Dixon Tech Share Price: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज (इंडिया) के शेयरों में 16 जुलाई को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 7% तक उछल गया, हालांकि बाद में मुनाफावसूली के चलते बढ़त कुछ कम हो गई। बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह तीन प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों—HSBC, Motilal Oswal और Macquarie—द्वारा कंपनी के लिए टारगेट प्राइस बढ़ाना और मजबूत ग्रोथ आउटलुक पेश करना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की नई मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग इनसेंटिव स्कीम और Vivo Mobile India के साथ डिक्सन के ज्वाइंट वेंचर से कंपनी को आने वाले वर्षों में बड़ा फायदा मिल सकता है।
शेयर में 7% तक की तेजी
16 जुलाई को कारोबार की शुरुआत में डिक्सन टेक के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इंट्राडे में यह लगभग 7 फीसदी तक चढ़ गया। दोपहर के कारोबार में भी शेयर करीब 4.38% की बढ़त के साथ 14,259 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।
इससे पहले 15 जुलाई को भी कंपनी का शेयर करीब 2.5% की तेजी के साथ बंद हुआ था। लगातार दूसरे दिन आई तेजी से निवेशकों का भरोसा कंपनी पर और मजबूत हुआ है।
एक महीने में 17% से ज्यादा का रिटर्न
डिक्सन टेक के शेयरों ने पिछले एक महीने में शानदार प्रदर्शन किया है। इस अवधि में स्टॉक लगभग 17 फीसदी चढ़ चुका है। तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी बढ़कर करीब 83,770 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की नीतियों और नए ऑर्डर्स की संभावना के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
HSBC ने बढ़ाया टारगेट प्राइस
विदेशी ब्रोकरेज HSBC ने डिक्सन टेक के शेयर पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर 16,000 रुपये कर दिया है।
ब्रोकरेज का मानना है कि:
- सरकार की नई मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग इनसेंटिव स्कीम का सबसे बड़ा लाभ डिक्सन टेक को मिलेगा।
- कंपनी की उत्पादन क्षमता और ऑर्डर बुक मजबूत होगी।
- घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में डिक्सन की स्थिति और मजबूत होगी।
HSBC के अनुसार मौजूदा स्तर से शेयर में अभी भी करीब 17 फीसदी तक की संभावित तेजी की गुंजाइश बनी हुई है।
Vivo के साथ ज्वाइंट वेंचर बना बड़ा ट्रिगर
हाल ही में सरकार ने Vivo Mobile India के साथ डिक्सन टेक्नोलॉजीज के 51:49 हिस्सेदारी वाले ज्वाइंट वेंचर को मंजूरी दी है।
इस साझेदारी से कंपनी को कई बड़े फायदे मिलने की उम्मीद है:
- स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में बढ़ोतरी
- एंड्रॉयड स्मार्टफोन बाजार में मजबूत पकड़
- बड़े ग्लोबल ब्रांड्स के ऑर्डर मिलने की संभावना
- भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़ाने की रणनीति को समर्थन
विश्लेषकों का मानना है कि यह डील डिक्सन के लिए लंबी अवधि का महत्वपूर्ण ग्रोथ ड्राइवर साबित हो सकती है।
Motilal Oswal भी बुलिश
घरेलू ब्रोकरेज Motilal Oswal ने भी डिक्सन टेक पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है।
ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए 16,100 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार Vivo के साथ ज्वाइंट वेंचर कंपनी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है क्योंकि इससे उत्पादन क्षमता और बाजार हिस्सेदारी दोनों बढ़ेंगी।
Macquarie ने भी बढ़ाया लक्ष्य
विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने भी डिक्सन टेक पर भरोसा जताते हुए अपना टारगेट प्राइस 15,000 रुपये से बढ़ाकर 16,000 रुपये कर दिया है।
Macquarie का अनुमान है कि:
- Vivo के साथ साझेदारी से कंपनी की कमाई में तेज वृद्धि होगी।
- FY29 तक प्रति शेयर आय (EPS) लगभग तीन गुना हो सकती है।
- आने वाले वर्षों में कंपनी की आय और मुनाफे में मजबूत विस्तार देखने को मिलेगा।
एनालिस्ट्स की राय क्या कहती है?
डिक्सन टेक को कवर करने वाले कुल 33 एनालिस्ट्स में से:
- 24 एनालिस्ट्स ने Buy की सलाह दी है।
- 3 एनालिस्ट्स ने Hold की सलाह दी है।
- 6 एनालिस्ट्स ने Sell की रेटिंग दी है।
यानी अधिकांश विशेषज्ञ अभी भी कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं।
बाजार का माहौल भी रहा सकारात्मक
16 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी का माहौल देखने को मिला।
- निफ्टी 50 करीब 73 अंक की बढ़त के साथ 24,151 के आसपास कारोबार करता दिखा।
- सेंसेक्स लगभग 280 अंक चढ़कर 77,465 के स्तर पर पहुंच गया।
- हालांकि बैंक निफ्टी में हल्की कमजोरी दर्ज की गई।
बाजार की सकारात्मक धारणा का भी डिक्सन टेक के शेयरों को समर्थन मिला।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सरकार की नई मैन्युफैक्चरिंग नीति, Vivo के साथ ज्वाइंट वेंचर और लगातार बढ़ते ब्रोकरेज टारगेट इस बात का संकेत देते हैं कि डिक्सन टेक फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सबसे चर्चित कंपनियों में बनी हुई है। हालांकि, शेयर हाल के दिनों में काफी तेजी दिखा चुका है, इसलिए नए निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, जोखिम और अपने वित्तीय सलाहकार की राय पर भी विचार करना चाहिए।


