Ghaziabad Elevated Road Project: गाजियाबाद के लाल कुआं और दादरी के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम से जूझ रहे इस कॉरिडोर पर अब करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव आगे बढ़ गया है। अगर उत्तर प्रदेश सरकार से मंजूरी मिल जाती है तो यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे NCR की कनेक्टिविटी, इंडस्ट्रियल ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट सेक्टर को भी नई रफ्तार दे सकती है।
लाल कुआं-दादरी के बीच रोजाना लगता है भारी जाम
गाजियाबाद के GT रोड पर स्थित लाल कुआं से दादरी तक का हिस्सा NCR के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। यहां हर दिन हजारों निजी वाहन, बसें, ट्रक और औद्योगिक क्षेत्र में जाने वाले भारी वाहन गुजरते हैं।
सबसे अधिक परेशानी इन स्थानों पर देखने को मिलती है—
- चौधरी मोड़
- न्यू बस स्टैंड
- रेलवे क्रॉसिंग
- लाल कुआं चौराहा
पीक आवर्स में यहां 45 मिनट से लेकर 1 घंटे तक का जाम आम बात है। इसका असर न केवल रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों पर पड़ता है, बल्कि माल ढुलाई और औद्योगिक गतिविधियों पर भी होता है।
12 किलोमीटर लंबा बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड लगभग 12 किलोमीटर लंबा होगा। इसे इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि लंबी दूरी का ट्रैफिक सीधे एलिवेटेड रोड से गुजर सके, जबकि स्थानीय वाहन नीचे की सड़क का इस्तेमाल करते रहेंगे।
इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मुख्य चौराहों और ट्रैफिक सिग्नलों पर दबाव काफी कम हो जाएगा।
650 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा प्रोजेक्ट
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 650 करोड़ रुपये बताई गई है।
- सेतु निगम ने डीपीआर (Detailed Project Report) और सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है।
- प्रस्ताव गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग द्वारा आगे बढ़ाया गया।
- अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है।
सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और अतिक्रमण हटाने जैसी प्रक्रियाएं शुरू होंगी।
1 घंटे का सफर घटकर रह जाएगा 15-20 मिनट
फिलहाल लाल कुआं से दादरी तक पहुंचने में ट्रैफिक के कारण 45 मिनट से 1 घंटे तक का समय लग जाता है।
अधिकारियों का अनुमान है कि एलिवेटेड रोड बनने के बाद यही सफर सिर्फ 15 से 20 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
इसका मतलब रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह परियोजना कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करेगी।
- गाजियाबाद
- लाल कुआं
- क्रॉसिंग्स रिपब्लिक
- ग्रेटर नोएडा वेस्ट
- दादरी
- सूरजपुर
- कोट इंडस्ट्रियल एरिया
- NTPC दादरी क्षेत्र
इंडस्ट्रियल ट्रैफिक के लिए अलग कॉरिडोर बनने से माल ढुलाई भी पहले से तेज होगी।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी घटेगा दबाव
लाल कुआं ऐसा जंक्शन है जहां—
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आने वाला ट्रैफिक
- साहिबाबाद
- मोहन नगर
- घंटाघर
- अलीगढ़ की ओर जाने वाले वाहन
- दादरी और सूरजपुर के इंडस्ट्रियल ट्रक
सभी एक साथ पहुंचते हैं।
नई एलिवेटेड रोड बनने के बाद इस पूरे नेटवर्क पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
रियल एस्टेट बाजार को भी मिलेगा बड़ा फायदा
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का सबसे बड़ा असर आसपास के प्रॉपर्टी बाजार पर देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी के बाद इन इलाकों में आवासीय मांग बढ़ सकती है—
- लाल कुआं
- क्रॉसिंग्स रिपब्लिक
- वेव सिटी
- राजनगर एक्सटेंशन
- दादरी
- कोट गांव
- रोजा-याकूबपुर
फिलहाल दादरी क्षेत्र में 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK घरों की अच्छी मांग है, जबकि लाल कुआं और क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में 65 लाख रुपये तक के 2BHK और 3BHK फ्लैट खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं।
कब शुरू हो सकता है निर्माण?
फिलहाल यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है।
मंजूरी मिलने के बाद निम्न कार्य शुरू होंगे—
- भूमि संबंधी प्रक्रिया
- अतिक्रमण हटाना
- बिजली और पानी की लाइनों को शिफ्ट करना
- निर्माण एजेंसी की नियुक्ति
यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो अगले वर्ष निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
NCR के लिए क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट?
यह एलिवेटेड रोड केवल ट्रैफिक जाम कम करने की परियोजना नहीं है, बल्कि NCR की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे लाखों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी, औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और गाजियाबाद-दादरी कॉरिडोर का आर्थिक विकास भी गति पकड़ सकता है।
नोट: फिलहाल यह परियोजना प्रस्तावित चरण में है। निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही शुरू होगा।


