवल हर महीने सैलरी मिलने से संतुष्ट है और नई जिम्मेदारियां लेने या नई स्किल्स सीखने की कोशिश नहीं कर रहा, तो यह भविष्य में उसके करियर की ग्रोथ रोक सकता है।
उन्होंने बताया कि आज की कॉर्पोरेट दुनिया तेजी से बदल रही है। नई टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में लगातार सीखना बेहद जरूरी हो गया है। जो लोग खुद को अपडेट नहीं करते, वे धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धा में पीछे छूट सकते हैं।
खाली समय का कैसे करें सही इस्तेमाल?
प्रोफेशनल ने कर्मचारियों को सलाह दी कि यदि ऑफिस में काम कम हो, तो उस समय को बेकार न जाने दें। इसकी बजाय आप:
- नई टेक्निकल या प्रोफेशनल स्किल्स सीखें।
- ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्स करें।
- टीम में नई जिम्मेदारियां लेने की पहल करें।
- अपने क्षेत्र से जुड़ी नई टेक्नोलॉजी को समझें।
- करियर ग्रोथ के लिए खुद को लगातार अपग्रेड करें।
उनका कहना है कि सीखने की आदत ही किसी प्रोफेशनल को लंबे समय तक प्रासंगिक बनाए रखती है।
‘आराम को करियर ग्रोथ मत समझिए’
निहार पाटिल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अनहेल्दी वर्क कल्चर या लगातार ओवरवर्क को बढ़ावा देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर काम का दबाव संतुलित है और उससे नई चीजें सीखने का मौका मिल रहा है, तो यह सकारात्मक संकेत है। लेकिन जब नौकरी जरूरत से ज्यादा आरामदायक लगने लगे, तब खुद से यह सवाल जरूर पूछना चाहिए कि क्या वास्तव में करियर आगे बढ़ रहा है या केवल हर महीने सैलरी मिल रही है।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
इस वीडियो पर हजारों लोगों ने अपनी राय साझा की।
कुछ यूजर्स ने लिखा कि यदि किसी कर्मचारी के पास लगातार काम नहीं है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि कंपनी में उसकी भूमिका कम महत्वपूर्ण होती जा रही है।
वहीं कुछ लोगों ने कहा कि बिना जिम्मेदारी के लंबे समय तक नौकरी करना भविष्य में छंटनी (Layoff) का कारण भी बन सकता है। हालांकि कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि हर कंपनी और हर भूमिका की परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए केवल काम की मात्रा से किसी कर्मचारी की स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
कॉर्पोरेट करियर में केवल व्यस्त रहना ही सफलता की गारंटी नहीं है, लेकिन लगातार नई जिम्मेदारियां मिलना, नई स्किल्स सीखना और खुद को अपडेट रखना निश्चित रूप से लंबे समय में करियर को मजबूत बनाता है। वायरल पोस्ट का मुख्य संदेश यही है कि करियर में ठहराव से बचने के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकनी चाहिए।


