Canada News: कनाडा को बेहतर करियर, ऊंची कमाई और बेहतर लाइफस्टाइल का सपना देखने वाले लाखों भारतीयों के लिए एक वायरल पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है। टोरंटो में करीब 18 महीने रहने के बाद भारत लौटे भारतीय एंटरप्रेन्योर हर्ष गुप्ता ने सोशल मीडिया पर बताया कि अच्छी कमाई के बावजूद उन्होंने कनाडा छोड़ने का फैसला क्यों किया। उनकी पोस्ट में टैक्स, महंगा किराया, हेल्थकेयर सिस्टम और जॉब मार्केट को लेकर किए गए दावों ने इंटरनेट पर तीखी बहस छेड़ दी है।
Highlights
- 18 महीने टोरंटो में रहने के बाद भारत लौटे भारतीय एंटरप्रेन्योर।
- दावा- महीने के 10 लाख रुपये कमाने पर करीब 5 लाख रुपये टैक्स देना पड़ता था।
- महंगा किराया, हेल्थकेयर में देरी और जॉब मार्केट को बताया बड़ी चुनौती।
- सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया, कई ने समर्थन तो कई ने जताई असहमति।
18 महीने बाद क्यों लौटे भारत?
हर्ष गुप्ता परमानेंट रेजिडेंसी (PR) के जरिए कनाडा के टोरंटो पहुंचे थे। उनका कहना है कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि कनाडा में बेहतर अवसर और जीवनशैली मिलेगी, लेकिन वहां के अनुभव ने उनकी सोच बदल दी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Threads पर लिखा कि अगर कोई भारतीय कनाडा जाने की योजना बना रहा है तो उसे वहां की वास्तविक परिस्थितियों को समझकर फैसला लेना चाहिए।
’10 लाख कमाए, 5 लाख टैक्स में गए’
हर्ष गुप्ता का सबसे चर्चित दावा उनकी आय और टैक्स को लेकर रहा। उनके मुताबिक, वे अपने बिजनेस से हर महीने करीब 10 लाख रुपये की कमाई कर रहे थे, लेकिन लगभग 5 लाख रुपये टैक्स के रूप में चुकाने पड़ते थे।
उनका कहना है कि उच्च आय के बावजूद टैक्स का बोझ काफी ज्यादा महसूस होता है, जिससे बचत करना आसान नहीं होता।
नौकरी मिलना भी आसान नहीं
हर्ष ने दावा किया कि कनाडा में अच्छी सैलरी वाली नौकरी पाना लोगों की सोच से कहीं ज्यादा कठिन है।
उनके अनुसार—
- हर नौकरी के लिए हजारों उम्मीदवार आवेदन करते हैं।
- कई सेक्टरों में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ चुकी है।
- अधिकांश लोगों को अपेक्षाकृत कम वेतन वाली नौकरियां मिलती हैं।
- भारत की तुलना में सैलरी का अंतर उतना बड़ा नहीं जितना लोग मानते हैं।
हालांकि, यह उनके व्यक्तिगत अनुभव और नजरिए पर आधारित है। अलग-अलग उद्योग, अनुभव और शहर के अनुसार नौकरी की स्थिति अलग हो सकती है।
किराया और रहने का खर्च बना बड़ी परेशानी
हर्ष गुप्ता के मुताबिक, वे टोरंटो के डाउनटाउन इलाके में रहते थे, जहां लगभग 600 वर्ग फुट के एक साधारण अपार्टमेंट का मासिक किराया करीब 2 लाख रुपये के बराबर पड़ता था।
उनका कहना है कि किराया, ग्रॉसरी, ट्रांसपोर्ट और अन्य दैनिक खर्च मिलाकर जीवन-यापन काफी महंगा हो जाता है, जिससे अच्छी आय होने के बावजूद बचत सीमित रह जाती है।
हेल्थकेयर सिस्टम पर भी उठाए सवाल
कनाडा का सार्वजनिक हेल्थकेयर सिस्टम दुनिया भर में चर्चित है, लेकिन हर्ष ने अपने अनुभव को अलग बताया।
उन्होंने दावा किया कि—
- फैमिली डॉक्टर मिलने में लगभग 6 महीने का इंतजार करना पड़ा।
- स्पेशलिस्ट डॉक्टर से अपॉइंटमेंट के लिए 2 महीने से ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
- कई दवाओं का खर्च भी काफी अधिक था।
हालांकि, हेल्थकेयर सेवाओं का अनुभव व्यक्ति, प्रांत और मेडिकल जरूरतों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
लंबी सर्दियों ने भी किया परेशान
हर्ष ने कनाडा के मौसम को भी चुनौती बताया। उनके अनुसार, अक्टूबर से अप्रैल तक लंबी और कड़ाके की ठंड सामान्य जीवन को प्रभावित करती है।
उन्होंने लिखा कि लंबे समय तक घर के अंदर रहना पड़ता है और लगातार ठंड के कारण मानसिक रूप से भी उदासी महसूस हो सकती है।
PR और इमिग्रेशन को लेकर भी जताई चिंता
हर्ष का कहना है कि हाल के वर्षों में कनाडा में Permanent Residency (PR) हासिल करना पहले की तुलना में अधिक कठिन होता जा रहा है। उनके अनुसार, पात्रता मानकों (Eligibility Cut-off) में बढ़ोतरी और लंबी प्रक्रिया के कारण नए आवेदकों को ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है।
सोशल मीडिया पर बंटे लोग
हर्ष गुप्ता की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई।
कुछ यूजर्स ने कहा कि उन्होंने कनाडा में भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना किया है और हर्ष ने वास्तविक समस्याओं को सामने रखा है।
वहीं कई लोगों ने उनके दावों पर सवाल उठाए। कुछ का कहना था कि कनाडा में कमाई और खर्च की तुलना भारतीय रुपये (INR) में करना सही तरीका नहीं है। वहीं कई प्रवासियों ने कहा कि मेहनत, सही योजना और लंबे समय के नजरिए से कनाडा परिवार बसाने और बेहतर जीवन के लिए अब भी अच्छा विकल्प हो सकता है।
क्या हर किसी के लिए सही नहीं है कनाडा?
हर्ष गुप्ता का निष्कर्ष था कि कनाडा हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। उनका मानना है कि जो लोग सीमित रोजगार विकल्पों के साथ बेहतर स्थिरता चाहते हैं, उनके लिए यह देश अच्छा हो सकता है। लेकिन जो लोग तेजी से करियर ग्रोथ, बिजनेस विस्तार और अधिक कमाई की तलाश में हैं, उन्हें फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं का गंभीरता से मूल्यांकन करना चाहिए।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी देश में रहने का अनुभव व्यक्ति की नौकरी, आय, शहर, परिवार, कौशल और व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के अनुभव को सभी पर समान रूप से लागू नहीं माना जा सकता।


