NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    pm-modi-putin-meeting-sco-summit-ukraine-war-russia-india-relations
    मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात, यूक्रेन युद्ध पर PM ने कहा- ‘हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है’
    31 अगस्त 2026
    top-5-sips-10-years-return-24-percent-mutual-funds
    Top 5 SIPs: लंबी अवधि में इन 5 फंड्स ने किया कमाल, 10 साल में 24.4% तक का रिटर्न
    31 अगस्त 2026
    government-deepwater-oil-gas-exploration-675-crore-per-well
    ईरान युद्ध के बीच सरकार का बड़ा दांव, एक कुएं की खुदाई पर ₹675 करोड़ तक की मदद; समुद्र में तेल-गैस खोज को मिलेगा बूस्ट
    31 अगस्त 2026
    india-gdp-growth-7-8-percent-pm-modi-nirmala-sitharaman-reaction
    India GDP Growth: मोदी बोले- ‘बहुत बड़ी उपलब्धि’, सीतारमण ने कहा- सुधारों का दिख रहा असर; 7.8% GDP ग्रोथ से बढ़ा भरोसा
    31 अगस्त 2026
    india-vs-china-economy-gdp-growth-economic-indicators
    भारत की इकॉनमी ने फिर चौंकाया, चीन की रफ्तार पर ब्रेक! दोनों देशों के आर्थिक आंकड़े क्या बता रहे हैं?
    31 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    crude-price-iran-us-attack-strait-of-hormuz-oil-price-rise
    Crude Price: ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल में फिर उबाल, कीमतों में $1 से ज्यादा की तेजी
    31 अगस्त 2026
    gold-price-today-30-august-2026-10-cities-gold-silver-rate
    Gold Price Today: 7 दिनों में ₹4,850 सस्ता हुआ सोना, दिल्ली-मुंबई नहीं, इस शहर में सबसे महंगा 18 कैरेट गोल्ड
    30 अगस्त 2026
    gold-price-today-29-august-2026-delhi-patna-24-22-18-carat-gold-rate
    Gold Price Today: रक्षाबंधन के बाद सोने में फिर आया उछाल, दिल्ली से पटना तक 24, 22 और 18 कैरट का ताजा भाव
    29 अगस्त 2026
    gold-silver-prices-today-31-august-2026-delhi-gold-price-falls
    Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सस्ता हुआ सोना, लगातार दूसरे दिन चमक फीकी; 6 दिन बाद चांदी भी फिसली
    28 अगस्त 2026
    gold-price-today-30-august-2026-10-cities-gold-silver-rate
    Gold Price Today: रक्षाबंधन से पहले सोने की चमक पड़ी फीकी, दिल्ली में 22 कैरेट ₹1,50,240
    27 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    stocks-to-watch-1-september-ncc-pvr-inox-milky-mist-dairy-icici-bank
    Stocks to Watch: 1 सितंबर को NCC, PVR INOX, Milky Mist Dairy समेत इन शेयरों में दिख सकती है हलचल
    31 अगस्त 2026
    tvs-motor-share-nomura-buy-rating-new-ceo-premium-segment
    TVS Motor Share: नोमुरा ने दी खरीदने की सलाह, नए CEO के आने से प्रीमियम सेगमेंट पर बढ़ेगा फोकस; 1 साल में 29% चढ़ा शेयर
    31 अगस्त 2026
    share-market-fall-sensex-nifty-close-31-august-2026
    रक्षाबंधन के बाद शेयर बाजार में गिरावट, 24,100 के नीचे बंद Nifty; ₹3.79 लाख करोड़ डूबे
    31 अगस्त 2026
    share-market-crash-sensex-nifty-fall-reasons-31-august-2026
    Share Market Crash: सेंसेक्स 513 अंक तक लुढ़का, निफ्टी 24,000 के नीचे; बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजहें
    31 अगस्त 2026
    force-motors-dividend-50-rupees-record-date-9-september-2026
    Force Motors Dividend: ₹50 डिविडेंड का ऐलान, 9 सितंबर रिकॉर्ड डेट; शेयर ने 5 साल में दिया 1100% रिटर्न
    31 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Dollar Vs INR: रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब रुपया, कच्चे तेल और डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव, एक्सपर्ट्स ने बताया आगे कैसी रह सकती है चाल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
शेयर बाज़ार

Dollar Vs INR: रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब रुपया, कच्चे तेल और डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव, एक्सपर्ट्स ने बताया आगे कैसी रह सकती है चाल

Namam Sharma
Last updated: 2026/07/18 at 12:28 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
dollar-vs-inr-rupee-near-record-low-experts-outlook-july-2026
SHARE

भारतीय रुपया एक बार फिर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, विदेशी निवेश (FPI) की लगातार निकासी, डॉलर की मजबूत मांग और भारत के स्ट्रक्चरल करंट अकाउंट डेफिसिट जैसी वजहों ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है। 20 मई को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.83 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंचा था, जबकि शुक्रवार को यह करीब 96.30 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा। यानी रुपया अपने रिकॉर्ड लो से महज 0.55% दूर है।

Contents
5 जून की रिकवरी पूरी तरह खत्मकच्चे तेल की महंगाई ने बढ़ाई मुश्किलकरंट अकाउंट डेफिसिट भी बड़ी वजहRBI के उपायों से उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला फायदाविदेशी निवेशकों की भारी बिकवालीडॉलर की बढ़ती मांग से और बढ़ा दबावहेजिंग पैटर्न भी रुपये के खिलाफआगे रुपये की चाल कैसी रह सकती है?टेक्निकल एनालिसिस क्या कहता है?निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है, हालांकि अगस्त-सितंबर में विदेशी मुद्रा प्रवाह (FCNR-B) बढ़ने से रुपये को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।


5 जून की रिकवरी पूरी तरह खत्म

रुपये में हालिया कमजोरी ने 5 जून के बाद आई पूरी रिकवरी को लगभग खत्म कर दिया है। इसके साथ ही जुलाई में भारतीय मुद्रा एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली करेंसी में शामिल हो गई है। इससे आयात लागत, विशेष रूप से कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोने के आयात पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।


कच्चे तेल की महंगाई ने बढ़ाई मुश्किल

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के कोर एनालिटिकल ग्रुप के डायरेक्टर सौम्यजीत नियोगी का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रुपये की कमजोरी का ट्रिगर जरूर हैं, लेकिन यही एकमात्र कारण नहीं हैं।

उनके अनुसार कई अन्य कारकों ने भी रुपये को कमजोर किया है, जिनमें शामिल हैं—

  • अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती
  • वैश्विक व्यापार पर टैरिफ का असर
  • भारत के निर्यात पर दबाव
  • चीन की आक्रामक डंपिंग
  • कमजोर वैश्विक आर्थिक माहौल

उन्होंने कहा कि पिछले लगभग एक दशक तक भारत को सस्ते कच्चे तेल का फायदा मिलता रहा, जिससे अर्थव्यवस्था इन चुनौतियों का सामना कर पाई। लेकिन अब तेल की कीमतें बढ़ने से अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक कमजोरियां सामने आने लगी हैं।


करंट अकाउंट डेफिसिट भी बड़ी वजह

बंधन AMC के सीनियर इकोनॉमिस्ट श्रीजीत बालासुब्रमण्यन के मुताबिक भारत एक संरचनात्मक करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) वाला देश है।

उनका कहना है कि भारत आयात पर निर्यात की तुलना में अधिक खर्च करता है। ऐसे में जब तक पर्याप्त विदेशी पूंजी (Capital Inflows) नहीं आती, रुपये पर दबाव बना रहता है।

उन्होंने बताया कि पिछले 10 से 15 वर्षों में रुपया औसतन हर साल लगभग 3 से 4 प्रतिशत तक कमजोर हुआ है, जो इसकी दीर्घकालिक प्रवृत्ति को दर्शाता है।


RBI के उपायों से उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला फायदा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 5 जून को FCNR(B) डिपॉजिट को बढ़ावा देने सहित कई कदम उठाए थे। शुरुआती दौर में इससे बाजार का भरोसा बढ़ा, लेकिन डॉलर का वास्तविक इनफ्लो उम्मीद से काफी कम रहा।

बार्कलेज की रिपोर्ट के अनुसार FCNR(B) स्कीम के तहत अब तक केवल 5 से 6 अरब डॉलर का निवेश आया है, जबकि इससे कहीं अधिक राशि आने की उम्मीद थी। इससे रुपये को मिलने वाला शॉर्ट टर्म सपोर्ट कमजोर पड़ गया।


विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

आरित्या ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के रिसर्च हेड गौरव अरोड़ा के अनुसार इस वर्ष विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजार से 36 अरब डॉलर से अधिक की निकासी की है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेशक अब तेजी से अमेरिका, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे AI और सेमीकंडक्टर आधारित बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर भारतीय बाजार और रुपये दोनों पर पड़ा है।

इसके अलावा जून में भारत का व्यापार घाटा 30.43 अरब डॉलर रहा, जिसमें कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोने के आयात का बड़ा योगदान रहा।


डॉलर की बढ़ती मांग से और बढ़ा दबाव

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स LLP के ट्रेजरी हेड एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली का कहना है कि डॉलर की मांग लगातार बढ़ रही है।

इसके पीछे कई कारण हैं—

  • कच्चे तेल की ऊंची कीमतें
  • रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित अमेरिकी टैरिफ
  • विदेशी निवेश की निकासी
  • रक्षा भुगतान
  • सरकारी कर्ज की अदायगी
  • विदेशों में भारतीय कंपनियों के अधिग्रहण

उन्होंने बताया कि एक्सपोर्टर डॉलर रोककर रख रहे हैं, जबकि इंपोर्टर तत्काल भुगतान के लिए डॉलर खरीद रहे हैं। इससे डॉलर की मांग और बढ़ रही है तथा रुपये पर दबाव बना हुआ है।


हेजिंग पैटर्न भी रुपये के खिलाफ

श्रीजीत बालासुब्रमण्यन के अनुसार बाजार की धारणा भी रुपये की कमजोरी को बढ़ा रही है।

जब बाजार को लगता है कि रुपया और कमजोर होगा, तब निर्यातक कम हेजिंग करते हैं ताकि कमजोर रुपये का फायदा उठा सकें। दूसरी ओर आयातक अधिक हेजिंग करते हैं ताकि भविष्य के जोखिम से बच सकें। इससे डॉलर की मांग और बढ़ जाती है और रुपया और कमजोर होता जाता है।


आगे रुपये की चाल कैसी रह सकती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है, लेकिन अगस्त और सितंबर में FCNR(B) के तहत आने वाले विदेशी फंड से कुछ राहत मिल सकती है।

सौम्यजीत नियोगी का कहना है कि यदि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव कम होते हैं और विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ता है तो साल के बाकी महीनों में रुपया औसतन 95 प्रति डॉलर से नीचे भी आ सकता है।


टेक्निकल एनालिसिस क्या कहता है?

द वेल्थ कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर और मार्केट स्ट्रैटेजी हेड अक्षय चिंचालकर के अनुसार रुपये में रिकॉर्ड निचले स्तर 96.96 से 94.14 तक आई रिकवरी ने बाजार की घबराहट जरूर कम की थी, लेकिन इससे मुख्य ट्रेंड नहीं बदला।

उनके मुताबिक—

  • डेली, वीकली और मंथली चार्ट अभी भी डॉलर के पक्ष में हैं।
  • डॉलर इंडेक्स का ब्रेकआउट डॉलर को मजबूत सपोर्ट दे रहा है।
  • रुपया दोबारा 97 के आसपास अपने रिकॉर्ड निचले स्तर का परीक्षण कर सकता है।
  • यदि 97 के आसपास मजबूत सपोर्ट नहीं मिलता तो अगला लक्ष्य 98 हो सकता है।
  • रिकॉर्ड निचले स्तर टूटने पर रुपया 98.70 तक भी जा सकता है।
  • ट्रेंड में सकारात्मक बदलाव तभी माना जाएगा जब रुपया 94.96 के ऊपर मजबूती से टिके।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

रुपये में कमजोरी का असर आयात आधारित कंपनियों, तेल मार्केटिंग कंपनियों और विदेशी कर्ज वाली कंपनियों पर पड़ सकता है। वहीं आईटी और निर्यात आधारित कंपनियों को कमजोर रुपये से कुछ फायदा मिल सकता है। निवेशकों को डॉलर-रुपया, कच्चे तेल की कीमतों, FPI फ्लो और RBI की नीतियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार संबंधित विशेषज्ञों के निजी हैं। NewsJagran.in या इसका प्रबंधन किसी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।

लेटेस्ट रेट्स और बाजार अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, चांदी का भाव, पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट, LPG, CNG और PNG की कीमतें, कच्चे तेल (Crude Oil) का भाव, डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट और IPO GMP Today की लाइव जानकारी देखें।

You Might Also Like

Stocks to Watch: 1 सितंबर को NCC, PVR INOX, Milky Mist Dairy समेत इन शेयरों में दिख सकती है हलचल

TVS Motor Share: नोमुरा ने दी खरीदने की सलाह, नए CEO के आने से प्रीमियम सेगमेंट पर बढ़ेगा फोकस; 1 साल में 29% चढ़ा शेयर

रक्षाबंधन के बाद शेयर बाजार में गिरावट, 24,100 के नीचे बंद Nifty; ₹3.79 लाख करोड़ डूबे

Share Market Crash: सेंसेक्स 513 अंक तक लुढ़का, निफ्टी 24,000 के नीचे; बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजहें

Force Motors Dividend: ₹50 डिविडेंड का ऐलान, 9 सितंबर रिकॉर्ड डेट; शेयर ने 5 साल में दिया 1100% रिटर्न

TAGGED: business news, Crude Oil Prices, currency market, Dollar Index, Dollar Vs INR, Dollar vs Rupee, Economy News, FCNR, Finance News, forex market, FPI Outflow, Indian rupee, RBI, Rupee News, USD INR
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article ashoka-buildcon-rvnl-602-crore-order-share-price Relaxo Footwears Share Price: रिलैक्सो फुटवियर्स का शेयर बना रॉकेट, एक दिन में 17% तक उछला, जानिए तेजी की वजह
Next Article us-visa-rules-tightened-student-journalist-visa-new-rules US Visa Rules Tightened: अमेरिका ने बदले वीजा नियम, विदेशी छात्रों और पत्रकारों पर बढ़ेगी सख्ती, जानिए क्या-क्या बदलेगा

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: 25 इश्यू में किसका ग्रे मार्केट प्रीमियम सबसे ज्यादा? ₹316 तक पहुंचा GMP, देखें पूरी लिस्ट
शेयर बाज़ार फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?