IT Stocks: भारतीय आईटी शेयरों में पिछले दो कारोबारी सत्रों के दौरान जोरदार वापसी देखने को मिली है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुका है, जबकि मंगलवार को अकेले इसमें लगभग 3% की तेजी दर्ज की गई। ऐसे में निवेशकों के मन में बड़ा सवाल है कि क्या TCS, Infosys, HCL Technologies और Tech Mahindra जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए अब नई तेजी का दौर शुरू हो गया है या यह सिर्फ शॉर्ट टर्म राहत की रैली है? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल रिकवरी के संकेत जरूर मजबूत हुए हैं, लेकिन लंबी अवधि की तेजी के लिए अभी कुछ अहम स्तरों का पार होना बाकी है।
एशियाई टेक शेयरों में बिकवाली, फिर भी भारतीय IT सेक्टर ने दिखाई मजबूती
मंगलवार, 28 जुलाई को दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान के टेक शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। ग्लोबल निवेशकों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इसका असर चिप और हार्डवेयर कंपनियों पर साफ नजर आया।
हालांकि भारतीय आईटी कंपनियां इस दबाव से काफी हद तक बची रहीं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि भारतीय आईटी कंपनियों का बिजनेस मॉडल AI इंफ्रास्ट्रक्चर या चिप निर्माण पर आधारित नहीं है, बल्कि सॉफ्टवेयर सेवाओं और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर केंद्रित है।
Jefferies की रिपोर्ट बनी तेजी की बड़ी वजह
आईटी सेक्टर में आई तेजी के पीछे एक बड़ा कारण ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies की हालिया रिपोर्ट भी रही। ब्रोकरेज ने भारतीय आईटी सेक्टर की रेटिंग ‘Underweight’ से बढ़ाकर ‘Neutral’ कर दी, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले बाजार को उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। स्थिर ब्याज दरों की उम्मीद ने भी आईटी शेयरों में खरीदारी को समर्थन दिया।
भारतीय IT कंपनियां क्यों रहीं सुरक्षित?
Nexedge Capital के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर गौरव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि दुनियाभर में AI को लेकर जो अत्यधिक उत्साह था, उसमें अब ठहराव आया है। इसका फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को मिला क्योंकि उनका बिजनेस मॉडल AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर नहीं है।
हालांकि उनका मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी खर्च (IT Spending) में बढ़ोतरी नहीं होती, तब तक सेक्टर में स्थायी तेजी आना मुश्किल रहेगा।
निवेशकों ने क्यों बढ़ाई IT शेयरों में खरीदारी?
Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के अनुसार भारतीय आईटी कंपनियों का मॉडल एसेट-लाइट है। इन्हें डेटा सेंटर या चिप फैक्ट्रियों की तरह अरबों डॉलर का निवेश नहीं करना पड़ता।
उनका कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद भारतीय आईटी शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। ऐसे में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई हार्डवेयर कंपनियों से पैसा निकालकर भारतीय आईटी शेयरों में निवेश बढ़ाया।
निफ्टी IT इंडेक्स का टेक्निकल आउटलुक
मयंक जैन के मुताबिक हालिया तेजी के बाद निफ्टी IT इंडेक्स करीब 30,500 के स्तर पर बंद हुआ है। कई महीनों की कमजोरी के बाद यह मजबूत रिकवरी मानी जा रही है।
उन्होंने बताया कि—
- इंडेक्स ने 20-डे EMA और 50-डे EMA के ऊपर वापसी कर ली है।
- 28,600-28,700 का दायरा मजबूत सपोर्ट बन चुका है।
- 31,800-32,000 का स्तर सबसे बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।
- इंडेक्स अभी भी 200-डे EMA से नीचे है।
- 31,800 के ऊपर टिकने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि होगी।
TCS: निवेशकों को किस स्तर का इंतजार?
मयंक जैन के अनुसार TCS का शेयर फिलहाल 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिससे शॉर्ट टर्म मजबूती दिखाई दे रही है।
हालांकि शेयर अभी भी 200 DMA के नीचे है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत डिविडेंड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे बेहतर विकल्प बनाते हैं, जबकि ट्रेडर्स को 200 DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।
Infosys: अभी बाकी है बड़ी तेजी
Infosys का शेयर 20 DMA के ऊपर लौट आया है लेकिन अभी भी 50 DMA और 200 DMA के नीचे बना हुआ है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक कंपनी की मजबूत कैश फ्लो, लगभग 4.3% डिविडेंड यील्ड और बेहतर वैल्यूएशन इसे डिफेंसिव स्टॉक बनाते हैं। हालांकि इसमें बड़ी तेजी तभी देखने को मिलेगी जब कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस और ऑर्डर बुक में सुधार दिखाई देगा।
HCL Technologies: सबसे मजबूत टेक्निकल सेटअप
मयंक जैन के अनुसार HCL Technologies फिलहाल बड़े आईटी शेयरों में सबसे मजबूत टेक्निकल स्थिति में दिखाई दे रही है।
शेयर 20 DMA और 50 DMA दोनों के ऊपर बना हुआ है और अब 200 DMA के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के करीब पहुंच चुका है। यदि यह मजबूत वॉल्यूम के साथ इस स्तर को पार करता है तो आगे अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
Tech Mahindra: गिरावट में खरीदारी का मौका?
Tech Mahindra भी 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है।
हालांकि करीब ₹1,700 के आसपास मौजूद 200 DMA फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस स्तर तक आने वाली छोटी गिरावटें लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा अवसर बन सकती हैं।
आगे किन बातों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर?
आने वाले दिनों में भारतीय आईटी सेक्टर की दिशा मुख्य रूप से इन कारकों पर निर्भर करेगी—
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला
- वैश्विक IT Spending में सुधार
- BFSI सेक्टर से नए टेक्नोलॉजी ऑर्डर
- अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती
- भारतीय आईटी कंपनियों की अगली तिमाही की गाइडेंस
यदि अमेरिका में भविष्य में ब्याज दरों में कटौती होती है, तो बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती हैं, जिससे भारतीय आईटी कंपनियों को नए प्रोजेक्ट और ऑर्डर मिलने की संभावना मजबूत होगी।
क्या अभी IT शेयरों में निवेश करना चाहिए?
मौजूदा रिकवरी से यह संकेत जरूर मिलता है कि आईटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव कम हुआ है। लेकिन तकनीकी रूप से अधिकांश बड़े शेयर अभी भी अपने 200-डे मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहे हैं। इसलिए लंबी अवधि की मजबूत तेजी की पुष्टि के लिए निवेशकों को महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखनी चाहिए। यदि ये स्तर निर्णायक रूप से टूटते हैं, तो आईटी सेक्टर में अगला बड़ा अपसाइड देखने को मिल सकता है।
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