नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल मेटा (Meta) के सह-संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग आज करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने साल 2004 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान अपने साथियों के साथ मिलकर फेसबुक की शुरुआत की थी। यह एक ऐसा सोशल नेटवर्क बना जिसने दुनिया भर में लोगों के जुड़ने, संवाद करने और जानकारी साझा करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया।
साल 2021 में फेसबुक की पैरेंट कंपनी का नाम बदलकर मेटा कर दिया गया, ताकि कंपनी का फोकस भविष्य की मेटावर्स तकनीक पर केंद्रित किया जा सके। बिजनेस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दुनिया में मार्क जुकरबर्ग का नाम आज सबसे प्रभावशाली उद्यमियों में गिना जाता है। उनकी सोच, नेतृत्व क्षमता और जोखिम लेने का नजरिया दुनिया भर के स्टार्टअप फाउंडर्स, छात्रों और प्रोफेशनल्स को लगातार प्रेरित करता है।
फोर्ब्स के अनुसार, जुलाई 2026 तक मार्क जुकरबर्ग दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं। लेकिन उनकी असली पहचान सिर्फ उनकी संपत्ति नहीं, बल्कि उनके विचार और नवाचार की सोच है। आइए जानते हैं उनके 10 सबसे प्रसिद्ध और प्रेरणादायक कोट्स।
1. सबसे बड़ा रिस्क है कोई रिस्क न लेना
“एक ऐसी दुनिया में जो बहुत तेजी से बदल रही है, एकमात्र स्ट्रैटेजी जिसके फेल होने की गारंटी है, वह है रिस्क न लेना।”
मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि बदलती दुनिया में सुरक्षित रहने की कोशिश ही सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। सफलता पाने के लिए नए अवसरों पर दांव लगाना जरूरी है।
2. तेजी से आगे बढ़ो और गलतियों से सीखो
“तेजी से आगे बढ़ें और चीजों को ब्रेक करें। जब तक आप चीजें ब्रेक नहीं कर रहे हैं, तब तक आप तेजी से आगे नहीं बढ़ रहे हैं।”
यह उनका प्रसिद्ध मंत्र है, जो बताता है कि नवाचार के रास्ते में गलतियां होना स्वाभाविक है। उनसे सीखकर आगे बढ़ना ही असली सफलता है।
3. दुनिया को अधिक पारदर्शी बनाना
“लोगों को शेयर करने की ताकत देकर हम दुनिया को और अधिक पारदर्शी बना रहे हैं।”
फेसबुक की शुरुआत भी इसी सोच के साथ हुई थी कि लोग आसानी से अपनी बात और अनुभव साझा कर सकें।
4. हर प्लेटफॉर्म को सोशल बनाना
“हमारी कोशिश हर ऐप और हर प्लेटफॉर्म में सोशल लेयर जोड़ने की है, चाहे वह वेब हो, मोबाइल हो या कोई अन्य डिवाइस।”
मार्क जुकरबर्ग का विजन केवल एक सोशल मीडिया ऐप बनाना नहीं था, बल्कि इंटरनेट के हर हिस्से को अधिक कनेक्टेड बनाना था।
5. कंपनी नहीं, दुनिया बदलने का सपना देखें
“सबसे अच्छी कंपनियां इसलिए नहीं बनतीं कि कोई कंपनी शुरू करना चाहता था, बल्कि इसलिए बनती हैं क्योंकि कोई दुनिया बदलना चाहता था।”
उनका मानना है कि अगर आपका उद्देश्य केवल पैसा कमाना है, तो सफलता सीमित हो सकती है। लेकिन यदि लक्ष्य समाज में बदलाव लाना हो, तो बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
6. डॉर्म रूम से शुरू हुआ सफर
“जब मैंने 2004 में अपने डॉर्म रूम से फेसबुक शुरू किया था, तब हमारा सपना एक ऐसी दुनिया बनाना था जो अधिक खुली और जुड़ी हुई हो।”
यह विचार बताता है कि बड़े सपनों की शुरुआत किसी छोटे कमरे से भी हो सकती है।
7. हर अवसर का महत्व
“मुझे सबसे बड़ा अफसोस इस बात का है कि फेसबुक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम इकोसिस्टम को आकार देने का बड़ा अवसर नहीं पकड़ सका।”
इस कथन से सीख मिलती है कि हर अवसर को समय रहते पहचानना और उसका लाभ उठाना जरूरी है।
8. आसान कामों से शुरुआत करें
“अगर आप पहले आसान काम करते हैं, तो आप वास्तव में काफी आगे बढ़ सकते हैं।”
छोटे-छोटे लक्ष्य पूरे करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और बड़ी सफलता का रास्ता तैयार होता है।
9. प्रोग्रामिंग सीखना भविष्य का निवेश
“मेरी सबसे बड़ी सलाह है कि हर छात्र को प्रोग्रामिंग सीखनी चाहिए।”
मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि डिजिटल युग में कोडिंग एक महत्वपूर्ण कौशल है, जो भविष्य के करियर के कई अवसर खोल सकता है।
10. तकनीक को जीवन का हिस्सा बनाएं
“मेरे पास अलार्म घड़ी नहीं है। अगर किसी को मुझे जगाना होता है, तो मेरा ब्लैकबेरी ही काफी होता है।”
यह कथन दिखाता है कि तकनीक उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है।
मार्क जुकरबर्ग के विचार क्यों हैं खास?
मार्क जुकरबर्ग के कोट्स केवल बिजनेस तक सीमित नहीं हैं। वे जोखिम लेने, लगातार सीखने, नई तकनीक अपनाने, गलतियों से सबक लेने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा देते हैं। यही कारण है कि उनके विचार दुनिया भर के उद्यमियों, छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
अगर आप स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं या अपने जीवन में कुछ नया करने की सोच रहे हैं, तो मार्क जुकरबर्ग के ये विचार आपको नई दिशा और आत्मविश्वास दे सकते हैं।


