Smartphone Market Share: भारत के स्मार्टफोन बाजार में जून तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान पिछले तीन वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। खासकर ₹15,000 से कम कीमत वाले बजट स्मार्टफोन्स की बिक्री में 45% तक की भारी कमी आई है। बढ़ती महंगाई, मेमोरी चिप्स की रिकॉर्ड महंगी कीमतें और फोन के लगातार बढ़ते दामों ने ग्राहकों की खरीदारी पर बड़ा असर डाला है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान चीनी स्मार्टफोन कंपनियों को हुआ, जबकि सैमसंग ने इस मुश्किल दौर में भी अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में सफलता हासिल की।
भारत के स्मार्टफोन बाजार में 10% की बड़ी गिरावट
काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) की रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही में भारतीय स्मार्टफोन बाजार सालाना आधार पर 10% सिकुड़ गया। जनवरी-मार्च 2023 के बाद यह सबसे बड़ी तिमाही गिरावट मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ती कीमतों और महंगाई ने उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता को प्रभावित किया है। इसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने नया स्मार्टफोन खरीदने या पुराने फोन को अपग्रेड करने का फैसला टाल दिया।
₹15,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की बिक्री 45% घटी
इस तिमाही में सबसे ज्यादा असर एंट्री-लेवल और बजट स्मार्टफोन सेगमेंट पर देखने को मिला।
रिपोर्ट के अनुसार,
- ₹15,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की बिक्री में 45% तक की गिरावट दर्ज की गई।
- यही वह सेगमेंट है, जहां चीनी ब्रांड्स की सबसे ज्यादा पकड़ रही है।
- बिक्री घटने से इन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी भी 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।
विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती कीमतों के कारण पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वाले और बजट उपभोक्ता सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
Smartphone Market Share: किस कंपनी का कितना हिस्सा?
जून तिमाही में प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
| कंपनी | मार्केट शेयर | स्थिति |
|---|---|---|
| Vivo | 17.8% | पहले स्थान पर कायम |
| Samsung | 17.6% | 2% वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर |
| Oppo | 13.6% | तीसरा स्थान |
| Xiaomi (Poco सहित) | 13.4% | चौथे स्थान पर खिसका |
| Realme | 10% | बिक्री में गिरावट |
| Apple | 7% | बिक्री 3% घटी |
हालांकि Vivo की बिक्री में दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन वह अभी भी सबसे बड़ा ब्रांड बना हुआ है। वहीं Samsung ने इस तिमाही में सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और Vivo के बेहद करीब पहुंच गया।
Samsung क्यों रहा सबसे मजबूत खिलाड़ी?
टॉप-5 स्मार्टफोन कंपनियों में केवल Samsung ही ऐसी कंपनी रही जिसने इस तिमाही में बिक्री बढ़ाई।
विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी प्रमुख वजहें रहीं—
- प्रीमियम और मिड-रेंज फोन की मजबूत मांग
- ऑफलाइन रिटेल नेटवर्क की मजबूती
- आकर्षक एक्सचेंज ऑफर
- आसान EMI विकल्प
इसी कारण Samsung ने बाजार में अपनी स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत कर ली।
Xiaomi और चीनी कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान
Xiaomi, Poco, Realme और अन्य चीनी कंपनियों का कारोबार मुख्य रूप से बजट स्मार्टफोन पर निर्भर है।
लेकिन लगातार कीमतें बढ़ाने से ग्राहकों की मांग कमजोर हुई और इन कंपनियों की बिक्री में तेज गिरावट आई।
विशेष रूप से Xiaomi की बाजार हिस्सेदारी घटकर 13.4% रह गई, जिससे कंपनी चौथे स्थान पर पहुंच गई।
क्यों महंगे हो गए स्मार्टफोन?
काउंटरपॉइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक प्राचिर सिंह के अनुसार, स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह मेमोरी चिप्स (RAM और Storage) की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल है।
मुख्य कारण—
- सितंबर 2025 से मेमोरी की कीमतें लगभग चार गुना बढ़ चुकी हैं।
- कंपनियों को कई बार स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ानी पड़ीं।
- जून तिमाही तक स्मार्टफोन की औसत कीमत लगभग 15% बढ़ गई।
- बढ़ती महंगाई ने भी ग्राहकों की खरीदारी क्षमता कमजोर कर दी।
इन सभी कारणों से बाजार में मांग घट गई।
4G स्मार्टफोन की वापसी
बाजार में गिरती बिक्री को देखते हुए कई कंपनियां अब फिर से 4G स्मार्टफोन लॉन्च करने पर जोर दे रही हैं।
कंपनियों का मानना है कि—
- कई ग्राहक अभी भी कम कीमत वाले फोन पसंद कर रहे हैं।
- 5G की तुलना में 4G डिवाइस काफी सस्ते पड़ते हैं।
- छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में 4G की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
इसी वजह से कंपनियां बजट सेगमेंट में 4G पोर्टफोलियो बढ़ा रही हैं।
प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार पर नहीं पड़ा असर
जहां बजट स्मार्टफोन की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई, वहीं ₹45,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग लगभग स्थिर बनी रही।
इसकी प्रमुख वजहें हैं—
- नो-कॉस्ट EMI ऑफर
- क्रेडिट कार्ड डिस्काउंट
- NBFC फाइनेंसिंग
- आसान मासिक किस्तों की सुविधा
रिपोर्ट के मुताबिक इस तिमाही में कुल स्मार्टफोन बिक्री का आधे से ज्यादा हिस्सा EMI के जरिए हुआ, जिससे महंगे स्मार्टफोन की बिक्री पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।
Apple की बिक्री भी घटी
हालांकि iPhone 17 सीरीज की मांग मजबूत बनी रही, लेकिन सप्लाई चेन में दिक्कतों और स्टॉक की कमी के कारण Apple की बिक्री में भी करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके बावजूद कंपनी ने 7% बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी।
आगे कैसी रहेगी स्मार्टफोन बाजार की स्थिति?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मेमोरी चिप्स की कीमतों में कमी आती है और महंगाई नियंत्रित होती है, तो आने वाली तिमाहियों में बाजार धीरे-धीरे सुधार की ओर बढ़ सकता है। वहीं त्योहारी सीजन, आकर्षक एक्सचेंज ऑफर और आसान EMI योजनाएं भी स्मार्टफोन बिक्री को गति दे सकती हैं। हालांकि बजट सेगमेंट में तेज रिकवरी तभी संभव होगी, जब कंपनियां फिर से किफायती कीमतों पर नए मॉडल पेश करें।


