नई दिल्ली: टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) एक बार फिर चर्चा में हैं। जहां एक ओर उनके सेवा विस्तार को लेकर समूह के भीतर चर्चाएं तेज हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी कमाई के आंकड़ों ने भी सबका ध्यान खींचा है। कंपनी के ताजा दस्तावेजों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में उन्हें कुल 685 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इनमें वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में मिला 158.6 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक भुगतान है।
Highlights
- एन. चंद्रशेखरन ने पिछले 5 वर्षों में ₹685 करोड़ कमाए।
- FY26 में रिकॉर्ड ₹158.6 करोड़ का भुगतान मिला।
- कुल भुगतान का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में मिला।
- 18 अगस्त की AGM में पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव पर होगी चर्चा।
- फरवरी 2027 तक है मौजूदा कार्यकाल।
FY26 में रिकॉर्ड 158.6 करोड़ रुपये की कमाई
टाटा संस की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में एन. चंद्रशेखरन को कुल 158.6 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यह राशि टाटा संस के सभी निदेशकों को दिए गए कुल पारिश्रमिक का लगभग 80 प्रतिशत रही।
इस भुगतान में:
- ₹140.7 करोड़ कमीशन (Commission) के रूप में मिले।
- ₹17.9 करोड़ वेतन (Salary) के रूप में दिए गए।
यह FY25 के 155 करोड़ रुपये और FY24 के 134.8 करोड़ रुपये के मुकाबले अधिक है, जिससे यह उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक भुगतान बन गया।
पांच साल में 685 करोड़ रुपये का कुल भुगतान
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में एन. चंद्रशेखरन को टाटा समूह से कुल 685 करोड़ रुपये का भुगतान मिला है। उनकी आय में हर वर्ष लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो कंपनी के प्रदर्शन और उनके नेतृत्व में हुए कारोबारी विस्तार को भी दर्शाती है।
टाटा समूह ने इस अवधि में कई बड़े अधिग्रहण, एयर इंडिया के एकीकरण, डिजिटल कारोबार के विस्तार और वैश्विक स्तर पर निवेश जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनकी अगुवाई चंद्रशेखरन ने की।
18 अगस्त की AGM में होगा बड़ा फैसला
टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) में एन. चंद्रशेखरन की डायरेक्टर के रूप में पुनर्नियुक्ति प्रमुख एजेंडा में शामिल है।
AGM नोटिस में कंपनी ने कहा है कि बोर्ड का मानना है कि चंद्रशेखरन का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और कंपनी के साथ उनका लंबा जुड़ाव भविष्य में भी टाटा संस के लिए लाभदायक रहेगा। इसी आधार पर बोर्ड ने उनके दोबारा नियुक्ति की सिफारिश की है।
फरवरी 2027 तक है मौजूदा कार्यकाल
एन. चंद्रशेखरन रोटेशन के तहत AGM में निदेशक पद से रिटायर होंगे, लेकिन उन्होंने पुनर्नियुक्ति के लिए अपनी सहमति दे दी है। यदि शेयरधारकों की मंजूरी मिलती है तो वे निदेशक के रूप में अपनी जिम्मेदारी जारी रखेंगे। हालांकि, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक पहले से ही निर्धारित है।
एन. चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह
जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बनने के बाद एन. चंद्रशेखरन ने समूह में कई बड़े बदलाव किए। उनके नेतृत्व में एयर इंडिया का अधिग्रहण, डिजिटल बिजनेस में विस्तार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर निवेश, सेमीकंडक्टर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की रणनीति अपनाई गई। इसी वजह से उन्हें देश के सबसे प्रभावशाली कॉर्पोरेट नेताओं में गिना जाता है।
निष्कर्ष
एन. चंद्रशेखरन की FY26 में 158.6 करोड़ रुपये की कमाई और पिछले पांच वर्षों में 685 करोड़ रुपये का कुल भुगतान उनके कॉर्पोरेट नेतृत्व की अहमियत को दर्शाता है। अब 18 अगस्त को होने वाली AGM में उनकी पुनर्नियुक्ति पर शेयरधारकों की मुहर लगना महत्वपूर्ण रहेगा। यदि प्रस्ताव मंजूर होता है तो वह टाटा समूह के नेतृत्व को आगे भी जारी रखेंगे।


