NEET Protest Case: बिहार में NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों के बीच एक नया विवाद सामने आया है। किशनगंज जिले के रहने वाले मोहम्मद सदाकत ने दावा किया है कि उनके खिलाफ प्रदर्शन से संबंधित FIR दर्ज कर दी गई, जबकि वह पिछले चार महीनों से रूस में रह रहे हैं। उनका सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस दावे की पुष्टि या खंडन नहीं किया है।
रूस में रहने का दावा, फिर भी FIR में नाम
किशनगंज निवासी मोहम्मद सदाकत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहे हैं। उनके अनुसार, बहादुरगंज में पिछले सप्ताह हुए NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान वह भारत में मौजूद ही नहीं थे।
सदाकत ने दावा किया कि इसके बावजूद उनका नाम विरोध प्रदर्शन से जुड़ी FIR में शामिल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि घटना के समय वह रूस में थे और प्रदर्शन में शामिल नहीं थे।
वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल
Mohammad Sadaqat, a resident of Kishanganj in Bihar, has been living in Russia for the past 4 months. Claims he has been booked by Bihar Police in connection to the paper leak protests. pic.twitter.com/fBpIw9sQtM
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 29, 2026 सदाकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई लोगों ने मांग की कि यदि कोई व्यक्ति वास्तव में विदेश में था, तो उसका नाम FIR में कैसे शामिल हुआ।
हालांकि, फिलहाल इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
पुलिस ने क्या कहा?
इस मामले पर किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) हरि मोहन शुक्ला ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि जिन लोगों को विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कोई शिकायत है, वे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने मोहम्मद सदाकत के वायरल वीडियो या उनके दावे की पुष्टि या खंडन करने से इनकार किया। एसपी ने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिहार सरकार ने वापस लेने का किया ऐलान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बिहार सरकार पहले ही बड़ा फैसला ले चुकी है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए सभी मामलों को वापस लिया जाएगा।
गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार—
- 26 जुलाई की सुबह 6 बजे से पहले हुई घटनाओं से संबंधित सभी FIR वापस ली जाएंगी।
- दर्ज शिकायतें और कारण बताओ नोटिस भी निरस्त किए जाएंगे।
- इन मामलों में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, बिहार बंद के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें लगभग आधे नाबालिग बताए गए हैं।
युवक ने निष्पक्ष जांच की मांग की
मोहम्मद सदाकत ने प्रशासन से अपील की है कि उनके यात्रा रिकॉर्ड और पासपोर्ट की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में यह साबित हो जाए कि घटना के समय वह रूस में थे, तो उनका नाम FIR से हटाया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति का नाम बिना पर्याप्त जांच के किसी आपराधिक मामले में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। कई यूजर्स निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस को पहले सभी तथ्यों की जांच करनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
निष्कर्ष
NEET विरोध प्रदर्शन से जुड़े इस मामले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर युवक का दावा है कि वह चार महीने से रूस में रह रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके खिलाफ FIR दर्ज होने की बात सामने आई है। चूंकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है और राज्य सरकार पहले ही ऐसे मामलों को वापस लेने की घोषणा कर चुकी है, ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी है।


