Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रहने के संकेत मिल रहे हैं। GIFT निफ्टी करीब 245 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी गैप-अप ओपनिंग कर सकते हैं। हालांकि, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ उछाल निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या बाजार बुल्स की नई उड़ान भरेगा या महंगे क्रूड का दबाव हावी रहेगा?
GIFT Nifty दे रहा है मजबूत शुरुआत का संकेत
बुधवार सुबह 8:15 बजे GIFT निफ्टी 245 अंक यानी 1.02% की तेजी के साथ 24,230 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि निफ्टी 50, जो मंगलवार को 23,985.35 पर बंद हुआ था, आज मजबूत बढ़त के साथ खुल सकता है।
मंगलवार को घरेलू बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला था। सेंसेक्स 69.86 अंक (0.09%) गिरकर 76,765.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10.60 अंक (0.04%) फिसलकर 23,985.35 पर बंद हुआ।
आईटी, ऑटो और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन बैंकिंग, एनर्जी, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर में कमजोरी के चलते प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे।
एशियाई बाजारों में लौटी रिकवरी
मंगलवार की भारी बिकवाली के बाद बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में शानदार रिकवरी देखने को मिली। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
- MSCI Asia Pacific Index (जापान छोड़कर) करीब 0.8% मजबूत हुआ।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1% से अधिक चढ़ा।
- जापान का निक्केई 225 भी लगभग 1% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
- Nasdaq Futures में करीब 0.5% की तेजी रही।
- यूरोपीय बाजारों के फ्यूचर्स भी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI सेक्टर, सेमीकंडक्टर कंपनियों के वैल्यूएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर बनी चिंताओं के बावजूद निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है।
मिडिल ईस्ट तनाव से क्रूड ऑयल में बड़ा उछाल
वैश्विक बाजारों की सबसे बड़ी चिंता इस समय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद:
- ब्रेंट क्रूड लगभग 3% उछलकर 86.80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
- WTI क्रूड भी 3% से ज्यादा बढ़कर 81.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
यह तेजी उस समय आई जब अमेरिकी सेना ने जानकारी दी कि ईरान द्वारा दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया।
यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ सकता है। इससे महंगाई बढ़ने के साथ-साथ ऑयल मार्केटिंग, एविएशन और पेंट जैसी कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन
मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर कारोबार मिश्रित रहा।
- Dow Jones में 1.03% की तेजी रही।
- S&P 500 करीब 0.21% मजबूत होकर बंद हुआ।
- Nasdaq Composite 0.22% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी रही, जबकि डिफेंसिव सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों की नजर अब Apple समेत कई बड़ी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है।
फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी नजर
आज वैश्विक बाजारों की सबसे बड़ी घटना अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक का फैसला रहेगा।
बाजार की उम्मीदें बताती हैं कि:
- ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना लगभग 71% है।
- 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना करीब 29% मानी जा रही है।
फेड चेयरमैन के बयान से डॉलर, बॉन्ड यील्ड और उभरते बाजारों की दिशा तय हो सकती है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिलेगा।
आज निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कैसी रखें रणनीति?
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, सोमवार की तेज़ रैली के बाद मंगलवार को निफ्टी ने कंसोलिडेशन दिखाया।
उनके मुताबिक:
- डेली चार्ट पर निफ्टी ने छोटी बुलिश कैंडल बनाई है।
- 24,000–24,100 का दायरा फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।
- शॉर्ट टर्म ट्रेंड अब भी पॉजिटिव है।
- 24,100 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट मिलने पर बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
- यदि यह स्तर पार नहीं होता तो कुछ समय तक कंसोलिडेशन या हल्की मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
किन सेक्टरों पर रहेगी नजर?
आज के कारोबार में निवेशकों की नजर इन सेक्टरों पर रहेगी:
- आईटी शेयर
- बैंकिंग सेक्टर
- ऑटो कंपनियां
- ऑयल एंड गैस
- डिफेंस शेयर
- मेटल सेक्टर
कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेड के फैसले के आधार पर इन सेक्टरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल GIFT निफ्टी और एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूत हो सकती है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला दिनभर बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को शुरुआती तेजी के बावजूद सतर्क रहकर कारोबार करने की सलाह दी जाती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


