नई दिल्ली: भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ा है। आज ज्यादातर लोग UPI, NEFT, RTGS और IMPS के जरिए पैसे भेजते और प्राप्त करते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या इन माध्यमों से बड़े लेनदेन करने पर Income Tax Department की नजर पड़ सकती है या फिर इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है?
टैक्स एक्सपर्ट और Tax2win के CEO एवं Co-Founder CA अभिषेक सोनी के मुताबिक, केवल UPI, NEFT, RTGS या IMPS के जरिए पैसे भेजने या प्राप्त करने से किसी व्यक्ति को इनकम टैक्स का नोटिस नहीं मिलता। नोटिस का आधार पेमेंट का माध्यम नहीं, बल्कि आपकी आय और बैंक खाते में होने वाले लेनदेन का मेल होता है।
केवल डिजिटल पेमेंट करने से नहीं आता टैक्स नोटिस
CA अभिषेक सोनी के अनुसार, UPI, NEFT, RTGS और IMPS सिर्फ पैसे ट्रांसफर करने के तरीके हैं। आयकर विभाग इस बात पर कार्रवाई नहीं करता कि आपने किस ऐप या बैंकिंग माध्यम का इस्तेमाल किया।
विभाग का मुख्य फोकस इस बात पर होता है कि आपके बैंक खाते में आने-जाने वाले पैसे आपकी Income Tax Return (ITR) में घोषित आय से मेल खाते हैं या नहीं। यदि सब कुछ रिकॉर्ड के अनुसार है, तो डिजिटल ट्रांजेक्शन से घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
किन परिस्थितियों में आ सकता है Income Tax का नोटिस?
अगर बैंक खाते में होने वाले लेनदेन और ITR में दिखाई गई आय के बीच बड़ा अंतर हो, तो आयकर विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। ऐसी कुछ प्रमुख स्थितियां हैं—
- आपने ITR में कम आय दिखाई है, लेकिन बैंक खाते में लगातार बड़े लेनदेन हो रहे हैं।
- बैंक खाते में बड़ी रकम जमा हो रही है, लेकिन उसका वैध स्रोत नहीं बताया जा सकता।
- UPI के जरिए नियमित रूप से बिजनेस पेमेंट मिल रही है, लेकिन उसे बिजनेस इनकम के रूप में ITR में घोषित नहीं किया गया।
- आय के मुकाबले बैंक खाते में असामान्य नकदी या डिजिटल ट्रांजेक्शन दिखाई देते हैं।
इन परिस्थितियों में विभाग आपके लेनदेन की जांच कर सकता है और जरूरत पड़ने पर नोटिस जारी कर सकता है।
क्या हर बड़े ट्रांजेक्शन पर नोटिस जारी होता है?
इस सवाल का जवाब नहीं है।
बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान एक निश्चित सीमा से अधिक के High Value Transactions की जानकारी आयकर विभाग को देते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर ऐसे ट्रांजेक्शन पर नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
यदि आपके सभी लेनदेन वैध हैं, उनका उचित रिकॉर्ड उपलब्ध है और वे आपकी घोषित आय के अनुरूप हैं, तो सामान्य तौर पर चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती।
इनकम टैक्स नोटिस से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
- ITR में हमेशा अपनी सही और पूरी आय घोषित करें।
- बैंक खाते में आने वाली बड़ी रकम का स्रोत स्पष्ट रखें।
- बिजनेस से संबंधित सभी UPI या बैंक पेमेंट को आय में शामिल करें।
- जरूरत पड़ने पर दिखाने के लिए बैंक स्टेटमेंट, इनवॉइस और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- किसी भी बड़े वित्तीय लेनदेन का उचित रिकॉर्ड बनाए रखें।
निष्कर्ष
UPI, NEFT, RTGS या IMPS के जरिए पैसे भेजने या प्राप्त करने मात्र से Income Tax का नोटिस नहीं आता। आयकर विभाग का ध्यान भुगतान के माध्यम पर नहीं, बल्कि आपकी घोषित आय, बैंक ट्रांजेक्शन और उनके स्रोत पर होता है। यदि आपके सभी लेनदेन पारदर्शी हैं और ITR में सही जानकारी दी गई है, तो डिजिटल पेमेंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, आय छिपाने, गलत जानकारी देने या बिना स्रोत के बड़ी रकम का लेनदेन करने पर विभाग जांच या नोटिस जारी कर सकता है।


