Punjab Paper Leak Protest: नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले आंदोलन को समाप्त करने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की नजर पंजाब के कथित पेपर लीक मामले पर है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने संकेत दिए हैं कि संगठन जल्द ही अपनी अगली रणनीति का ऐलान करेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त हुआ है, इसलिए नई योजना साझा करने के लिए थोड़ा समय चाहिए।
जंतर-मंतर आंदोलन खत्म, अब अगला कदम पंजाब?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा अपना 36 दिनों का विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। यह आंदोलन नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुरू किया गया था और संगठन की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था।
आंदोलन समाप्त होने के एक दिन बाद रविवार को जब अभिजीत दिपके से पंजाब में सामने आए कथित पेपर लीक मामले पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा,
“हमारा विरोध प्रदर्शन अभी कल ही खत्म हुआ है। कृपया हमें थोड़ा समय दीजिए, इसके बाद हम आगे की योजना साझा करेंगे।”
इस बयान के बाद माना जा रहा है कि CJP आने वाले दिनों में पंजाब के मुद्दे पर भी सक्रिय भूमिका निभा सकती है।
36 दिनों तक चला था आंदोलन
नीट पेपर लीक के विरोध में CJP ने 6 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था। अभिजीत दिपके अमेरिका से भारत लौटने के बाद सीधे इस आंदोलन में शामिल हुए थे।
आंदोलन के दौरान संगठन ने उन 20 छात्रों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कथित तौर पर पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या की थी। इस मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में छात्र और युवा प्रदर्शन से जुड़े।
सोनम वांगचुक के जुड़ने से मिला आंदोलन को बल
इस आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की घोषणा की थी।
वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक समर्थन मिलने लगा और यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना रहा।
इस साल बनी थी कॉकरोच जनता पार्टी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की स्थापना अभिजीत दिपके ने वर्ष 2026 की शुरुआत में की थी। संगठन का गठन उस समय हुआ, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद सामने आया था।
दिपके ने इसके बाद युवाओं से जुड़े मुद्दों, विशेषकर परीक्षा प्रणाली, भर्ती और पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर आवाज उठाने के उद्देश्य से इस मंच की शुरुआत की।
पंजाब को लेकर जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान
फिलहाल CJP ने पंजाब के कथित पेपर लीक मामले पर कोई औपचारिक आंदोलन घोषित नहीं किया है। हालांकि अभिजीत दिपके के बयान से स्पष्ट है कि संगठन इस विषय पर अपनी रणनीति तैयार कर रहा है और आने वाले दिनों में किसी नए अभियान या विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया जा सकता है।
यदि ऐसा होता है तो नीट पेपर लीक के बाद अब पंजाब का कथित पेपर लीक मामला भी राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन सकता है।
(इनपुट: एएनआई)


