Minimum Balance Fine: अगर आपके सेविंग्स या करंट अकाउंट में बैंक द्वारा तय किया गया मिनिमम एवरेज बैलेंस नहीं रहता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश के निजी बैंकों ने ऐसे ग्राहकों से लगभग ₹4,948.71 करोड़ का जुर्माना (चार्ज) वसूला। संसद में सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह रकम सरकारी बैंकों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। सबसे ज्यादा शुल्क वसूलने वाले बैंकों में HDFC बैंक और Axis बैंक शामिल रहे।
Highlights
- निजी बैंकों ने FY26 में मिनिमम बैलेंस चार्ज के रूप में ₹4,948.71 करोड़ वसूले।
- सरकारी बैंकों ने इसी अवधि में ₹2,137.92 करोड़ की वसूली की।
- HDFC बैंक और Axis बैंक ने सबसे अधिक शुल्क वसूला।
- जन धन और बेसिक सेविंग्स अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस का जुर्माना लागू नहीं होता।
- सरकार ने सरकारी बैंकों की मजबूत वित्तीय स्थिति का भी दावा किया।
निजी बैंकों ने वसूले लगभग ₹5,000 करोड़
राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निजी क्षेत्र के 19 बैंकों ने उन ग्राहकों से ₹4,948.71 करोड़ वसूले, जो अपने बचत (Savings) या चालू (Current) खातों में निर्धारित Minimum Average Balance (MAB) बनाए रखने में असफल रहे।
इसके मुकाबले, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने इसी मद में ₹2,137.92 करोड़ का शुल्क वसूला। यानी निजी बैंकों की वसूली सरकारी बैंकों की तुलना में दोगुने से भी अधिक रही।
HDFC और Axis बैंक सबसे आगे
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक शुल्क वसूलने वाले बैंकों की सूची में HDFC बैंक पहले स्थान पर रहा।
| बैंक | वसूला गया शुल्क |
|---|---|
| HDFC बैंक | ₹1,798.14 करोड़ |
| Axis बैंक | ₹1,081.33 करोड़ |
| दोनों का कुल | ₹2,879.47 करोड़ |
दिलचस्प बात यह है कि केवल इन दो बैंकों ने ही निजी बैंकों द्वारा वसूले गए कुल शुल्क का लगभग 58% हिस्सा जमा किया।
आखिर क्यों लगता है मिनिमम बैलेंस चार्ज?
अधिकांश बैंक अपने सेविंग्स और करंट अकाउंट के लिए एक Minimum Average Balance (MAB) तय करते हैं। यदि ग्राहक पूरे महीने या तिमाही के दौरान निर्धारित औसत बैलेंस बनाए रखने में विफल रहता है, तो बैंक उसके खाते से पेनल्टी या सर्विस चार्ज काट लेते हैं।
हालांकि, यह नियम सभी खातों पर लागू नहीं होता। अलग-अलग शहरों, बैंक शाखाओं और खाते के प्रकार के अनुसार न्यूनतम बैलेंस की शर्तें भी अलग हो सकती हैं।
किन खातों में नहीं लगता जुर्माना?
सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि कुछ विशेष श्रेणी के खातों पर Minimum Balance Penalty लागू नहीं होती।
इनमें शामिल हैं:
- बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA)
- प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) खाते
इन खातों में ग्राहक को न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की बाध्यता नहीं होती और बैलेंस कम होने पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता।
सरकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति हुई मजबूत
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सरकार के अनुसार:
- सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट पहले से अधिक मजबूत हुई है।
- बैंकों का मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है।
- ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) कई दशकों के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं।
- पूंजी पर्याप्तता और ऋण वसूली में भी सुधार दर्ज किया गया है।
ECLGS 5.0 के तहत व्यवसायों को राहत
सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव से प्रभावित कारोबारों को राहत देने के लिए ECLGS 5.0 योजना का भी उल्लेख किया।
इस योजना के तहत:
- MSME को मिलने वाले अतिरिक्त ऋण पर 100% सरकारी गारंटी उपलब्ध कराई जाती है।
- गैर-MSME और अनुसूचित यात्री एयरलाइन कंपनियों को 90% गारंटी कवरेज मिलता है।
- योजना का कुल क्रेडिट आउटले ₹2.55 लाख करोड़ है।
- इसमें से ₹5,000 करोड़ एयरलाइन सेक्टर के लिए आरक्षित किए गए हैं।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका सेविंग्स या करंट अकाउंट किसी निजी या सरकारी बैंक में है, तो अपने खाते के Minimum Average Balance नियमों की जानकारी जरूर रखें। यदि आपके खाते में नियमित रूप से कम बैलेंस रहता है, तो ऐसे खाते पर स्विच करने पर विचार करें जहां न्यूनतम बैलेंस की शर्त न हो या फिर BSBDA अथवा जन धन खाता जैसे विकल्प आपके लिए अधिक उपयुक्त हो सकते हैं।


