Kargil Vijay Diwas 2026: हर साल 26 जुलाई को देश कारगिल विजय दिवस मनाता है। यह दिन उन वीर सैनिकों की बहादुरी, साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मन को परास्त कर तिरंगे की शान बरकरार रखी। भारतीय सिनेमा ने भी समय-समय पर इन वीर जवानों की कहानियों को फिल्मों और वेब सीरीज के जरिए दर्शकों तक पहुंचाया है। ‘शेरशाह’ से लेकर ‘एलओसी कारगिल’ और ‘लक्ष्य’ जैसी फिल्मों ने न सिर्फ युद्ध की कठिन परिस्थितियों को दिखाया, बल्कि देशभक्ति और सैनिकों के जज्बे को भी जीवंत कर दिया।
आइए जानते हैं उन फिल्मों और वेब सीरीज के बारे में, जिन्होंने कारगिल युद्ध की कहानी को बड़े पर्दे और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अमर बना दिया।
Operation Safed Sagar
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के ऐतिहासिक अभियान ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ पर आधारित यह आगामी वेब सीरीज भारतीय एयर फोर्स के प्रसिद्ध ‘गोल्डन एरोज़’ स्क्वाड्रन की कहानी दिखाएगी। इस मिशन में वायु सेना के पायलटों ने दुर्गम पहाड़ियों में दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाकर भारतीय सेना की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
इस वेब सीरीज में जिमी शेरगिल, सिद्धार्थ, अभय वर्मा, मिहिर आहूजा, अर्णव भसीन, तारुक रैना, दीया मिर्जा और प्राजक्ता कोली जैसे कलाकार नजर आएंगे। दर्शकों को पहली बार कारगिल युद्ध में भारतीय वायु सेना के योगदान को विस्तार से देखने का मौका मिलेगा।
Shershaah
साल 2021 में रिलीज हुई ‘शेरशाह’ कारगिल युद्ध पर बनी सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल है। यह फिल्म कैप्टन विक्रम बत्रा (PVC) के जीवन पर आधारित है, जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कैप्टन विक्रम बत्रा की भूमिका निभाई, जबकि कियारा आडवाणी ने उनकी मंगेतर डिंपल चीमा का किरदार निभाया। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह कैप्टन बत्रा ने पॉइंट 5140 और पॉइंट 4875 पर जीत हासिल कर भारतीय सेना को निर्णायक बढ़त दिलाई। उनका प्रसिद्ध नारा “ये दिल मांगे मोर” आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भर देता है।
LOC Kargil
जेपी दत्ता के निर्देशन में बनी ‘एलओसी कारगिल’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी युद्ध फिल्मों में गिनी जाती है। यह फिल्म भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय पर आधारित है, जिसे कारगिल सेक्टर से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए चलाया गया था।
फिल्म की खास बात इसकी विशाल स्टारकास्ट रही, जिसमें संजय दत्त, अजय देवगन, सैफ अली खान, अक्षय खन्ना, अभिषेक बच्चन, सुनील शेट्टी, मनोज बाजपेयी और कई अन्य कलाकार शामिल थे। फिल्म में युद्ध की कई वास्तविक घटनाओं और शहीद सैनिकों के साहस को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है।
Gunjan Saxena: The Kargil Girl
यह बायोपिक भारतीय वायु सेना की अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना के जीवन पर आधारित है। फिल्म में जाह्नवी कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई है।
कारगिल युद्ध के दौरान गुंजन सक्सेना ने घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने, आवश्यक सामान पहुंचाने और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने जैसे महत्वपूर्ण मिशनों को अंजाम दिया। उन्हें युद्ध क्षेत्र में उड़ान भरने वाली शुरुआती महिला पायलटों में गिना जाता है। उनके साहस ने भारतीय सेना के कई अभियानों को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
Tango Charlie
बॉबी देओल और अजय देवगन अभिनीत ‘टैंगो चार्ली’ एक पैरा-मिलिट्री जवान के जीवन पर आधारित फिल्म है। इसमें बॉबी देओल ने तरुण चौहान नाम के जवान की भूमिका निभाई है, जो प्रशिक्षण से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकवाद और उग्रवाद से लड़ते हुए अंततः कारगिल युद्ध तक पहुंचता है।
फिल्म यह दिखाती है कि सीमा पर तैनात जवान केवल युद्ध ही नहीं, बल्कि देश के भीतर भी कई कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं।
Lakshya
फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी ‘लक्ष्य’ केवल युद्ध फिल्म नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की कहानी भी है। फिल्म में ऋतिक रोशन ने करण शेरगिल का किरदार निभाया है, जो शुरुआत में अपने जीवन के लक्ष्य को लेकर असमंजस में रहता है।
भारतीय सेना में शामिल होने के बाद वह कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन के जरिए खुद को बदलता है और अंततः कारगिल युद्ध में पॉइंट 5179 पर कब्जा करने के मिशन में अपनी बहादुरी का परिचय देता है। प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में नजर आए।
Kurukshetra
मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म ‘कुरुक्षेत्र’ कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह फिल्म ‘कीर्ति चक्र’ का सीक्वल है और इसमें कर्नल महादेवन की कहानी दिखाई गई है।
फिल्म का मुख्य केंद्र टोलोलिंग की लड़ाई है, जहां भारतीय सेना ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए दुश्मन के कब्जे वाली रणनीतिक चोटियों को दोबारा अपने नियंत्रण में लिया। युद्ध की वास्तविक परिस्थितियों और सैनिकों के संघर्ष को फिल्म में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
कारगिल विजय दिवस का महत्व
26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने करीब दो महीने तक चले भीषण संघर्ष के बाद ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक पूरा किया था। इस दिन भारत ने कारगिल की सभी रणनीतिक चोटियों पर दोबारा कब्जा कर पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। तभी से हर वर्ष 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
इन फिल्मों और वेब सीरीज के जरिए नई पीढ़ी न केवल कारगिल युद्ध के इतिहास को जानती है, बल्कि उन सैनिकों के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को भी महसूस करती है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।


