Zepto IPO: भारत की क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो (Zepto) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ अब अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड (Norges) और मोतीलाल ओसवाल मिलकर कंपनी के एंकर बुक में करीब 80 करोड़ डॉलर (लगभग ₹6,900 करोड़) का निवेश कर सकते हैं। अगर यह निवेश पूरा होता है तो Zepto का IPO 2026 के सबसे बड़े टेक आईपीओ में शामिल हो सकता है।
एंकर बुक का 40-45% हिस्सा कवर कर सकते हैं Norges और Motilal Oswal
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, Zepto के IPO की एंकर बुक का लगभग 40-45 फीसदी हिस्सा नॉर्जेज और मोतीलाल ओसवाल कवर कर सकते हैं। इसके अलावा कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउस भी इस इश्यू में निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि, इस संबंध में Zepto, Norges और Motilal Oswal की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले से Swiggy और Eternal में निवेश कर चुका है Norges
नॉर्वे का Government Pension Fund Global (GPFG) दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड्स में से एक है। यह पहले ही भारत की कई न्यू-एज कंपनियों में निवेश कर चुका है।
इनमें प्रमुख नाम हैं:
- Swiggy
- Eternal
दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों कंपनियां क्विक कॉमर्स बाजार में Zepto की प्रतिद्वंद्वी हैं। वहीं Blinkit और Instamart भी इस सेगमेंट में तेजी से विस्तार कर रही हैं।
Zepto की वैल्यूएशन घटकर 5.1 अरब डॉलर
IPO से पहले Zepto की प्री-मनी वैल्यूएशन 4.3 अरब डॉलर और पोस्ट-मनी वैल्यूएशन करीब 5.1 अरब डॉलर आंकी गई है।
यह अक्टूबर 2025 में हुई 7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन की तुलना में करीब 27 फीसदी कम है।
वैल्यूएशन में गिरावट क्यों?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं।
- लगातार Cash Burn
- मुनाफे को लेकर अनिश्चितता
- सार्वजनिक बाजार में टेक कंपनियों की सतर्क वैल्यूएशन
- निवेशकों की लाभप्रदता पर बढ़ी प्राथमिकता
हाल के वर्षों में Meesho जैसी कंपनियां भी IPO से पहले अपनी वैल्यूएशन कम कर चुकी हैं ताकि पब्लिक मार्केट में बेहतर रिस्पॉन्स मिल सके।
9,000-10,000 करोड़ रुपये का हो सकता है IPO
Zepto ने हाल ही में SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) दाखिल किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
- IPO का आकार ₹9,000-10,000 करोड़ के बीच हो सकता है।
- इसमें फ्रेश इश्यू के जरिए कंपनी नई पूंजी जुटाएगी।
- साथ ही Offer for Sale (OFS) के तहत शुरुआती निवेशक और मौजूदा शेयरधारक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे।
निवेशकों की नजर क्यों है Zepto IPO पर?
भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। 10-15 मिनट में ग्रॉसरी और दैनिक जरूरत का सामान पहुंचाने वाले प्लेटफॉर्म्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
Zepto ने पिछले कुछ वर्षों में बड़े शहरों में मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी भविष्य में अपने कारोबार का विस्तार करते हुए लाभप्रदता की दिशा में भी आगे बढ़ेगी। हालांकि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लगातार निवेश की जरूरत कंपनी के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह IPO?
यदि Norges, Motilal Oswal और बड़े म्यूचुअल फंड्स की भागीदारी तय होती है तो इससे Zepto IPO को मजबूत संस्थागत समर्थन मिलेगा। हालांकि, खुदरा निवेशकों को निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, घाटे, प्रतिस्पर्धा और DRHP में दिए गए जोखिम कारकों का सावधानी से अध्ययन करना चाहिए।


