जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दावा किया कि 2021 से 2024-25 के बीच कश्मीर में बने 5,000 से अधिक होटलों में 90% अवैध हैं। जानिए क्या कहा और क्यों बढ़ी चिंता।
कश्मीर में बने 5,000 होटलों में 90% अवैध! LG मनोज सिन्हा का बड़ा दावा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर में तेजी से हुए होटल निर्माण को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से 2024-25 के बीच कश्मीर घाटी में 5,000 से अधिक होटल बनाए गए, लेकिन इनमें से करीब 90 प्रतिशत होटल आवश्यक अनुमति और नियमों के अनुरूप नहीं बने हैं। उनके मुताबिक, केवल लगभग 10 प्रतिशत होटल ही वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए तैयार किए गए हैं।
एलजी का यह बयान ऐसे समय आया है जब घाटी में पर्यटन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और होटल उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है।
एथिकल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उठाया मुद्दा
मनोज सिन्हा ने यह टिप्पणी श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में आयोजित ‘एथिकल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ के दौरान की। इस कार्यक्रम का आयोजन टूरिस्ट ट्रेड इंटरेस्ट गिल्ड द्वारा किया गया था।
उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति के निर्माण और भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो पर्यटन क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
मुश्ताक छाया के रैडिसन होटल का भी लिया नाम
अपने संबोधन में एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि इन अवैध निर्माणों में मुश्ताक छाया के रैडिसन होटल का भी नाम शामिल है। मुश्ताक छाया जम्मू-कश्मीर होटलियर्स क्लब के अध्यक्ष हैं और कार्यक्रम के दौरान मौजूद भी थे।
हालांकि, इस संबंध में होटल प्रबंधन या मुश्ताक छाया की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
₹75,000 करोड़ से लेकर ₹1 लाख करोड़ तक निवेश का अनुमान
एलजी ने होटल उद्योग में हुए निवेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ होटल 200 करोड़ रुपये तक की लागत से बने हैं, जबकि कई अन्य परियोजनाओं पर 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक खर्च हुआ है।
उनके अनुसार, यदि प्रति होटल औसतन 15 करोड़ रुपये का निवेश माना जाए तो:
- कुल होटल: 5,000 से अधिक
- औसत निवेश: 15 करोड़ रुपये प्रति होटल
- अनुमानित कुल निवेश: करीब ₹75,000 करोड़
- वास्तविक निवेश ₹1 लाख करोड़ तक भी पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े निवेश के बावजूद यदि अधिकांश निर्माण नियमों के अनुरूप नहीं हैं, तो यह प्रशासन और शहरी नियोजन दोनों के लिए गंभीर चुनौती है।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या से तेजी से बढ़ा होटल कारोबार
पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बढ़ती मांग को देखते हुए घाटी में नए होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे तेजी से विकसित किए गए हैं।
पर्यटन उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना रहा है कि सरकार को पर्यटन स्थलों और दूरदराज के क्षेत्रों में होटल निर्माण तथा पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए, ताकि बढ़ती पर्यटक संख्या के अनुरूप बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके।
नियमों के पालन पर दिया जोर
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का विकास जरूरी है, लेकिन यह विकास कानूनी प्रक्रियाओं, पर्यावरणीय मानकों और भवन निर्माण नियमों का पालन करते हुए होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि प्रशासन अवैध निर्माणों के मामलों की समीक्षा करेगा और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।


