Abhijeet Dipke Health Update: देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ के संस्थापक अभिजीत दिपके की तबीयत बिगड़ गई है। ब्लड रिपोर्ट में उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि हुई है और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। इसके बावजूद दिपके ने साफ कहा है कि बीमारी उनके हौसले को कमजोर नहीं कर सकती और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
X पर वीडियो शेयर कर दिया हेल्थ अपडेट
Dharmendra Pradhan’s resignation is NON-NEGOTIABLE.
If it’s a no from the government, there’s no point of further discussion.
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) July 25, 2026 शनिवार को अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और जांच के बाद टाइफाइड की पुष्टि हुई है।
उन्होंने कहा,
“रोजाना सुबह और शाम मुझे IV ड्रिप चढ़ाई जा रही है। इलाज जारी है, लेकिन मेरा हौसला पूरी तरह मजबूत है। यह बीमारी हमारे आंदोलन की रफ्तार नहीं रोक सकती।”
दिपके ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
देशभर के छात्रों का जताया आभार
Have been diagnosed with typhoid, but the fight will go on until Dharmendra Pradhan resigns! pic.twitter.com/8iHSZdF6K7
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 25, 2026 वीडियो संदेश में अभिजीत दिपके ने देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा,
“मैं देशभर में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे सभी ‘कॉकरोचों’ का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। आप लोगों ने इस आंदोलन को सफल बनाया है।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि आंदोलन इसी तरह शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से चलता रहा तो सरकार पर दबाव बढ़ेगा और अंततः केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा।
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने पर क्या बोले?
अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त करने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वांगचुक का जीवन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और उनका अनशन समाप्त होना राहत की बात है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वांगचुक का अनशन खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि CJP का आंदोलन समाप्त हो गया है। उनके मुताबिक, जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक देशभर में आंदोलन जारी रहेगा।
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का सख्त संदेश
CJP के प्रवक्ता और आंदोलन की रणनीति तैयार करने वाले आशुतोष रांका ने भी सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा “नॉन-नेगोशिएबल” है।
रांका के अनुसार यदि सरकार इस मांग को स्वीकार नहीं करती है तो आगे की बातचीत का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा।
सरकार के सामने CJP की तीन प्रमुख मांगें
CJP ने केंद्र सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।
- आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या FIR न करने का लिखित आश्वासन दिया जाए।
- NEET पेपर लीक विवाद के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक, आज फिर वार्ता की उम्मीद
शुक्रवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP नेताओं से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की।
बैठक के बाद सरकार की ओर से मांगों का अध्ययन करने और आगे का रुख तय करने का आश्वासन दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच आज भी आगे की बातचीत होने की संभावना है।
क्या जंतर-मंतर पर लौट पाएंगे अभिजीत दिपके?
फिलहाल अभिजीत दिपके अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्होंने यह नहीं बताया कि वे कब दोबारा जंतर-मंतर पहुंचेंगे। हालांकि उनका कहना है कि यदि स्वास्थ्य अनुमति देता है तो वह जल्द ही आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। वहीं CJP का दावा है कि दिपके की अनुपस्थिति में भी आंदोलन पूरे देश में पहले की तरह जारी रहेगा।


