Cryptocurrency Crash: कभी निवेशकों को ताबड़तोड़ रिटर्न देने वाली क्रिप्टोकरेंसी इस समय सबसे कमजोर एसेट क्लास में गिनी जा रही है। पिछले एक साल में Bitcoin, Ethereum, Solana, Ripple (XRP) और Dogecoin जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में 50% से लेकर 70% तक की गिरावट देखने को मिली है। लगातार गिरते दाम, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भारत में क्रिप्टो पर सख्त टैक्स नियमों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। हालांकि, बाजार के कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में क्रिप्टो बाजार फिर से रिकवरी कर सकता है।
निवेशकों का क्रिप्टो से बढ़ रहा मोहभंग

अगर आपने पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया था तो संभव है कि आपका पोर्टफोलियो इस समय भारी नुकसान में हो। तेज रिटर्न की उम्मीद में करोड़ों निवेशकों ने Bitcoin, Ethereum और अन्य डिजिटल करेंसी में पैसा लगाया था, लेकिन पिछले एक साल का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है।
इसी वजह से कई निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो में क्रिप्टो का हिस्सा कम कर रहे हैं या पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला ले रहे हैं। जोखिम बढ़ने और लगातार गिरते रिटर्न ने इस बाजार की चमक फीकी कर दी है।
Bitcoin में करीब 47% की गिरावट

दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin भी भारी दबाव में है।
- पिछले एक साल में करीब 47% की गिरावट
- हाल ही में कीमत 60,000 डॉलर से नीचे पहुंच गई थी।
- फिलहाल यह लगभग 63,900 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है।
- पिछले साल अक्टूबर में Bitcoin ने 1.20 लाख डॉलर से अधिक का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
रिकॉर्ड हाई से आई यह गिरावट अब तक पूरी तरह नहीं संभल सकी है।
दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी का भी बुरा हाल
केवल Bitcoin ही नहीं, लगभग सभी प्रमुख डिजिटल करेंसी निवेशकों को नुकसान पहुंचा रही हैं।
| क्रिप्टोकरेंसी | एक साल की गिरावट |
|---|---|
| Bitcoin | करीब 47% |
| Ethereum | करीब 50% |
| Binance Coin (BNB) | करीब 23% |
| Ripple (XRP) | करीब 70% |
| Solana | करीब 58% |
| Dogecoin | करीब 70% |
इन आंकड़ों से साफ है कि पूरे क्रिप्टो बाजार में कमजोरी का माहौल बना हुआ है।
आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?

विशेषज्ञों के अनुसार क्रिप्टो बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं।
1. संस्थागत निवेशकों की खरीद घटी
BitDelta India के CEO विकास एम. सचदेवा के अनुसार हाल के महीनों में बड़े निवेशकों की खरीद कमजोर हुई है। जून महीने में ही अमेरिका के Spot Bitcoin ETF से 4 अरब डॉलर से अधिक की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।
2. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और लगातार बनी महंगाई की चिंता ने निवेशकों को जोखिम वाले निवेश से दूर कर दिया है।
3. ब्याज दरों का असर
अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर Bitcoin समेत पूरे क्रिप्टो बाजार पर पड़ा है।
भारत में 30% टैक्स भी बना बड़ी वजह

भारत में क्रिप्टो निवेशकों के लिए टैक्स नियम भी काफी सख्त हैं।
क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले मुनाफे पर—
- 30% इनकम टैक्स
- 4% स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर
- एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये से अधिक के ट्रांसफर पर 1% TDS
- क्रिप्टो में हुए नुकसान को किसी अन्य आय या मुनाफे से समायोजित करने की अनुमति नहीं
इन्हीं नियमों के कारण भारत में नए निवेशकों की संख्या भी प्रभावित हुई है।
क्या फिर लौट सकती है तेजी?

हालांकि विशेषज्ञ पूरी तरह निराश नहीं हैं।
विकास एम. सचदेवा का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब Bitcoin में इतनी बड़ी गिरावट आई हो। वर्ष 2018 और 2022 में भी Bitcoin लगभग 70% तक टूट गया था, लेकिन बाद में उसने नए रिकॉर्ड स्तर बनाए।
उनके अनुसार भविष्य में तेजी के लिए इन संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए—
- वैश्विक आर्थिक स्थिरता
- संस्थागत निवेशकों की वापसी
- Spot Bitcoin ETF में दोबारा निवेश
- प्रमुख देशों में स्पष्ट क्रिप्टो रेगुलेशन
WazirX के संस्थापक ने क्या कहा?
WazirX के संस्थापक निश्चल शेट्टी का कहना है कि हाल के समय में Spot Bitcoin और Ethereum ETF में फिर से शुद्ध निवेश देखने को मिला है। लगातार कई सप्ताह तक निकासी के बाद निवेशकों की वापसी यह संकेत देती है कि लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है।
हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी बना हुआ है और निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
यदि आप क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना चाहते हैं तो केवल तेजी की उम्मीद में पैसा लगाने से बचें। अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और पोर्टफोलियो के संतुलन को ध्यान में रखते हुए ही निवेश करें। किसी भी डिजिटल एसेट में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट की राय लेना बेहतर माना जाता है।
डिस्क्लेमर: क्रिप्टोकरेंसी बाजार 24 घंटे खुला रहता है और इसकी कीमतों में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव होता है। कुछ ही मिनटों में बड़ी गिरावट या तेजी देखने को मिल सकती है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है, इसे निवेश की सलाह न मानें।


