Paytm Payments Bank News: पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने के करीब तीन महीने बाद आया है। आरबीआई ने नियमों के उल्लंघन और जमाकर्ताओं के हितों को देखते हुए PPBL का बैंकिंग लाइसेंस कैंसिल किया था।
कोर्ट के आदेश के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक की बैंकिंग गतिविधियां पूरी तरह खत्म करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर गिरीकुमार एम नायर को आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने PPBL बंद करने का दिया आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई और 22 जुलाई 2026 को जारी आदेशों के जरिए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत बंद करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने बैंक को बंद करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लिक्विडेटर की नियुक्ति की है। लिक्विडेटर अब बैंक के कामकाज, देनदारियों और जमाकर्ताओं से जुड़े मामलों को संभालेंगे।
गिरीकुमार एम नायर 8 जुलाई से ही बैंक बोर्ड की सभी शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनकी जिम्मेदारी PPBL की संपत्तियों और देनदारियों का निपटारा करना और ग्राहकों के पैसे वापस करने की प्रक्रिया को पूरा करना होगी।
RBI ने अप्रैल 2026 में रद्द किया था बैंकिंग लाइसेंस
भारतीय रिजर्व बैंक ने 24 अप्रैल 2026 से पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। लाइसेंस कैंसिल होने के बाद PPBL बैंकिंग गतिविधियां जारी नहीं रख सकता था।
RBI के फैसले के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक:
- नए बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकता था।
- ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाएं जारी नहीं रख सकता था।
- बैंकिंग कानून के तहत मिलने वाली अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकता था।
RBI ने कहा था कि बैंक के पास अपनी सभी जमा देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी मौजूद है।
RBI ने बताए थे लाइसेंस रद्द करने के कारण
RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर कार्रवाई करते हुए कई गंभीर कारण बताए थे। केंद्रीय बैंक के अनुसार PPBL का कामकाज तय रेगुलेटरी मानकों के अनुरूप नहीं था।
आरबीआई ने कहा था कि:
- बैंक नियमों का पालन करने में विफल रहा।
- बैंक का संचालन जमाकर्ताओं के हितों के अनुकूल नहीं पाया गया।
- प्रबंधन का रवैया ग्राहकों और सार्वजनिक हित के खिलाफ था।
- पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया गया।
केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा था कि बैंक की गतिविधियां वित्तीय प्रणाली के लिए चिंता का कारण बन रही थीं।
जनवरी 2024 से शुरू हुई थी RBI की सख्ती
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई की कार्रवाई अचानक नहीं हुई थी। इससे पहले जनवरी 2024 में केंद्रीय बैंक ने नियमों के लगातार उल्लंघन और सुपरवाइजरी चिंताओं का हवाला देते हुए कई प्रतिबंध लगाए थे।
RBI ने PPBL को निर्देश दिया था कि 15 मार्च 2024 के बाद:
- नए डिपॉजिट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
- क्रेडिट ट्रांजैक्शन की अनुमति नहीं होगी।
- ग्राहक खातों, वॉलेट, FASTag और अन्य प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट में टॉप-अप नहीं किया जा सकेगा।
इसके बाद बैंक के कामकाज पर लगातार निगरानी रखी गई और अंत में अप्रैल 2026 में लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
Paytm यूजर्स पर क्या होगा असर?
दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश केवल Paytm Payments Bank Limited (PPBL) पर लागू होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा पेटीएम प्लेटफॉर्म बंद हो जाएगा।
पेटीएम की कई सेवाएं दूसरे बैंकिंग पार्टनर्स के साथ जारी रह सकती हैं। जिन सेवाओं के लिए पेटीएम अन्य बैंकों के साथ साझेदारी करता है, उन पर इस आदेश का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि PPBL से जुड़े खातों, जमा राशि और अन्य बैंकिंग सेवाओं को बंद करने की प्रक्रिया लिक्विडेटर की निगरानी में पूरी की जाएगी।
अब आगे क्या होगा?
लिक्विडेशन प्रक्रिया के दौरान सबसे बड़ी प्राथमिकता जमाकर्ताओं और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा होगी। लिक्विडेटर बैंक की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेंगे और नियमों के अनुसार देनदारियों का निपटारा करेंगे।
RBI और अदालत के इस फैसले के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग सफर आधिकारिक रूप से समाप्त होने की दिशा में बढ़ गया है। यह भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर में रेगुलेटरी अनुपालन और बैंकिंग नियमों के महत्व को भी दर्शाता है।


