Mukesh Ambani Companies Share Performance: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026-27 (Q1 FY27) में इतिहास रचते हुए पहली बार ₹3.09 लाख करोड़ का तिमाही राजस्व दर्ज किया। हालांकि, शानदार कारोबारी प्रदर्शन के बावजूद शेयर बाजार में मुकेश अंबानी समूह की 10 लिस्टेड कंपनियों ने पिछले दो वर्षों में निवेशकों को निराश किया है। इनमें देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भी शामिल है, जिसके शेयर इस अवधि में करीब 17% तक टूट चुके हैं।
Highlights
- रिलायंस इंडस्ट्रीज ने Q1 FY27 में रिकॉर्ड ₹3.09 लाख करोड़ का राजस्व दर्ज किया।
- मुकेश अंबानी समूह की 10 लिस्टेड कंपनियों ने 2 साल में दिया नेगेटिव रिटर्न।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी 2 साल में करीब 17.7% फिसले।
- नेटवर्क18, स्टर्लिंग एंड विल्सन और GTPL Hathaway में सबसे ज्यादा गिरावट।
रिकॉर्ड कमाई के बावजूद शेयरों का प्रदर्शन कमजोर
नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने 17 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजे जारी किए। कंपनी ने पहली बार ₹3.09 लाख करोड़ का तिमाही राजस्व दर्ज किया, जो किसी भी भारतीय कंपनी के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।
कंपनी का राजस्व पिछली तिमाही के मुकाबले 5.1% और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26.6% बढ़ा। इस बढ़ोतरी में कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल (O2C), ऑयल एंड गैस तथा डिजिटल सर्विसेज बिजनेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
हालांकि, मजबूत वित्तीय नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में निवेशकों को वैसी खुशी नहीं मिली। पिछले दो वर्षों में अंबानी समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों ने लगातार कमजोर प्रदर्शन किया और निवेशकों को नकारात्मक रिटर्न दिया।
पिछले 2 साल में इन 10 कंपनियों ने कराया नुकसान
| कंपनी | 2 साल का रिटर्न | मौजूदा शेयर भाव | मार्केट कैप |
|---|---|---|---|
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | -17.7% | ₹1,327.20 | ₹17.95 लाख करोड़ |
| रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर | -42.2% | ₹779.15 | ₹1,175.38 करोड़ |
| जस्ट डायल | -23.4% | ₹767.30 | ₹6,535.17 करोड़ |
| जियो फाइनेंशियल सर्विसेज | -31.5% | ₹242.98 | ₹1.60 लाख करोड़ |
| स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी | -68.2% | ₹222.19 | ₹5,192.79 करोड़ |
| GTPL Hathaway | -62.6% | ₹63.39 | ₹711.44 करोड़ |
| Network18 Media & Investments | -63.8% | ₹30.00 | ₹4,629.08 करोड़ |
| DEN Networks | -48.2% | ₹27.32 | ₹1,302.34 करोड़ |
| Hathaway Cable & Datacom | -55.5% | ₹11.06 | ₹1,954.20 करोड़ |
| Infomedia Press | -19.0% | ₹5.53 | ₹26.95 करोड़ |
स्रोत: एंजल वन
सबसे ज्यादा गिरावट किन कंपनियों में?
पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक नुकसान स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी के निवेशकों को हुआ, जिसके शेयर करीब 68.2% टूट गए। इसके बाद Network18 Media & Investments में 63.8% और GTPL Hathaway में 62.6% की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, DEN Networks, Hathway Cable & Datacom, Reliance Industrial Infrastructure और Jio Financial Services जैसे शेयरों ने भी निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर क्यों पिछड़ा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी है और इसका मार्केट कैप करीब ₹18 लाख करोड़ के आसपास है। कंपनी का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है, लेकिन शेयर की चाल पिछले दो वर्षों से सुस्त बनी हुई है।
- पिछले 5 वर्षों में शेयर ने लगभग 25.81% रिटर्न दिया।
- पिछले 2 वर्षों में करीब 17.7% की गिरावट।
- पिछले 1 वर्ष में लगभग 10% कमजोर प्रदर्शन।
- वर्ष 2026 में अब तक करीब 15.66% की गिरावट।
विश्लेषकों का मानना है कि बड़े वैल्यूएशन, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा कारोबार में उतार-चढ़ाव के कारण शेयर पर दबाव बना रहा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
रिलायंस समूह की कंपनियों का कारोबार कई क्षेत्रों—ऊर्जा, दूरसंचार, वित्तीय सेवाएं, मीडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर—में फैला हुआ है। हालांकि, केवल मजबूत तिमाही नतीजे ही शेयर की कीमत बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं होते। बाजार भविष्य की ग्रोथ, वैल्यूएशन, सेक्टर की स्थिति और निवेशकों की धारणा जैसे कई कारकों को भी ध्यान में रखता है।
यही वजह है कि शानदार कारोबारी प्रदर्शन के बावजूद समूह की कई कंपनियों के शेयर पिछले दो वर्षों में दबाव में रहे हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


