नई दिल्ली: भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी है। लंबे समय से विनिवेश (Disinvestment) की प्रक्रिया में शामिल IDBI बैंक को आखिरकार खरीदार मिल गया है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने कनाडा की Fairfax Financial Holdings की बोली को मंजूरी दे दी है और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है। इस डील का आकार करीब 5.5 अरब डॉलर (लगभग ₹53,000 करोड़) बताया जा रहा है, जो भारतीय बैंकिंग इतिहास की सबसे बड़ी विदेशी निवेश डील में शामिल हो सकती है।
इस डील के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह हैं भारतीय मूल के अरबपति निवेशक प्रेम वत्स (Prem Watsa), जिन्हें दुनिया “कनाडा का वॉरेन बफेट” भी कहती है। आइए जानते हैं कि आखिर प्रेम वत्स कौन हैं, उन्होंने अपनी सफलता की कहानी कैसे लिखी और भारत में उनका निवेश कितना बड़ा है।
Highlights
- IDBI बैंक में सरकार की हिस्सेदारी खरीद सकती है Fairfax Financial Holdings।
- डील का आकार करीब 5.5 अरब डॉलर (₹53,000 करोड़) माना जा रहा है।
- Fairfax के चेयरमैन और CEO हैं भारतीय मूल के Prem Watsa।
- प्रेम वत्स को निवेश की दुनिया में “Canada’s Warren Buffett” कहा जाता है।
- भारत सरकार उन्हें पद्मश्री से सम्मानित कर चुकी है।
कौन हैं प्रेम वत्स?
प्रेम वत्स का जन्म 5 अगस्त 1950 को हैदराबाद के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। शुरुआती शिक्षा भारत में पूरी करने के बाद उन्होंने आईआईटी मद्रास (IIT Madras) से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की।
उच्च शिक्षा और बेहतर अवसरों की तलाश में वे 1970 के दशक की शुरुआत में कनाडा चले गए। वहां उन्होंने University of Western Ontario (अब Western University) से MBA किया। यही शिक्षा उनके वित्तीय करियर की मजबूत नींव साबित हुई।
कैसे शुरू हुआ निवेश की दुनिया का सफर?
प्रेम वत्स ने वर्ष 1974 में Confederation Life Insurance Company से अपने करियर की शुरुआत की। यहां उन्होंने निवेश पोर्टफोलियो और रिसर्च से जुड़े कार्य किए। इसी दौरान उन्हें इंश्योरेंस और कैपिटल मार्केट की गहरी समझ मिली।
कुछ वर्षों बाद उन्होंने अपनी खुद की निवेश सलाहकार कंपनी Hamblin Watsa Investment Counsel Ltd. की स्थापना की, जिसने आगे चलकर उनकी निवेश रणनीति को नई पहचान दिलाई।
Fairfax Financial Holdings की स्थापना
साल 1985 में प्रेम वत्स ने Fairfax Financial Holdings की स्थापना की। शुरुआत एक छोटी वित्तीय कंपनी के रूप में हुई, लेकिन आज Fairfax दुनिया की प्रमुख इंश्योरेंस और निवेश होल्डिंग कंपनियों में गिनी जाती है।
कंपनी बीमा, री-इंश्योरेंस, निवेश प्रबंधन और वैश्विक वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय है। इसके निवेश उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया और भारत सहित कई देशों में फैले हुए हैं।
क्यों कहा जाता है “कनाडा का वॉरेन बफेट”?
प्रेम वत्स की निवेश रणनीति Value Investing पर आधारित है। वे मजबूत बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों में लंबी अवधि के लिए निवेश करने में विश्वास रखते हैं।
उनकी सोच और निवेश शैली काफी हद तक अमेरिकी दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट से मिलती-जुलती है। इसी कारण वैश्विक निवेश जगत उन्हें “Canada’s Warren Buffett” के नाम से जानता है।
भारत में Fairfax के बड़े निवेश
भारत हमेशा से प्रेम वत्स की निवेश रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। Fairfax ने कई प्रमुख भारतीय कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश किया है।
इनमें प्रमुख हैं:
- CSB Bank में बड़ी हिस्सेदारी
- IIFL Capital में निवेश
- बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में महत्वपूर्ण इक्विटी हिस्सेदारी
- इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में कई निवेश
अगर IDBI बैंक की डील पूरी होती है तो यह भारत में Fairfax का अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग निवेश होगा।
IDBI बैंक डील क्यों है खास?
सरकार पिछले कई वर्षों से IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रही थी। इस डील के पूरा होने पर:
- सरकार और LIC अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे।
- बैंक में निजी प्रबंधन की भूमिका बढ़ेगी।
- बैंक को पूंजी, तकनीक और वैश्विक अनुभव का लाभ मिल सकता है।
- भारतीय बैंकिंग सेक्टर में विदेशी निवेश का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारत के बैंकिंग क्षेत्र में निजीकरण और विदेशी निवेश के लिहाज से एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।
कितनी है प्रेम वत्स की नेटवर्थ?
Forbes के अनुसार प्रेम वत्स की अनुमानित नेटवर्थ करीब 2.6 अरब डॉलर (लगभग ₹25,000 करोड़) है। वे कनाडा के सबसे अमीर भारतीय मूल के उद्योगपतियों और निवेशकों में शामिल हैं।
उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर वैश्विक वित्तीय जगत में भी शीर्ष स्थान हासिल किया जा सकता है।
पद्मश्री से हो चुके हैं सम्मानित
भारत के आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने प्रेम वत्स को पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा है। वे भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने वाले प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते हैं।
आगे क्या होगा?
हालांकि सरकार की ओर से IDBI बैंक की बिक्री को लेकर अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन यदि Fairfax Financial Holdings के साथ यह सौदा पूरा होता है तो यह भारत के बैंकिंग इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण डील में शामिल होगा। इसके साथ ही प्रेम वत्स का नाम भारतीय बैंकिंग सेक्टर में पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली बन जाएगा।


