भारत में रियल एस्टेट निवेश का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब निवेशकों के लिए कम रकम में भी बड़े कमर्शियल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी लेना आसान होता जा रहा है। इसी दिशा में Edelweiss Mutual Fund ने देश का पहला REIT-बेस्ड इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। यह नई स्कीम निवेशकों को एक ही फंड के जरिए लिस्टेड REITs (Real Estate Investment Trusts) और रियल एस्टेट कंपनियों दोनों में निवेश का अवसर देगी।
भारत का REIT बाजार पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। यही वजह है कि एडलवाइज ने इस तेजी से बढ़ते एसेट क्लास को ध्यान में रखते हुए यह नई स्कीम पेश की है। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय REIT मार्केट में बड़ी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
क्या है Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund?
Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund एक ओपन-एंडेड पैसिव इंडेक्स फंड है, जो Nifty REITs & Realty Total Return Index (TRI) को ट्रैक करेगा। इसका उद्देश्य इंडेक्स में शामिल REITs और रियल एस्टेट कंपनियों के प्रदर्शन के अनुरूप निवेशकों को रिटर्न उपलब्ध कराना है।
एडलवाइज म्यूचुअल फंड की एमडी एवं सीईओ राधिका गुप्ता ने लिंक्डइन पोस्ट में बताया कि यह अपनी तरह का पहला फंड है, जो निवेशकों को एक महत्वपूर्ण एसेट क्लास में विविधीकृत (Diversified) निवेश का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पहले से ही बड़े संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी मौजूद है।
कब खुलेगी नई स्कीम?
नई स्कीम (NFO) का सब्सक्रिप्शन 5 अगस्त से शुरू होगा और 19 अगस्त तक खुला रहेगा।
स्कीम की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं—
- न्यूनतम निवेश: ₹100
- एग्जिट लोड: शून्य (No Exit Load)
- अधिकतम Total Expense Ratio (TER): 0.90%
- फंड मैनेजर: भरत लाहोटी और मानसी जलगांवकर
पोर्टफोलियो में कैसे होगा निवेश?
यह इंडेक्स फंड Nifty REITs & Realty Index को ट्रैक करेगा, जिसमें वर्तमान में लगभग—
- 60% हिस्सा लिस्टेड REITs
- 40% हिस्सा रियल एस्टेट कंपनियों
का है।
फंड के पोर्टफोलियो में करीब 15 सिक्योरिटीज शामिल होंगी। नियमों के अनुसार कम से कम 60% निवेश REITs में किया जाएगा, जबकि शेष राशि लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश होगी।
इसके अलावा—
- किसी एक सिक्योरिटी में अधिकतम 15% निवेश
- प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में निवेश पर भी निर्धारित सीमा लागू होगी।
एडलवाइज का कहना है कि भविष्य में जैसे-जैसे नए REITs भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होंगे और इंडेक्स में शामिल किए जाएंगे, REITs का वेटेज भी बढ़ सकता है।
भारत का REIT बाजार तेजी से बढ़ रहा
भारत में REIT सेक्टर लगातार विस्तार कर रहा है। वर्तमान में देश के 6 लिस्टेड REITs के पास लगभग ₹3.1 लाख करोड़ मूल्य की ग्रेड-ए कमर्शियल रियल एस्टेट संपत्तियां हैं।
साल 2019 से अब तक इन REITs ने निवेशकों को ₹31,700 करोड़ से अधिक का डिस्ट्रीब्यूशन किया है, जो इस एसेट क्लास की बढ़ती मजबूती को दर्शाता है।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि 1 जनवरी 2026 से REITs को इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स के रूप में पुनर्वर्गीकृत (Reclassified) किया गया। इसके बाद 1 जुलाई 2026 से इन्हें प्रमुख इक्विटी इंडेक्स का हिस्सा भी बनाया गया, जिससे संस्थागत और खुदरा निवेशकों की रुचि और बढ़ी है।
आगे क्यों बढ़ सकता है यह सेक्टर?
एसेट मैनेजमेंट कंपनी के अनुसार भारत के ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस का अभी केवल 13% हिस्सा ही लिस्टेड REITs के दायरे में आता है। इसका अर्थ है कि आने वाले वर्षों में बड़ी मात्रा में कमर्शियल रियल एस्टेट एसेट्स REITs के माध्यम से बाजार में आ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि निम्नलिखित कारक इस सेक्टर को लंबी अवधि में मजबूती देंगे—
- तेजी से बढ़ता शहरीकरण
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता सरकारी खर्च
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का विस्तार
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि
- विदेशी और संस्थागत निवेश में बढ़ोतरी
- कमर्शियल रियल एस्टेट की बढ़ती मांग
विकसित देशों की तुलना में भारत अभी शुरुआती दौर में
भारत का REIT बाजार अभी शुरुआती चरण में माना जाता है। वर्तमान में भारत में केवल 6 लिस्टेड REITs हैं, जिनका अनुमानित मार्केट कैप लगभग 19 अरब डॉलर (करीब $19 billion) है।
वहीं अमेरिका में लगभग 196 लिस्टेड REITs हैं, जिनका कुल मार्केट कैप करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर है। यह अंतर बताता है कि भारत में आने वाले वर्षों में REIT सेक्टर के विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फंड?
जो निवेशक सीधे प्रॉपर्टी खरीदने की बजाय कम राशि में रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह स्कीम एक नया विकल्प बन सकती है। मात्र ₹100 से निवेश शुरू करने की सुविधा, REITs और रियल एस्टेट कंपनियों दोनों में एक्सपोजर तथा पैसिव इंडेक्स आधारित रणनीति इसे खास बनाती है। हालांकि, किसी भी इक्विटी आधारित निवेश की तरह इसमें भी बाजार जोखिम मौजूद रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले योजना से जुड़े सभी दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह या सिफारिश नहीं करता।


