Dharmendra Pradhan Resigns: NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। जहां छात्र संगठनों और कई बॉलीवुड हस्तियों ने इस फैसले का स्वागत किया, वहीं अभिनेता रणवीर शौरी ने सरकार के फैसले के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
लगातार कई सप्ताह तक चले NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के बाद 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए जश्न मनाया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अभिनेता रणवीर शौरी की प्रतिक्रिया बाकी फिल्मी हस्तियों से अलग देखने को मिली।
रणवीर शौरी ने X पर जताई हैरानी
Yes, but should have done it before the streets were held hostage. Now it seems supporters will not be heard, but “cockroaches” on streets will! 🤷🏽♂️ https://t.co/OGwcUXxkO8
— Ranvir Shorey (@RanvirShorey) July 25, 2026 धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के तुरंत बाद रणवीर शौरी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक GIF साझा करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि इस फैसले से सरकार अपने विरोधियों को तो नहीं जीत पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया।
उनकी इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कुछ यूजर्स ने उनसे सवाल भी पूछे कि क्या उन्हें लगता है कि NEET विवाद के बाद मंत्री को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।
“समय पहले होना चाहिए था”
एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए रणवीर शौरी ने अपनी राय और स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यदि इस्तीफा देना ही था तो यह फैसला तब लिया जाना चाहिए था, जब मामला इतना बड़ा नहीं हुआ था।
शौरी ने लिखा कि अब ऐसा संदेश गया है कि सरकार अपने समर्थकों की बात सुनने के बजाय सड़क पर आंदोलन कर रहे लोगों के दबाव में फैसले लेती है। इसी दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों के संदर्भ में “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई।
36 दिन तक चला छात्र आंदोलन
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर अभिजीत दिपके और सौरव दास की अगुवाई में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में करीब 36 दिनों तक आंदोलन चला। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जिम्मेदारी तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे।
आंदोलन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।
सरकार ने मानी कई अहम मांगें
सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने पर सहमति बनी। इसके अलावा NEET विवाद से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा भी की गई।
इन मांगों के स्वीकार होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त करने का फैसला लिया।
कई बॉलीवुड सितारों ने किया आंदोलन का समर्थन
NEET विवाद और छात्र आंदोलन को कई फिल्मी कलाकारों का भी समर्थन मिला। अभिनेता प्रकाश राज, शबाना आजमी और रैपर हनुमankind दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल हुए।
वहीं सोनाक्षी सिन्हा, विजय वर्मा समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। गुरफतेह पीरजादा, प्रतिभा रांटा और शालिनी पांडे जैसे कलाकार मुंबई में आयोजित विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल हुए।
सोनम वांगचुक ने भी दिया था साथ
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला। उन्होंने आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे केंद्र सरकार के साथ अंतिम दौर की बातचीत से पहले समाप्त कर दिया गया।
इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा होते ही जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों ने नारे लगाए और इसे अपने आंदोलन की महत्वपूर्ण जीत बताया। हालांकि CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका अभियान केवल मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग आगे भी जारी रहेगी।
रणवीर शौरी की प्रतिक्रिया ने इस पूरे घटनाक्रम में एक अलग राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर छात्र संगठन इसे लोकतांत्रिक आंदोलन की सफलता बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि सरकार को ऐसे फैसले पहले लेने चाहिए थे ताकि हालात इतने तनावपूर्ण न बनते। आने वाले दिनों में शिक्षा सुधार और NEET परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की आगे की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।


