Delhi Metro Updates: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर के पास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जारी विरोध प्रदर्शन और कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने शनिवार को भी 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का फैसला किया है। लगातार चौथे दिन कई प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट बंद रहेगी। ऐसे में यदि आप आज दिल्ली मेट्रो से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले यह अपडेट जरूर पढ़ लें।
सुरक्षा कारणों से बंद रहेंगे 17 मेट्रो स्टेशन
DMRC के अनुसार शनिवार सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक सेंट्रल दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट पूरी तरह बंद रहेगी। यह फैसला जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे प्रदर्शन तथा सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के बाद लिया गया है।
इस दौरान मेट्रो ट्रेनें अधिकांश स्टेशनों से गुजर सकती हैं, लेकिन यात्रियों को वहां उतरने या चढ़ने की अनुमति नहीं होगी।
बंद रहने वाले 17 मेट्रो स्टेशन
शनिवार को जिन स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद रहेगी, उनमें शामिल हैं—
- लोक कल्याण मार्ग
- राजीव चौक
- पटेल चौक
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- बाराखंभा रोड
- सुप्रीम कोर्ट
- सेवा तीर्थ
- जनपथ
- मंडी हाउस
- केंद्रीय सचिवालय
- आईटीओ
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम
- झंडेवालान
इन तीन स्टेशनों पर मिलेगी इंटरचेंज की सुविधा
हालांकि इन स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद रहेगी, लेकिन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए DMRC ने तीन प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर सेवा जारी रखने का फैसला किया है।
इन स्टेशनों पर यात्री केवल लाइन बदलने (Interchange) की सुविधा का उपयोग कर सकेंगे—
- राजीव चौक
- मंडी हाउस
- केंद्रीय सचिवालय
यदि आपकी यात्रा इन स्टेशनों से होकर गुजरती है, तो आप यहां लाइन बदल सकते हैं, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
लगातार चौथे दिन प्रभावित रही मेट्रो सेवा
जंतर-मंतर के आसपास चल रहे प्रदर्शन के कारण राजधानी दिल्ली में लगातार चौथे दिन मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी वजह से DMRC समय-समय पर यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी कर रहा है।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया 26 दिनों का अनशन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने किसी समझौते के कारण नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया।
वांगचुक ने कहा कि उन्हें आशंका थी कि यदि आंदोलन जारी रहा तो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने वर्ष 2025 में लद्दाख में हुई हिंसक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे नहीं चाहते थे कि दिल्ली में भी वैसी स्थिति बने।
अस्पताल में कैदियों जैसा व्यवहार करने का लगाया आरोप
सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनके साथ कैदियों जैसा व्यवहार किया गया। उनके अनुसार उन्हें मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य संचार साधनों से दूर रखा गया तथा किसी से मिलने की अनुमति भी नहीं दी गई।
उन्होंने दावा किया कि मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के दौरान उन्होंने तब तक अनशन समाप्त करने से इनकार किया, जब तक सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और छात्रों के खिलाफ एफआईआर या कानूनी कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया।
आंदोलन जारी रहने का जताया भरोसा
वांगचुक ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता छात्रों और युवाओं को कानूनी कार्रवाई से बचाना था। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अंततः इस्तीफा देना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी दुख जताया कि अनशन समाप्त करते समय उनके समर्थक छात्र, CJP के सदस्य और लद्दाख के प्रतिनिधि उनके साथ मौजूद नहीं थे क्योंकि उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई थी।
कब शुरू हुआ था आंदोलन?
सोनम वांगचुक ने 28 जून से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। बाद में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप आज दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले हैं, तो यात्रा शुरू करने से पहले अपने रूट की जांच जरूर कर लें। जिन स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद हैं, वहां उतरने की योजना न बनाएं और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। DMRC की ओर से जारी होने वाले नए निर्देशों पर भी नजर बनाए रखें।


