Anil Agarwal on Indian Startups: वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने 45 युवा स्टार्टअप फाउंडर्स से मुलाकात के बाद भारतीय युवाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में सीखने, जोखिम उठाने और बड़ा करने का जज्बा है। यही नई पीढ़ी देश के भविष्य को नई दिशा देने वाली है।
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा उद्यमियों की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि हाल ही में उनकी मुलाकात 45 युवा स्टार्टअप फाउंडर्स और उद्यमियों से हुई। इस दौरान दिन में सभी ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर मैच देखा और शाम को उनके घर पर डिनर के दौरान लंबी चर्चा हुई।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि इन युवा उद्यमियों से मिलकर उन्हें अपने शुरुआती संघर्ष और बिजनेस के शुरुआती दिनों की याद ताजा हो गई। उनके मुताबिक, इन सभी में सीखने की ललक, कुछ नया करने का जुनून और बड़े जोखिम उठाने का साहस साफ दिखाई देता है। यही गुण किसी भी उद्यमी को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।
युवाओं में दिखा बड़े सपने देखने का साहस
बीते दिनों भारत के 45 young entrepreneurs और startup founders के साथ एक बहुत ख़ूबसूरत मुलाक़ात हुई। उन सबने दिन में लॉर्ड्स में क्रिकेट मैच देखा, फिर शाम को घर पर उनके साथ डिनर करते हुए ढेरों बातें हुईं। उनसे मिलकर मुझे अपने शुरुआती दिन याद आ गए। और सच कहूँ तो ऐसा लगा जैसे हमारे… pic.twitter.com/gHSEEydjWp
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) July 25, 2026 वेदांता चेयरमैन ने कहा कि भारत के युवा केवल स्टार्टअप शुरू करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का आत्मविश्वास भी रखते हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारतीय युवा समस्याओं को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उनके अनुसार, भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है, जो नए विचारों, आधुनिक तकनीक और नवाचार के दम पर दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बताए बड़े अवसर
अनिल अग्रवाल ने बताया कि बैठक के दौरान भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मौजूद विशाल अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में तेजी से विकास की संभावना है और युवा उद्यमी इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के स्टार्टअप फाउंडर्स ₹5 करोड़ से लेकर ₹500 करोड़ तक की वैल्यूएशन वाले सफल कारोबार खड़े करने की क्षमता रखते हैं। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन, पूंजी और अवसर मिलें तो वे वैश्विक स्तर पर भारतीय कंपनियों का नाम रोशन कर सकते हैं।
इन प्रमुख स्टार्टअप फाउंडर्स से हुई मुलाकात
अनिल अग्रवाल ने जिन युवा उद्यमियों से मुलाकात की, उनमें कई चर्चित नाम शामिल रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
- रितेश अग्रवाल
- पवन चंदना
- पूजा सरीन
- प्रथम मित्तल
- वैभव वर्धान
इसके अलावा कई अन्य स्टार्टअप फाउंडर्स भी इस बैठक का हिस्सा रहे। अनिल अग्रवाल ने कहा कि इन सभी से बातचीत कर उन्हें भारत की नई ऊर्जा, नवाचार और असीम संभावनाओं का एहसास हुआ।
‘भारत का भविष्य युवाओं के सपनों में लिखा जा रहा है’
अपनी पोस्ट में वेदांता चेयरमैन ने कहा कि भारत का भविष्य केवल बड़े कॉरपोरेट बोर्डरूम में तय नहीं होगा, बल्कि उन युवा उद्यमियों के सपनों और मेहनत में लिखा जा रहा है जो नए विचारों के साथ देश को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि आज के युवा सिर्फ कंपनियां नहीं बना रहे हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत और मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव भी रख रहे हैं। यही स्टार्टअप आने वाले समय में रोजगार, तकनीक और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा करेंगे।
युवाओं को दिया भरोसा
अनिल अग्रवाल ने सभी युवा उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वेदांता हमेशा नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कंपनी भविष्य में भी युवा स्टार्टअप्स और नए उद्यमियों का हरसंभव सहयोग करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में दुनिया बदलने की क्षमता है और यदि उन्हें सही अवसर मिले तो वे देश को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।


