17 जुलाई के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने शानदार मजबूती दिखाई। बीएसई सेंसेक्स 964.58 अंक (1.25%) की तेजी के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 261.55 अंक (1.09%) चढ़कर 24,334.30 के स्तर पर बंद हुआ। मजबूत बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर बाजार ने पूरे दिन बढ़त बनाए रखी। अब निवेशकों की नजर 20 जुलाई के बाद आने वाले पहली तिमाही (Q1 FY27) के कॉर्पोरेट नतीजों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।
Highlights
- सेंसेक्स 965 अंक और निफ्टी 261 अंक की शानदार बढ़त के साथ बंद।
- निफ्टी 24,300 के ऊपर टिकने में सफल रहा।
- बैंकिंग और आईटी सेक्टर ने बाजार की तेजी की अगुवाई की।
- रिलायंस, HDFC बैंक और ICICI बैंक के Q1 नतीजों पर रहेगी नजर।
- एक्सपर्ट्स के अनुसार 24,800 तक जा सकता है निफ्टी।
बैंकिंग और आईटी शेयरों ने दिखाई ताकत
शुक्रवार के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, टीसीएस, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और रिलायंस इंडस्ट्रीज में देखने को मिली। इन शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांक ऊंचे स्तर पर बंद हुए।
दूसरी ओर हिंदाल्को, डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज, विप्रो, सन फार्मा और मैक्स हेल्थकेयर दबाव में रहे।
सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन
शुक्रवार को अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
- निफ्टी प्राइवेट बैंक में लगभग 2% की तेजी
- निफ्टी बैंक 1.6% मजबूत
- निफ्टी आईटी 1.7% चढ़ा
- निफ्टी ऑटो और रियल्टी करीब 1.3% ऊपर
- ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% की बढ़त
- एफएमसीजी में 0.7% तेजी
हालांकि,
- निफ्टी फार्मा 1.4% टूटा
- निफ्टी मेटल 0.4% कमजोर रहा
- मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
यह संकेत देता है कि फिलहाल निवेशकों का झुकाव लार्जकैप शेयरों की ओर बढ़ रहा है।
20 जुलाई को किन फैक्टर्स पर रहेगी बाजार की नजर?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगले कारोबारी सप्ताह में कई अहम फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे।
1. Q1 FY27 रिजल्ट सीजन
सबसे बड़ा ट्रिगर पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजे होंगे। खासतौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और ICICI बैंक के नतीजों पर बाजार की पैनी नजर रहेगी।
यदि इन दिग्गज कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
2. मिडिल ईस्ट तनाव
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की चिंता का विषय बना हुआ है। किसी भी नए घटनाक्रम का असर वैश्विक बाजारों और भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दे सकता है।
3. कच्चे तेल की कीमत
क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव महंगाई, कंपनियों की लागत और भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है। इसलिए निवेशक तेल की कीमतों पर भी नजर बनाए रखेंगे।
टाटा म्यूचुअल फंड का आउटलुक
टाटा म्यूचुअल फंड का मानना है कि भारत की मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिति के चलते FY27 में निफ्टी कंपनियों की आय (Earnings) 15-17% तक बढ़ सकती है।
फंड हाउस का कहना है कि वर्तमान वैल्यूएशन लंबी अवधि के औसत से नीचे है, जिससे अगले 12 से 18 महीनों में इक्विटी निवेशकों को अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना बन रही है।
इसके पीछे प्रमुख वजहें हैं—
- मजबूत निवेश चक्र
- बैंकिंग सेक्टर की मजबूती
- मैन्युफैक्चरिंग को सरकारी समर्थन
- रियल एस्टेट सेक्टर में रिकवरी
- घरेलू निवेशकों का लगातार निवेश
लार्जकैप शेयरों की ओर बढ़ रहा निवेशकों का रुझान
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार फिलहाल बाजार में सेक्टर रोटेशन देखने को मिल रहा है।
घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) महंगे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों से पैसा निकालकर बेहतर वैल्यूएशन वाले लार्जकैप शेयरों में निवेश बढ़ा रहे हैं।
इसके अलावा FY27 की दूसरी छमाही में घरेलू मांग मजबूत रहने की उम्मीद के चलते कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी खरीदारी का माहौल बना हुआ है।
टेक्निकल एनालिसिस: निफ्टी के लिए अहम स्तर
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के अनुसार निफ्टी ने पांच दिनों की कंसोलिडेशन रेंज से ऊपर ब्रेकआउट दिया है।
उनके मुताबिक—
- तत्काल सपोर्ट: 24,200
- पहला रेजिस्टेंस: 24,500
- अगला संभावित लक्ष्य: 24,800
यदि निफ्टी 24,200 के नीचे फिसलता है तो फिर कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।
बोनान्जा का क्या कहना है?
बोनान्जा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार पूरी तरह स्टॉक-स्पेसिफिक रह सकता है।
उनके अनुसार जिन कंपनियों के Q1 नतीजे उम्मीद से बेहतर आएंगे, उनके शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं कमजोर नतीजों वाली कंपनियों में दबाव बना रह सकता है।
निष्कर्ष
17 जुलाई की मजबूत तेजी ने बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि आगे की चाल अब काफी हद तक Q1 FY27 के कॉर्पोरेट नतीजों, वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यदि प्रमुख कंपनियों के परिणाम उम्मीद से बेहतर आते हैं और वैश्विक माहौल अनुकूल रहता है तो निफ्टी 24,500-24,800 की ओर बढ़ सकता है। वहीं कमजोर नतीजों या अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


