गाजियाबाद के मोदीनगर में 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के विवाद में बेटे ने कथित तौर पर अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। जानें पुलिस जांच, आरोपी की तलाश और पूरे मामले की अहम जानकारी।
Highlights
- गाजियाबाद के मोदीनगर में संपत्ति विवाद में पिता की कथित हत्या
- 150 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर हुआ था विवाद
- आरोपी बेटा शराब के नशे में घर पहुंचा था
- पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई
- 2018 में भी छोटे भाई पर गोली चलाने का आरोप
Son Kills Father: संपत्ति के लालच ने उजाड़ दिया परिवार
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कथित तौर पर 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के विवाद में 32 वर्षीय बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब के नशे में घर पहुंचा था और पिता से बहस के बाद उसने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
कौन थे हरिओम चौधरी?
मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के रूप में हुई है। वह मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुढ़ाना गांव के निवासी थे और इलाके के संपन्न किसानों में उनकी गिनती होती थी।
पुलिस के मुताबिक उनके परिवार में पत्नी अनीता, बड़ा बेटा निखिल और छोटा बेटा नीशू हैं। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
150 करोड़ रुपये की संपत्ति बनी विवाद की वजह
प्रारंभिक जांच के अनुसार हरिओम चौधरी के पास करीब 75 बीघा कृषि भूमि थी। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ रोड पर उनका एक व्यावसायिक मार्केट भी बताया जाता है। पुलिस के अनुसार उनकी कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 150 करोड़ रुपये है।
बताया जा रहा है कि हरिओम चौधरी पहले ही अपने बड़े बेटे निखिल के नाम 25 बीघा जमीन और मार्केट की कुछ दुकानें कर चुके थे। हालांकि आरोपी बाकी संपत्ति भी अपने नाम करवाना चाहता था, लेकिन पिता ने इससे इनकार कर दिया था।
शराब के नशे में घर पहुंचा, फिर चली गोलियां
पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात हरिओम चौधरी अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाने के बाद घर पर मौजूद थे। इसी दौरान बड़ा बेटा निखिल शराब के नशे में घर पहुंचा।
पिता ने जब उसकी शराब पीने की आदत को लेकर नाराजगी जताई तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि निखिल ने अपनी पिस्तौल निकाल ली और पिता पर फायरिंग कर दी।
बताया जा रहा है कि पहली गोली हरिओम चौधरी के चेहरे पर लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद भी आरोपी नहीं रुका और उसने चेहरे, सीने तथा पेट पर कई गोलियां दाग दीं। पुलिस के अनुसार मृतक के शरीर पर 4 से 6 गोलियों के निशान मिले हैं।
वारदात के बाद आरोपी हथियार लेकर मौके से फरार हो गया।
पहले भी हिंसक रहा है आरोपी
जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी का व्यवहार पहले भी हिंसक रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वह शराब का आदी था और अक्सर परिवार के साथ विवाद करता था।
पुलिस का कहना है कि वर्ष 2018 में भी उसने अपने छोटे भाई नीशू पर कथित तौर पर गोली चलाई थी। अब उस पुराने मामले की भी दोबारा जांच की जा रही है।
पुलिस ने बनाई चार विशेष टीमें
मोदीनगर के एसीपी भास्कर वर्मा के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है।
घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और हत्या में इस्तेमाल हथियार की भी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
जांच एजेंसियां फिलहाल कई बिंदुओं पर जांच कर रही हैं, जिनमें शामिल हैं—
- संपत्ति विवाद का वास्तविक कारण
- आरोपी की शराब की लत और पारिवारिक विवाद
- हत्या में इस्तेमाल हथियार का स्रोत
- पुराने विवाद और 2018 के गोलीकांड का रिकॉर्ड
- परिवार के अन्य सदस्यों के बयान
परिवार में पसरा मातम
इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार हरिओम चौधरी क्षेत्र के प्रतिष्ठित किसान थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि संपत्ति का विवाद इतना भयावह रूप ले लेगा कि बेटा अपने ही पिता की जान ले लेगा।
निष्कर्ष
गाजियाबाद के मोदीनगर की यह घटना पारिवारिक रिश्तों और संपत्ति विवाद के गंभीर परिणामों की एक दर्दनाक मिसाल बनकर सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।


