Polycab India Share Price: वायर्स और केबल्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी पॉलीकैब इंडिया (Polycab India) के शेयर शुक्रवार को करीब 4% तक टूट गए। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है, जब शेयर में गिरावट देखने को मिली है। दिलचस्प बात यह है कि यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कंपनी ने जून 2026 तिमाही (Q1 FY27) के उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। इसके बावजूद मुनाफावसूली के चलते निवेशकों ने शेयर में बिकवाली की।
हालांकि, ब्रोकरेज हाउस Jefferies और HSBC ने कंपनी पर अपना भरोसा बरकरार रखा है और शेयर के लिए ऊंचे टारगेट प्राइस दिए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका बन सकती है?
4% टूटा शेयर, हाई से 12.5% नीचे
शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में पॉलीकैब इंडिया का शेयर करीब 3.96% गिरकर ₹8,850 तक आ गया, जिससे यह NSE Midcap 50 का टॉप लूजर बन गया। गुरुवार को भी शेयर में लगभग 1.2% की गिरावट दर्ज की गई थी। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में स्टॉक करीब 7.2% टूट चुका है।
इसके बावजूद, साल 2026 में अब तक यह शेयर करीब 15.5% का रिटर्न दे चुका है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
गौरतलब है कि 22 जून 2026 को यह शेयर ₹10,126 के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। मौजूदा स्तर पर यह अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 12.5% नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं 12 अगस्त 2025 को इसने ₹6,620 का 52-सप्ताह का निचला स्तर बनाया था।
Q1 में उम्मीद से बेहतर रहे नतीजे
जून 2026 तिमाही में पॉलीकैब इंडिया का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।
प्रमुख वित्तीय आंकड़े
- रेवेन्यू: ₹8,209 करोड़ (सालाना आधार पर 39% की बढ़ोतरी)
- पिछले वर्ष समान तिमाही का रेवेन्यू: ₹5,906 करोड़
- CNBC-TV18 पोल का अनुमान: ₹7,902 करोड़
कंपनी ने लगभग हर प्रमुख वित्तीय पैरामीटर पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया।
घरेलू वायर और केबल बिजनेस बना सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर
कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी के प्रबंधन ने बताया कि:
- घरेलू वायर्स एंड केबल्स (W&C) कारोबार में 43% की सालाना वृद्धि दर्ज हुई।
- कुल W&C बिजनेस की ग्रोथ 38% रही, जबकि बाजार को करीब 35% की उम्मीद थी।
- हाई बेस के बावजूद वॉल्यूम ग्रोथ लो-टू-मिड सिंगल डिजिट रही।
- वायर बिजनेस ने केबल्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
एक्सपोर्ट कारोबार पर पड़ा जियोपॉलिटिकल असर
हालांकि, कंपनी के निर्यात कारोबार पर मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर देखने को मिला।
- एक्सपोर्ट रेवेन्यू में 12% की गिरावट
- कुल बिक्री में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 5.2% से घटकर 3.3% रह गई।
कंपनी ने क्या दिया आगे का गाइडेंस?
पॉलीकैब ने अपने मीडियम टर्म आउटलुक को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
- EBITDA मार्जिन गाइडेंस: 11% से 13% बरकरार
- FMEG बिजनेस FY30 तक 8% से 10% मार्जिन हासिल करने की राह पर
- भारतनेट प्रोजेक्ट से FY27 में ₹800-1,000 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद
Jefferies का बड़ा दांव
बेहतर नतीजों के बाद वैश्विक ब्रोकरेज Jefferies ने अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है।
Jefferies की प्रमुख बातें
- नया टारगेट प्राइस: ₹11,100
- पहले का टारगेट: ₹10,920
- मौजूदा स्तर से संभावित तेजी: करीब 25%
- FY27 और FY28 के EPS अनुमान 2-3% बढ़ाए
- FY26-FY29 के दौरान 22% EPS CAGR की उम्मीद
ब्रोकरेज का मानना है कि पॉलीकैब भारत के बढ़ते पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) थीम का मजबूत लाभार्थी बन सकता है।
HSBC भी बुलिश
HSBC ने भी पॉलीकैब पर ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है।
- टारगेट प्राइस: ₹10,160
- संभावित अपसाइड: करीब 14%
ब्रोकरेज के अनुसार:
- वायर और केबल बिजनेस में मजबूत रियलाइजेशन
- FMEG कारोबार का शानदार प्रदर्शन
- FY26-FY29 के दौरान 21% EPS CAGR की संभावना
हालांकि, HSBC ने कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव को कंपनी के लिए प्रमुख जोखिम बताया है।
एनालिस्ट्स की राय क्या कहती है?
पॉलीकैब इंडिया को कवर करने वाले 34 एनालिस्ट्स में से:
- 23 ने Buy रेटिंग
- 9 ने Hold रेटिंग
- 2 ने Sell रेटिंग
यानी अधिकांश विशेषज्ञ अब भी कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक नजरिया रखते हैं।
क्या निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका?
हालिया गिरावट पहली नजर में कमजोर संकेत लग सकती है, लेकिन कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे, लगातार बेहतर ग्रोथ, सकारात्मक गाइडेंस और प्रमुख ब्रोकरेज की बुलिश राय यह दर्शाती है कि बाजार की मौजूदा कमजोरी मुख्य रूप से प्रॉफिट बुकिंग का असर हो सकती है।
यदि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपनी ग्रोथ और मार्जिन बनाए रखती है, तो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, अल्पकाल में शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


