ITR Filing Mandatory Rules AY 2026-27: अगर आपकी सालाना आय नई टैक्स व्यवस्था में ₹4 लाख या पुरानी टैक्स व्यवस्था में ₹2.5 लाख से कम है, तो यह मान लेना कि आपको ITR दाखिल करने की जरूरत नहीं है, भारी पड़ सकता है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में कम आय होने के बावजूद भी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य हो जाता है। ऐसा नहीं करने पर पेनल्टी, नोटिस और अन्य कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
31 जुलाई 2026 एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिना लेट फीस ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि है। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3 करोड़ से अधिक करदाता अपना ITR दाखिल कर चुके हैं। यदि आपने अभी तक रिटर्न नहीं भरा है, तो पहले यह जान लेना जरूरी है कि कहीं आप भी उन लोगों में तो नहीं आते जिनके लिए कम आय के बावजूद ITR फाइल करना अनिवार्य है।
बेसिक छूट सीमा से कम आय होने पर भी कब भरना होगा ITR?
आयकर अधिनियम की धारा 139(1) के अनुसार निम्नलिखित स्थितियों में ITR दाखिल करना अनिवार्य है, चाहे आपकी कुल आय टैक्स योग्य सीमा से कम ही क्यों न हो।
1. चालू खाते (Current Account) में ₹1 करोड़ या उससे अधिक जमा
अगर किसी वित्त वर्ष में आपने अपने एक या एक से अधिक करंट अकाउंट में कुल ₹1 करोड़ या उससे अधिक नकद जमा किया है, तो आपको ITR दाखिल करना होगा।
2. विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से अधिक खर्च
यदि आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति की विदेशी यात्रा पर ₹2 लाख या उससे अधिक खर्च किया है, जिसमें एयर टिकट, टूर पैकेज या अन्य ट्रैवल खर्च शामिल हैं, तो ITR भरना अनिवार्य हो सकता है।
3. बिजली बिल ₹1 लाख से ज्यादा
अगर पूरे वित्त वर्ष में आपके बिजली का कुल बिल ₹1 लाख से अधिक रहा है, तो आयकर विभाग के नियमों के अनुसार ITR दाखिल करना जरूरी होगा।
4. TDS या TCS निर्धारित सीमा से अधिक
यदि वित्त वर्ष के दौरान आपका कुल TDS या TCS निम्न सीमा तक पहुंच गया है—
- 60 वर्ष से कम आयु: ₹25,000 या अधिक
- 60 वर्ष या उससे अधिक (Senior Citizen): ₹50,000 या अधिक
तो आपको ITR दाखिल करना अनिवार्य हो सकता है।
5. सेविंग्स अकाउंट में ₹50 लाख या उससे अधिक जमा
अगर आपके एक या एक से अधिक बचत खातों में पूरे वित्त वर्ष के दौरान कुल ₹50 लाख या उससे अधिक राशि जमा हुई है, तो आपको ITR फाइल करना होगा।
6. विदेश में संपत्ति या बैंक खाते से जुड़ाव
यदि आप भारत के निवासी हैं और—
- विदेश में कोई संपत्ति रखते हैं,
- विदेशी कंपनी के शेयर या अन्य वित्तीय संपत्ति रखते हैं,
- किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी (Signing Authority) रखते हैं,
तो आपकी आय कम होने के बावजूद ITR दाखिल करना अनिवार्य है।
कम आय होने पर भी ITR भरने के बड़े फायदे
भले ही कानून के तहत आपके लिए ITR भरना जरूरी न हो, लेकिन स्वेच्छा (Voluntary) से रिटर्न दाखिल करने के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं।
1. लोन मिलने में आसानी
बैंक और वित्तीय संस्थान होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन मंजूर करते समय ITR को सबसे विश्वसनीय आय प्रमाण (Income Proof) मानते हैं।
2. वीजा आवेदन में मदद
अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और कई यूरोपीय देशों के वीजा आवेदन के दौरान पिछले 2 से 3 वर्षों का ITR मांगा जाता है। नियमित ITR आपकी वित्तीय विश्वसनीयता मजबूत करता है।
3. TDS रिफंड आसानी से मिलेगा
यदि आपकी आय पर TDS कट चुका है और आपकी टैक्स देनदारी नहीं बनती है, तो उसका रिफंड पाने के लिए ITR दाखिल करना जरूरी है।
4. भविष्य में नुकसान (Loss) सेट-ऑफ करने का लाभ
अगर शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, बिजनेस या अन्य निवेश में नुकसान हुआ है, तो समय पर ITR दाखिल करके आप उस नुकसान को भविष्य के मुनाफे से समायोजित (Carry Forward & Set-off) कर सकते हैं।
31 जुलाई की डेडलाइन न चूकें
यदि आप ऊपर बताए गए किसी भी नियम के दायरे में आते हैं, तो 31 जुलाई 2026 से पहले अपना ITR दाखिल कर दें। समय पर रिटर्न भरने से लेट फीस, नोटिस और अन्य कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है। वहीं, जिन लोगों पर ITR दाखिल करना अनिवार्य नहीं है, उनके लिए भी स्वैच्छिक रिटर्न भविष्य में लोन, वीजा, रिफंड और वित्तीय रिकॉर्ड मजबूत बनाने में काफी मददगार साबित हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आयकर नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी वित्तीय या कर संबंधी निर्णय लेने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या कर विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


