India-UK FTA Effect on Stock Market: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अब लागू हो चुका है। इस ऐतिहासिक समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत-यूके के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार में 12 अरब डॉलर (लगभग $12 Billion) से अधिक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार के कई सेक्टर्स और उनसे जुड़ी कंपनियों पर भी देखने को मिल सकता है।
भारत-यूके FTA क्या है?
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Free Trade Agreement) दो देशों के बीच ऐसा व्यापारिक समझौता होता है, जिसमें दोनों देश कई वस्तुओं और सेवाओं पर आयात-निर्यात शुल्क (Tariff) कम या पूरी तरह समाप्त कर देते हैं। इससे कारोबार आसान होता है, कंपनियों की लागत घटती है और निर्यात बढ़ने की संभावना रहती है।
भारत-यूके FTA के तहत भारत से यूके भेजे जाने वाले 99% उत्पादों को जीरो-ड्यूटी एक्सेस मिलेगा। वहीं, भारत में यूके से आने वाले अधिकांश उत्पादों पर औसत आयात शुल्क 15% से घटकर लगभग 3% रह जाएगा। इससे दोनों देशों के उद्योगों और व्यापार को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
ऑटो सेक्टर को कैसे होगा फायदा?
इस समझौते में महंगी पेट्रोल (ICE) और कुछ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के आयात को लेकर विशेष प्रावधान किए गए हैं। हालांकि शुरुआती पांच वर्षों तक इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन वाहनों के लिए सीमित राहत रहेगी।
इसका असर खासतौर पर भारतीय ऑटो कंपनियों पर पड़ सकता है, जिनमें शामिल हैं—
- टाटा मोटर्स
- महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)
इन कंपनियों को प्रतिस्पर्धा और निर्यात अवसरों दोनों के लिहाज से फायदा मिल सकता है।
लेदर और फुटवियर कंपनियों को मिलेगा बड़ा मौका
भारत के लगभग सभी लेदर और फुटवियर उत्पादों पर यूके में लगने वाला टैरिफ समाप्त कर दिया गया है। इससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है।
इस सेक्टर की जिन कंपनियों पर निवेशकों की नजर रह सकती है, उनमें शामिल हैं—
- मिर्जा इंटरनेशनल
- मेट्रो ब्रांड्स
मरीन प्रोडक्ट्स और फूड सेक्टर को भी होगा लाभ
FTA के तहत 95% से अधिक कृषि, मरीन और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों पर टैरिफ समाप्त कर दिया गया है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
इन कंपनियों पर बाजार की नजर रह सकती है—
- अवंती फीड्स
- Apex Frozen Foods
- Coastal Corporation
- Waterbase
अगर यूके में इन उत्पादों की मांग बढ़ती है तो इन कंपनियों के निर्यात और आय में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
शराब कंपनियों पर भी दिख सकता है असर
भारत ने समझौते के तहत यूके से आयात होने वाली व्हिस्की और जिन पर कस्टम ड्यूटी में चरणबद्ध कमी करने पर सहमति जताई है।
- मौजूदा 150% आयात शुल्क घटकर पहले 75% होगा।
- अगले 10 वर्षों में इसे 40% तक लाया जाएगा।
इसका असर भारतीय शराब उद्योग से जुड़ी कंपनियों पर भी पड़ सकता है। निवेशकों की नजर खासतौर पर इन शेयरों पर रहेगी—
- United Spirits
- Tilaknagar Industries
जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर को मिलेगा निर्यात का फायदा
भारत का यूके को जेम्स एंड ज्वैलरी निर्यात लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में यह करीब 94.1 करोड़ डॉलर का है, जबकि यूके हर साल लगभग 300 करोड़ डॉलर के ज्वैलरी उत्पाद आयात करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि FTA लागू होने के बाद अगले 2-3 वर्षों में भारत से इस सेक्टर का निर्यात दोगुना हो सकता है।
इससे जिन कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं—
- Titan Company
- Kalyan Jewellers
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
भारत-यूके FTA से निर्यात आधारित कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। ऑटो, लेदर, फुटवियर, फूड प्रोसेसिंग, मरीन प्रोडक्ट्स, जेम्स एंड ज्वैलरी और कुछ कंज्यूमर सेक्टर की कंपनियों पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। हालांकि किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और बाजार की स्थिति का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


