Mirabai Chanu Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने इतिहास रचते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। मीराबाई ने कुल 190 किलोग्राम (स्नैच 85 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 105 किग्रा) वजन उठाकर न सिर्फ गोल्ड अपने नाम किया, बल्कि भारत को इस संस्करण का पहला स्वर्ण पदक भी दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने का शानदार रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
भारत को मिला पहला गोल्ड, मीराबाई ने दिखाया दम
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत के लिए सबसे बड़ी खुशी तब आई जब ओलंपिक पदक विजेता और स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया।
मीराबाई ने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन से भारत को टूर्नामेंट का पहला गोल्ड मेडल मिला और पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई।
शुरुआती असफलता के बाद की जोरदार वापसी
प्रतियोगिता की शुरुआत मीराबाई के लिए आसान नहीं रही। स्नैच के पहले प्रयास में वह सफल नहीं हो सकीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो सफल लिफ्ट लगाईं और कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बना दिया।
इसके बाद क्लीन एंड जर्क में भी पहला प्रयास 105 किलोग्राम पर असफल रहा। हालांकि, दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलतापूर्वक 105 किलोग्राम वजन उठाया और एक और गेम्स रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए स्वर्ण पदक लगभग तय कर लिया।
मीराबाई चानू का प्रदर्शन
| इवेंट | वजन |
|---|---|
| स्नैच | 85 किलोग्राम |
| क्लीन एंड जर्क | 105 किलोग्राम |
| कुल वजन | 190 किलोग्राम |
| पदक | स्वर्ण |
लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड
Result Update: Weightlifting, Women’s 48KG
The Queen of Indian Weightlifting adds another glorious chapter! #TOPS athlete Mirabai Chanu once again showcased her class at the Commonwealth Games, delivering a stunning Gold in the 48 kg category. The weightlifting queen delivered… pic.twitter.com/L2qNnYBO4m
— SAI Media (@Media_SAI) July 26, 2026 इस जीत के साथ मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना दबदबा बरकरार रखा। उन्होंने लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय वेटलिफ्टिंग इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी। इससे पहले भी वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और इस बार भी उन्होंने अपने अनुभव और शानदार तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
भारत के खाते में आए तीन पदक
मीराबाई चानू के गोल्ड मेडल के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या तीन हो गई है।
अब तक भारत का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
- गोल्ड: मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा वेटलिफ्टिंग)
- सिल्वर: ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा भार वर्ग)
- ब्रॉन्ज: झंडू कुमार (पैरा पावरलिफ्टिंग)
भारतीय दल आने वाले दिनों में कई अन्य स्पर्धाओं में भी पदक की मजबूत दावेदारी पेश करेगा।
कौन हैं मीराबाई चानू?
मीराबाई चानू का जन्म 8 अगस्त 1994 को मणिपुर के नोंगपोक काकचिंग (इम्फाल के पास) में हुआ था। बचपन से ही उनकी शारीरिक क्षमता और मेहनत की चर्चा होती थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने वर्ष 2008 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई।
उन्होंने 2011 में अपना पहला राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेला और बाद में बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा बनीं। वर्ष 2012 से वह NIS पटियाला में नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं।
मीराबाई ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था। वर्तमान में वह मणिपुर पुलिस में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (स्पोर्ट्स) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।
भारतीय खेलों के लिए बड़ी प्रेरणा
मीराबाई चानू की यह उपलब्धि केवल एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है। लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह दुनिया की सबसे बेहतरीन वेटलिफ्टरों में शामिल हैं। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है और भारतीय वेटलिफ्टिंग के उज्ज्वल भविष्य का संकेत भी देती है।


